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मेडिकल एडमिशन, बैंक अकाउंट में 10 लाख- आखिर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला कैसे बन गई NEET पेपर लीक में आरोपी

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में पुणे कनेक्शन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. ब्यूटी पार्लर चलाने वाली मनीषा वाघमारे और इंजीनियरिंग छात्र शेषराव सोलंकी को जांच एजेंसियों ने हिरासत में लिया है.

मेडिकल एडमिशन, बैंक अकाउंट में 10 लाख- आखिर ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला कैसे बन गई NEET पेपर लीक में आरोपी
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( Image Source:  X-@ANI )

NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले की जांच में अब पुणे कनेक्शन को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. जांच एजेंसियों ने पुणे से एक महिला को गिरफ्तार किया है. इसके साथ ही इंजीनियरिंग छात्र को भी हिरासत में लिया है. पुलिस का दावा है कि दोनों कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क में बिचौलियों की भूमिका निभा रहे थे.

बता दें, मंगलवार को एनटीएन ने 3 मई को हुए नीट एग्जाम को रद्द कर दिया था. इस मामले में सीबीआई जांच कर रही है. कई लोगों की गिरफ्तारी की जा चुकी है.

पुलिस ने किन लोगों को हिरासत में लिया है?

पुलिस के अनुसार, हिरासत में ली गई महिला की पहचान 47 वर्षीय Manisha Waghmare के रूप में हुई है. वह पुणे के बिबवेवाड़ी इलाके के सुखसागर नगर की रहने वाली हैं और एक ब्यूटी पार्लर चलाती हैं. पुलिस ने बताया कि उनके पति पेशे से डेंटिस्ट हैं. वहीं दूसरे संदिग्ध की पहचान Sheshrao Solanki के रूप में हुई है. वह पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में सेकेंड ईयर का इंजीनियरिंग छात्र है.

जांच में क्या आया सामने?

जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों कथित तौर पर NEET पेपर लीक रैकेट में मिडिलमैन यानी बिचौलियों के रूप में काम कर रहे थे. पुलिस का कहना है कि दोनों मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की पहचान करते थे, उनसे पैसे इकट्ठा करते थे और फिर उन्हें कथित पेपर लीक नेटवर्क से जुड़े आरोपियों से जोड़ते थे.

अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी पता चला है कि दोनों सोशल मीडिया के जरिए दूसरे आरोपियों के संपर्क में थे. जांच के दौरान अधिकारियों को पता चला कि मनीषा वाघमारे पिछले करीब तीन वर्षों से इस मामले के मुख्य आरोपी माने जा रहे Dhananjay Lokhande के संपर्क में थीं.

जांच के आधार पर पुणे पुलिस ने बुधवार सुबह मनीषा वाघमारे को हिरासत में लिया. प्रारंभिक पूछताछ के बाद उन्हें CBI के हवाले कर दिया गया. वहीं इंजीनियरिंग छात्र शेषराव सोलंकी से अब भी पूछताछ जारी है और एजेंसियां मामले में उसकी कथित भूमिका की जांच कर रही हैं.

मनीषा के पास 10 लाख?

Amitesh Kumar ने बताया कि दोनों को संदेह के आधार पर हिरासत में लिया गया था. उन्होंने कहा कि ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला को बुधवार दोपहर करीब 2 बजे बिबवेवाड़ी के सुखसागर नगर स्थित उसके घर से हिरासत में लिया गया. पुलिस आयुक्त के मुताबिक, महिला के बैंक खाते की जांच के दौरान पता चला कि परीक्षा के समय 21 लोगों की ओर से उसके खाते में कुल लगभग 10 लाख रुपये जमा किए गए थे.

कैसे हुआ लीक करने वालों से कॉन्टैक्ट?

करीब दो साल पहले मनीषा वाघमारे ने अपनी बेटी को NEET-UG के जरिए मेडिकल कोर्स में दाखिला दिलाने की कोशिश की थी, लेकिन वह सफल नहीं हो पाई थीं. इसके बाद सोशल मीडिया पर मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलाने का दावा करने वाले एक विज्ञापन के जरिए उनका कुछ लोगों से संपर्क हुआ. जांच एजेंसियों का दावा है कि बाद में वह कथित तौर पर मेडिकल अभ्यर्थियों की जानकारी उन लोगों तक पहुंचाने लगीं और काउंसलिंग व एडमिशन प्रक्रिया के जरिए कमीशन कमाने का काम करने लगीं.

धनंजय लोखंडे के बारे में क्या जानकारी आई सामने?

पुलिस के मुताबिक, धनंजय लोखंडे पिछले चार से पांच वर्षों से पुणे के वाघोली इलाके में रह रहा था. मंगलवार को पुलिस ने उसकी लोकेशन वाघोली में ट्रैक की थी, लेकिन पुलिस टीम के पहुंचने से पहले ही वह कथित तौर पर वहां से भाग निकला.

इसके बाद CBI ने स्थानीय पुलिस की मदद से देर रात एक विशेष ऑपरेशन चलाया और अहिल्यानगर जिले के राहुरी इलाके से उसे हिरासत में लिया. इस कार्रवाई के दौरान दो अन्य संदिग्धों को भी पकड़ा गया.

पुणे पुलिस के अनुसार, 22 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र को पुणे क्राइम ब्रांच ने मंजरी इलाके में स्थित एक पेइंग गेस्ट (PG) सुविधा से हिरासत में लिया. वह अपनी पढ़ाई के सिलसिले में वहां रह रहा था. अमितेश कुमार ने कहा कि हिरासत में लिए गए चारों लोग सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय थे और दूसरे संदिग्धों के साथ लगातार संपर्क में थे.

दो आयुर्वेद डॉक्टर्स के नाम आए सामने?

पुलिस ने यह भी बताया कि मामले में जिन दो आयुर्वेद डॉक्टर्स के नाम सामने आए हैं, उन्होंने महाराष्ट्र के बाहर स्थित कॉलेजों से पढ़ाई की थी. जांच अधिकारियों के मुताबिक, इन लोगों ने अपने संपर्कों का एक नेटवर्क तैयार कर रखा था और एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही हैं. फिलहाल CBI और अन्य जांच एजेंसियां NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले से जुड़े सभी संभावित लिंक, पैसों के लेनदेन और सोशल मीडिया कनेक्शन की गहराई से जांच कर रही हैं.

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