Ashok Kharat विवाद में घिरीं रूपाली चाकणकर ने दिया इस्तीफा, बोली- सच्चाई सामने आएगी
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता रूपाली चाकणकर ने पार्टी की महाराष्ट्र महिला शाखा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया.
रूपाली चाकणकर और अशोक खरात
Ashok Kharat Case: राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) की वरिष्ठ नेता रूपाली चाकणकर ने पार्टी की महाराष्ट्र महिला शाखा के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया. उनका यह कदम ऐसे समय आया है जब गिरफ्तार ज्योतिषी अशोक खरात से जुड़े विवादों को लेकर लगातार आलोचनाओं के घेरे में थीं. गौरतलब है कि यह इस्तीफा उन्होंने महाराष्ट्र राज्य महिला आयोग के अध्यक्ष पद से हटने के कुछ ही दिनों बाद दिया है.
दरअसल अशोक खरात के साथ रूपाली चाकणकर की कई तस्वीरें वायरल हुई थी जिनमें वे पूजा के दौरान उनके पैर धोते हुई भी दिखीं थीं. इसके बाद से लगातर उनको खरात के साथ जोड़कर देखा जा रहा है. खरात पर कई महिलाओं द्वारा यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर मामले दर्ज कराए जा चुके हैं और वो फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में है.
क्या बोली रूपाली चाकणकर?
अपने इस्तीफे के बाद रूपाली चाकणकर ने स्पष्ट किया कि उनका इस मामले से कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा “मैंने खरात मामले में पहले ही दिन अपना रुख स्पष्ट कर दिया था. उनके वित्तीय लेन-देन और उनके कदाचार के बीच दूर-दूर तक कोई संबंध नहीं है, आज भी मेरा रुख वही है. ये सभी मामले जांच के दौरान अवश्य सुलझ जाएंगे. बिना किसी सबूत के मीडिया के माध्यम से लगाए जा रहे झूठे और असत्य आरोप बेहद दुखद है. सच्चाई पूरी ताकत से सामने आएगी.”
क्या है रूपाली की मांग?
चाकणकर ने अपने इस्तीफे पत्र में राज्य सरकार के शीर्ष नेतृत्व से निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने की अपील की है. उन्होंने देवेंद्र फडणवीस, सुनेत्रा पवार और सदानंद वसंत दाते से इस मामले की पारदर्शी जांच कराने का अनुरोध किया. उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री पवार से फोन पर हुई बातचीत के बाद ही उन्होंने अपने पद से इस्तीफा देने का निर्णय लिया.
SIT जांच में क्या-क्या खुलासे?
खरात मामले की जांच कर रही विशेष जांच टीम (SIT) को पिछले पांच दिनों में 50 से अधिक कॉल प्राप्त हुए हैं. ये कॉल तब आए जब SIT ने लोगों से जानकारी साझा करने के लिए दो मोबाइल नंबर सार्वजनिक किए. जांच के दौरान पुलिस ने खरात के पास से एक रिवॉल्वर, 21 कारतूस और पांच खाली खोल बरामद किए हैं.
इसके अलावा 6 लाख रुपये नकद, दो लैपटॉप और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं. नासिक की अदालत के आदेश के बाद अशोक खरात को 29 मार्च तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है. जांच एजेंसियां इस मामले की हर कड़ी को जोड़ने में जुटी हैं, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे संभव हैं.




