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ईरान से चीन जा रहा था LPG का जहाज, फिर समुद्र के बीच कैसे भारत ने खरीद लिया?-Detailed

भारत में LPG की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिससे देशवासियों को थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कई सालों के बाद भारत ने एक बार फिर ईरान से एलपीजी की खरीद की है.

India Iran LPG deal Hormuz Strait
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India Iran LPG deal

( Image Source:  AI: Sora )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर4 Mins Read

Updated on: 26 March 2026 10:29 AM IST

Iran-Israel War: मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का कोई अंत फिलहाल देखने को मिल नहीं रहा है. अमेरिका-इजरायल लगातार ईरान पर हमला कर रहे हैं तो वहीं ईरान भी डटकर सामना और जवाब दे रहा है. जंग के बीच ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद कर दिया था, जिसके चलते दुनियाभर में गैस-तेल की कमी देखने को मिल रही है. इसका सीधा असर भारत पर भी देखने को मिल रहा है. भारत में LPG की कमी के चलते लोगों को काफी परेशानी हो रही है. इस बीच एक ऐसी खबर सामने आई है जिससे देशवासियों को थोड़ी राहत जरूर मिल सकती है. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक कई सालों के बाद भारत ने एक बार फिर ईरान से एलपीजी की खरीद की है.

यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो रही है और देश गंभीर गैस संकट का सामना कर रहा है. बताया जा रहा है कि यह खरीद उस समय संभव हो सकी, जब डोनाल्ड ट्रेप प्रशासन की ओर से तेल और गैस की कीमतों को स्थिर रखने के लिए 30 दिनों की प्रतिबंध छूट दी गई. पश्चिमी प्रतिबंधों के चलते भारत ने साल 2019 में ईरान से ऊर्जा आयात पूरी तरह बंद कर दिया था.

भारत ने कैसी खरीदी LPG?

रिपोर्ट्स के अनुसार, जिस टैंकर से एलपीजी लाई जा रही है, वह मूल रूप से चीन की ओर जा रहा था. लेकिन बदले हालात के बीच इस खेप को भारत की ओर मोड़ दिया गया. प्रतिबंधित जहाज ‘अरोरा’ के मंगलौर बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद जताई गई है. सूत्रों के मुताबिक, यह सौदा एक व्यापारी के माध्यम से किया गया है और भुगतान भारतीय रुपये में किया जाएगा. इसके साथ ही, भारत भविष्य में ईरान से और एलपीजी खरीदने पर भी विचार कर रहा है.

भारत में किन कंपनियों को मिलेगी ये LPG?

इस एलपीजी खेप को देश की तीन प्रमुख सरकारी तेल कंपनियों इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड के बीच बांटा जाएगा. हालांकि, एक अधिकारी ने इस तरह की किसी खरीद की जानकारी होने से इनकार किया है.

सरकार ने क्या दी सफाई?

Federal Shipping Ministry के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, "ईरान से मालवाहक जहाजों का कोई जत्था नहीं आया है, हमें इसकी कोई जानकारी नहीं है."

क्या गंभीर गैस संकट से जूझ रहा भारत?

भारत जो दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एलपीजी आयातक है, इस समय दशकों के सबसे बड़े गैस संकट का सामना कर रहा है. हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि सरकार को घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए औद्योगिक उपयोग में कटौती करनी पड़ी है. पिछले साल देश में कुल 33.15 मिलियन मीट्रिक टन एलपीजी की खपत दर्ज की गई, जिसमें से लगभग 60 प्रतिशत मांग आयात के जरिए पूरी की गई. इन आयातों का बड़ा हिस्सा मध्य पूर्व देशों से आता रहा है.

होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे एलपीजी कार्गो को निकालने के लिए भारत सक्रिय रूप से प्रयास कर रहा है. इसके तहत ‘शिवालिक’, ‘नंदा देवी’, ‘पाइन गैस’ और ‘जग वसंत’ जैसे चार टैंकरों को पहले ही स्थानांतरित किया जा चुका है. इसके अलावा, फारस की खाड़ी में खड़े खाली जहाजों में एलपीजी लोड करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है, ताकि आपूर्ति को जल्द से जल्द सामान्य किया जा सके.

ईरान इजरायल युद्ध
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