अचानक कांपी धरती! भूटान में आया 5.6 तीव्रता का भूकंप, उत्तर बंगाल तक महसूस किए गए झटके, लोगों में मची अफरा-तफरी; 10 बड़ी बातें
भूटान में रविवार शाम 5.6 तीव्रता का भूकंप आया, जिसके झटके उत्तर बंगाल के कई इलाकों में महसूस किए गए. भूकंप की गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है.
Earthquake Hits Bhutan North Bengal: रविवार शाम भूटान में आए एक शक्तिशाली भूकंप के बाद उत्तर बंगाल के कई इलाकों में धरती कांप उठी. अचानक महसूस हुए झटकों से लोग घरों और इमारतों से बाहर निकल आए. कुछ जगहों पर लोगों ने पंखों, खिड़कियों और फर्नीचर को हिलते हुए महसूस किया, जिससे कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बन गया.
जर्मन रिसर्च सेंटर फॉर जियोसाइंसेज (GFZ) के अनुसार, भूकंप की तीव्रता रिक्टर स्केल पर 5.6 दर्ज की गई. इसका केंद्र भूटान में था और इसकी गहराई करीब 10 किलोमीटर बताई गई है. भूकंप के झटके भूटान के अलावा उत्तर बंगाल के कई हिस्सों में महसूस किए गए.
भूकंप से जुड़ी 10 बड़ी बातें
- शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की सूचना सामने नहीं आई है., स्थानीय प्रशासन और संबंधित एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं.
हिमालयी क्षेत्र भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील माना जाता है. इसलिए इस तरह के झटके समय-समय पर महसूस किए जाते हैं. भूकंप पृथ्वी की टेक्टोनिक प्लेटों के हिलने और आपस में टकराने के कारण आता है.
भारत में हिमालयी क्षेत्र और वैश्विक स्तर पर प्रशांत महासागर का तटीय क्षेत्र (रिंग ऑफ फायर) इसके लिए सबसे ज्यादा संवेदनशील हैं. रिक्टर स्केल पर 6.0 या उससे अधिक तीव्रता का भूकंप खतरनाक माना जाता है..
- रिंग ऑफ फायर (Ring of Fire) प्रशांत महासागर के चारों ओर का वह इलाका है, जहां दुनिया के लगभग 80% से 90% बड़े भूकंप आते हैं. इसमें जापान, फिलीपींस और अमेरिका का पश्चिमी तट शामिल है.
भारत में हिमालयी क्षेत्र, उत्तर-पूर्वी राज्य, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, और गुजरात का कच्छ क्षेत्र सबसे खतरनाक ज़ोन (Zone 5) में आते हैं, जहां भूकंप का सबसे ज़्यादा खतरा रहता है.
भूकंप के झटके महसूस होते ही तुरंत जमीन पर घुटनों के बल बैठ जाएं. किसी मजबूत टेबल या फर्नीचर के नीचे जाकर अपने सिर और गर्दन को ढकें. झटके रुकने तक उसे मजबूती से पकड़ कर रखें.
यदि आप किसी सुरक्षित और मजबूत इमारत से आसानी से बाहर निकल सकते हैं, तो तुरंत खुले मैदान में चले जाएं. यदि आप बाहर हैं, तो इमारतों, पेड़ों, होर्डिंग्स और बिजली के तारों/खंभों से काफी दूर हट जाएं.
बहुमंजिला इमारत से नीचे उतरने के लिए हमेशा सीढ़ियों का ही इस्तेमाल करें, लिफ्ट का बिल्कुल नहीं. वहीं, यदि आप गाड़ी चला रहे हैं, तो उसे किसी सुरक्षित और खुली जगह पर रोक दें और झटके रुकने तक अंदर ही बैठें. पुल या ओवरपास के नीचे गाड़ी न रोकें.
रिक्टर स्केल पर 5.0 से 5.9 तीव्रता का भूकंप कमजोर और पुरानी इमारतों को नुकसान पहुंच सकता है. वहीं, 6.0 से 6.9 तीव्रता वाले भूकंप को बड़ा और खतरनाक माना जाता है, इससे आबादी वाले इलाकों में मकान गिर सकते हैं और भारी नुकसान हो सकता है, जबकि 7.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले भूकंप अत्यंत विनाशकारी श्रेणी में आता है, इससे पूरी की पूरी इमारतें जमींदोज़ हो जाती हैं, सड़कें फट जाती हैं और भारी जान-माल की हानि होती है.
भूकंप के बाद विशेषज्ञों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी आपात स्थिति में प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है




