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मेघालय खदान हादसा: मौत का आंकड़ा पहुंचा 30, अब भी 50 से ज्यादा मजदूर फंसे; खदान मालिक समेत 2 गिरफ्तार, TOP UPDATES

मेघालय की अवैध कोयला खदान में हुए भीषण हादसे में 30 मजदूरों की मौत हो चुकी है, जबकि 50 से ज्यादा लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका है. SDRF-NDRF की टीमें राहत कार्य में जुटी हैं.

Meghalaya Coal Mine Accident photo
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मेघालय में अवैध खदान हादसे में 30 मजदूरों की मौत

( Image Source:  ANI )

Meghalaya Illegal Coal Mine Accident: मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले में एक अवैध कोयला खदान में हुए भीषण हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक दुर्घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है. राहत और बचाव कार्य के दूसरे दिन 12 और शव बरामद किए गए, जबकि गुरुवार को खदान से 18 शव निकाले गए थे.

जिला प्रशासन के मुताबिक, खदान के भीतर अब भी 50 से ज्यादा मजदूरों के फंसे होने की आशंका है. वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह संख्या 200 से अधिक बताई जा रही है. हालांकि खदान में काम कर रहे मजदूरों की सटीक संख्या अब तक स्पष्ट नहीं हो पाई है.

असम के 9 मजदूरों की हुई मौत

इस हादसे में असम के 9 मजदूरों की मौत की पुष्टि हुई है. मृतकों में अनवारा हुसैन और दिलदार हुसैन भी शामिल हैं, जो राजपुर गांव के रहने वाले सगे भाई-भतीजे थे. इसके अलावा चंडीपुर के भी दो मजदूर खदान में मौजूद थे. अब तक जिन शवों की पहचान हुई है, वे सभी हाईलाकांदी जिले के काटीगढ़ा क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं.

नेपाल के नागरिक भी मृतकों में शामिल

सूत्रों के मुताबिक, मृतकों में नेपाल के नागरिकों के शामिल होने की भी खबर है. हादसे में गंभीर रूप से घायल सैदुर रहमान और निम्मान उद्दीन को सिलचर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी हालत नाजुक बनी हुई है.

मेघालय अवैध खनन हादसे के बाद रोते बिलखते मजदूरों के परिजन

रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रहीं दिक्कतें

SDRF और NDRF की टीमें लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही हैं, लेकिन खदान के भीतर हालात बेहद खतरनाक बताए जा रहे हैं. ऑक्सीजन की कमी और पानी भरने से रेस्क्यू ऑपरेशन में भारी दिक्कतें आ रही हैं.

घटनास्थल पर खड़े लोग

कितने लोगों को किया गया गिरफ्तार?

इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिन्हें अवैध कोयला खदान का मालिक बताया जा रहा है. मेघालय हाईकोर्ट के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है. अदालत ने खनन में इस्तेमाल किए गए सभी उपकरण जब्त करने के आदेश भी दिए हैं. आरोपियों को 9 फरवरी को कोर्ट में पेश किया जाएगा.

रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे NDRF-SDRF कर्मी

क्या मेघालय में पहले भी हुए ऐसे हादसे?

गौरतलब है कि मेघालय में अवैध कोयला खनन का यह पहला मामला नहीं है. राज्य में अब तक 1000 से ज्यादा अवैध खनन मामलों में केस दर्ज हो चुके हैं. वर्ष 2012 में दक्षिण गारो हिल्स में हुए ऐसे ही हादसे में 15 मजदूरों की जान गई थी. इसके बाद 2014 में NGT ने रेट-होल माइनिंग पर प्रतिबंध लगाया था, लेकिन इसके बावजूद अवैध खनन आज भी जारी है.

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