DMK नाराज, माकपा ने मांगा जवाब; INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले क्या बिखर रही है विपक्षी एकता? Listical
INDIA गठबंधन की 8 जून की अहम बैठक से पहले विपक्षी एकता पर सवाल उठने लगे हैं. कांग्रेस नेता Jairam Ramesh ने गठबंधन को एकजुट बताया है, लेकिन DMK की अनुपस्थिति और CPI(M)-कांग्रेस के बीच बढ़ते मतभेदों ने नई राजनीतिक चर्चा छेड़ दी है.
INDIA गठबंधन की बैठक से पहले बढ़ी तकरार
8 जून को होने वाली INDIA गठबंधन की अहम बैठक से पहले विपक्षी राजनीति में हलचल तेज हो गई है. कांग्रेस का दावा है कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है और केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ सभी दल एक साथ खड़े हैं. हालांकि बैठक से पहले कई सहयोगी दलों की नाराजगी और आपसी मतभेद भी खुलकर सामने आ गए हैं.
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में 23 राजनीतिक दल हिस्सा लेंगे. उन्होंने कहा कि कुछ दल अपने-अपने कारणों से बैठक में शामिल नहीं हो पा रहे हैं, लेकिन वे भी मोदी सरकार की नीतियों का विरोध करते हैं और विपक्षी एकता के साथ खड़े हैं.
INDIA गठबंधन की बैठक से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- जयराम रमेश ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मतदाताओं के अधिकारों को कमजोर कर रही है, संविधान पर लगातार हमला कर रही है, विपक्षी नेताओं के खिलाफ जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है और महंगाई व बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर जनता को राहत देने में विफल रही है. उन्होंने कहा कि विविधताओं के बावजूद INDIA गठबंधन एकजुट है.
- हालांकि, बैठक से पहले सबसे बड़ा झटका DMK की ओर से आया है. तमिलनाडु की सत्तारूढ़ पार्टी ने इस बैठक में शामिल नहीं होने का फैसला किया है.
- DMK का आरोप है कि चुनाव के बाद कांग्रेस ने तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) का समर्थन कर गठबंधन धर्म का पालन नहीं किया. इसी वजह से दोनों दलों के रिश्तों में खटास आ गई है.
- DMK ने बैठक से दूरी बनाने के बावजूद साफ किया है कि वह राष्ट्रीय हित और जनता से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष की आवाज का समर्थन करती रहेगी, लेकिन उसकी गैरमौजूदगी ने विपक्षी एकता को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं.
- उधर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और TMC प्रमुख ममता बनर्जी बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंच चुकी हैं. उनके साथ पार्टी के वरिष्ठ नेता भी मौजूद हैं.
- यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पश्चिम बंगाल की राजनीति में TMC को हालिया चुनावी झटकों और आंतरिक असंतोष का सामना करना पड़ रहा है.
- रिपोर्ट्स के मुताबिक पार्टी के भीतर कई विधायक और सांसद नेतृत्व को लेकर असंतुष्ट बताए जा रहे हैं. इसी बीच TMC ने संगठन में कई अहम बदलाव भी किए हैं ताकि पार्टी को नए सिरे से मजबूत किया जा सके.
- दूसरी ओर CPI(M) ने भी कांग्रेस के खिलाफ अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है. पार्टी महासचिव M. A. Baby ने कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge को पत्र लिखकर केरल विधानसभा चुनाव के दौरान लगाए गए आरोपों पर स्पष्टीकरण मांगा है. एम.ए. बेबी ने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं ने बार-बार आरोप लगाया कि CPI(M) और BJP के बीच समझौता है. उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस के शीर्ष नेताओं ने यह मुद्दा चुनाव अभियान का प्रमुख हिस्सा बना दिया था.
- CPI(M) का कहना है कि INDIA गठबंधन का गठन भाजपा के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के लिए हुआ था, इसलिए सहयोगी दलों के बीच ऐसे आरोप चिंता का विषय हैं. हालांकि CPI(M) ने यह भी स्पष्ट किया है कि उसके सांसद जॉन ब्रिटास बैठक में हिस्सा लेंगे। यानी नाराजगी के बावजूद पार्टी फिलहाल गठबंधन से दूरी बनाने के मूड में नहीं है.
- इस बीच भाजपा ने भी विपक्षी खेमे पर निशाना साधा है. भाजपा नेताओं का कहना है कि INDIA गठबंधन जनता के बीच अपनी प्रासंगिकता खो चुका है. उसके सहयोगी दल आपस में ही एक-दूसरे पर सवाल उठा रहे हैं.
अब सबकी नजर 8 जून की बैठक पर है. यह बैठक सिर्फ भाजपा के खिलाफ रणनीति तय करने के लिए अहम नहीं है, बल्कि यह भी तय करेगी कि क्या INDIA गठबंधन अपने अंदरूनी मतभेदों को दूर कर एकजुट रह पाएगा या फिर आने वाले समय में उसके भीतर और दरारें देखने को मिल सकती हैं.




