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'धोखेबाज' ट्रंप का प्रस्ताव मंजूर नहीं, फैसला हम करेंगे जंग कब खत्म होगी? ईरान ने सीजफायर के लिए रखी ये पांच शर्ते

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है. तेहरान ने साफ कहा कि जंग कब खत्म होगी, इसका फैसला वही करेगा, न कि डोनाल्ड ट्रंप या अमेरिका. ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को 'धोखा' बताते हुए उस पर भरोसा करने से इनकार कर दिया है. साथ ही युद्ध खत्म करने के लिए पांच कड़ी शर्तें रखी हैं.

धोखेबाज ट्रंप का प्रस्ताव मंजूर नहीं, फैसला हम करेंगे जंग कब खत्म होगी? ईरान ने सीजफायर के लिए रखी ये पांच शर्ते
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( Image Source:  Sora_ AI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी2 Mins Read

Updated on: 25 March 2026 11:19 PM IST

मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका को साफ संदेश दे दिया है कि युद्ध कब खत्म होगा, यह फैसला वही करेगा. अमेरिका के सीजफायर प्रस्ताव को ईरान ने 'बहुत ज्यादा' बताते हुए खारिज कर दिया है. इससे साफ है कि फिलहाल शांति की कोई आसान उम्मीद नहीं दिख रही.

ईरान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि अमेरिका पर भरोसा करना मुश्किल है, क्योंकि पहले भी बातचीत के दौरान धोखा मिला है. इसलिए तेहरान अब बिना अपनी शर्तें माने किसी भी समझौते के लिए तैयार नहीं है. इस वजह से युद्ध लंबा खिंच सकता है और इसका असर दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी पड़ सकता है.

क्या ईरान ने ट्रंप का प्रस्ताव ठुकरा दिया?

हां, ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका के दबाव में कोई फैसला नहीं करेगा. उसका कहना है कि युद्ध तभी खत्म होगा जब उसकी शर्तें पूरी होंगी. यानी जंग खत्म करने का समय और तरीका ईरान खुद तय करेगा. उसने यह भी कहा कि अमेरिका का प्रस्ताव भरोसेमंद नहीं है.

क्या हैं ईरान की शर्तें?

ईरान ने युद्ध खत्म करने के लिए पांच मुख्य शर्तें रखी हैं-

  1. अमेरिका और इजरायल की आक्रामक कार्रवाई और टारगेटेड किलिंग पूरी तरह बंद हो
  2. भविष्य में दोबारा हमला न हो, इसकी पक्की गारंटी मिले
  3. युद्ध से हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए
  4. पूरे क्षेत्र में सभी जगह लड़ाई खत्म हो
  5. होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के अधिकार को मान्यता मिले

ईरान का कहना है कि जब तक ये शर्तें पूरी नहीं होंगी, तब तक वह अपनी जवाबी कार्रवाई जारी रखेगा. ईरान ने यह भी आरोप लगाया है कि अमेरिका अपने प्रस्ताव बदलता रहता है और सिर्फ दबाव बनाने की कोशिश करता है. वहीं, तेहरान का कहना है कि वह अपने रुख पर कायम है और किसी भी हालत में पीछे नहीं हटेगा.

ईरान इजरायल युद्ध
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