Explainer: मालवीय नगर अग्निकांड में कुक को बनाया जा रहा बलि का बकरा? उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से लेकर Ex-CM तक सपोर्ट में उतरे
दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड में गिरफ्तार किए गए होटल कुक केशव नेगी के समर्थन में अब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत खुलकर सामने आ गए हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या केशव को पूरे हादसे का जिम्मेदार ठहराकर 'बलि का बकरा' बनाया जा रहा है?
उत्तराखंड के केशव नेगी की गिरफ्तारी पर बढ़ा सियासी संग्राम
Malviya Nagar Fire Case Keshav Negi arrest Explainer : दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण अग्निकांड के बाद होटल में काम करने वाले उत्तराखंड मूल के केशव नेगी की गिरफ्तारी ने राजनीतिक रंग ले लिया है. उत्तराखंड के कई बड़े नेताओं और संगठनों का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले एक कर्मचारी को आरोपी बनाना उचित नहीं है. दूसरी ओर, पुलिस का कहना है कि जांच कानून के अनुसार चल रही है और सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है.
मामले ने तब और तूल पकड़ लिया जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री, पूर्व मुख्यमंत्री और क्षेत्रीय संगठनों ने सार्वजनिक रूप से केशव नेगी के समर्थन में बयान दिए. आइए जानते हैं कि किसने क्या कहा और विवाद आखिर क्यों बढ़ रहा है...
10 Points में जानिए किसने क्या कहा
1. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने क्या कहा?
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में उत्तराखंड के केशव नेगी की गिरफ्तारी के संबंध में आज दिल्ली की माननीय मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से बातचीत हुई. उन्होंने आश्वस्त किया है कि किसी भी निर्दोष व्यक्ति के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा और जांच पूरी तरह तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी. पूर्ण विश्वास है कि दिल्ली सरकार और संबंधित एजेंसियां निष्पक्ष जांच के माध्यम से सत्य को सामने लाएंगी. साथ ही केशव नेगी की पुत्री कनिष्का नेगी से भी बात कर उन्हें हर संभव सहायता हेतु आश्वस्त किया. हमारी सरकार देश भर में रह रहे सभी प्रवासी उत्तराखंडी भाई बहनों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है."
2. पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी समर्थन में उतरे
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत (टीएस रावत) ने कहा, "मालवीय नगर अग्निकांड प्रकरण में हमारी देवभूमि उत्तराखंड के केशव नेगी की गिरफ्तारी के संबंध में मेरी और गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी की दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से बातचीत हुई है. हमने मामले की निष्पक्ष, गहन एवं पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने को कहा है,... ताकि सत्य सामने आ सके और किसी निर्दोष के साथ अन्याय न हो. केशव नेगी को हम हरसंभव कानूनी सहयोग एवं न्याय दिलाने के प्रयास में उनके साथ खड़े रहेंगे. देवभूमि उत्तराखंड के लोग देश-विदेश में अपनी ईमानदारी, मेहनत और संस्कारों के लिए जाने जाते हैं. हम न्याय व्यवस्था पर पूर्ण विश्वास रखते हैं। दोषी को दंड मिले, लेकिन निर्दोष को न्याय अवश्य मिले. देवभूमि के सम्मान और सत्य की रक्षा के लिए हम सदैव प्रतिबद्ध हैं. जय उत्तराखंड!"
3. वीडियो जारी कर भी टीएस रावत ने रखा समर्थन
टीएस रावत ने एक वीडियो संदेश में कहा, "देवभूमि उत्तराखंड के लाल केशव नेगी को न्याय दिलाने के लिए हम कंधे से कंधा मिलाकर उनके साथ खड़े हैं. मुझे पूरा विश्वास है कि उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा."
4. उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप
उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व केंद्रीय अध्यक्ष काशी सिंह ऐरी ने कहा, "दिल्ली की भाजपा सरकार अपनी विफलताओं, लापरवाही और भ्रष्ट कार्यशैली पर पर्दा डालने के लिए पहाड़ के एक सीधे-सादे व्यक्ति केशव नेगी को बलि का बकरा बनाकर निशाना बना रही है. अपनी जवाबदेही से भागने वाली दिल्ली भाजपा सरकार अब होटल में कार्यरत एक निर्दोष कर्मचारी पर दोष मढ़कर अपने दामन को बचाने का प्रयास कर रही है."
5. 'क्या अपनी जान बचाना अपराध है?'
काशी सिंह ऐरी ने आगे कहा, "दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल में पिछले दिनों लगी भीषण आग की घटना में वहां बतौर शेफ कार्यरत उत्तराखंड मूल के केशव नेगी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. केशव नेगी का कसूर आखिर क्या है? केवल इतना कि जब होटल में भयावह आग लगी तो उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए वहां से बाहर निकलने का प्रयास किया और बाहर आ गए. क्या उनसे यह अपेक्षा की जा रही थी कि वे आग में जलकर अपनी जान गंवा देते केवल इसलिए कि वे उस होटल में नौकरी करते थे? किसी कर्मचारी को अपनी जान बचाने के लिए अपराधी ठहराना न केवल अन्यायपूर्ण है बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा भी है."
6. लाइसेंस और NOC पर भी उठाए सवाल
ऐरी ने कहा, "मालवीय नगर के जिस होटल में यह दुखद हादसा हुआ, उसका लाइसेंस दिल्ली भाजपा की एमसीडी ने जारी किया, फायर सेफ्टी एनओसी दिल्ली सरकार के संबंधित विभागों ने प्रदान की और अन्य सभी आवश्यक अनुमतियां भी दिल्ली सरकार के मंत्रालयों एवं विभागों द्वारा दी गईं. ऐसे में यदि सुरक्षा मानकों में कोई चूक हुई और लोगों की जान गई, तो उसकी नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी सीधे तौर पर दिल्ली भाजपा सरकार पर बनती है, लेकिन अपनी जवाबदेही स्वीकार करने के बजाय दिल्ली भाजपा सरकार एक साधारण पहाड़ी व्यक्ति को फंसाकर अपने अधिकारियों और जिम्मेदार लोगों को बचाने की कोशिश कर रही है."
7. उत्तराखंडियों की बड़ी आबादी का मुद्दा भी उठा
काशी सिंह ऐरी ने कहा, "दिल्ली के होटलों में उत्तराखंड के हजारों लोग शेफ और अन्य व्यवसाय में कार्यरत हैं तथा लाखों उत्तराखंडी दिल्ली में रहकर अपना जीवनयापन कर रहे हैं."
8. दिल्ली सरकार को ऐरी ने क्या चेतावनी दी?
ऐरी ने कहा, "हम दिल्ली की भाजपा सरकार को स्पष्ट चेतावनी देते हैं कि अपनी नाकामियों और भ्रष्ट व्यवस्था छुपाने के लिए उत्तराखंड के निर्दोष पहाड़ी व्यक्ति को फंसाने का कार्य ना करे."
9. मुख्यमंत्री धामी से काशी सिंह ऐरी ने क्या अपील की?
काशी सिंह ऐरी ने कहा, "हम उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर धामी जी से माँग करते हैं कि अपने समकक्ष दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता जी से बात करें और केशव नेगी को तुरंत रिहा करवाएं."
10. अब आगे क्या होगा?
फिलहाल मामले की जांच जारी है और दिल्ली पुलिस की ओर से अंतिम जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है. ऐसे में यह तय होना बाकी है कि केशव नेगी की भूमिका क्या थी और उनके खिलाफ क्या सबूत हैं, लेकिन इतना साफ है कि यह मामला अब केवल एक अग्निकांड नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन चुका है.
मालवीय नगर में कब लगी आग?
दक्षिण दिल्ली के मालवीय नगर के हौजरानी इलाके में स्थित 'फ्लोरिश स्टे' (Flourish Stay) नामक होटल-कम-गेस्ट हाउस में 3 जून (बुधवार) को सुबह करीब 8:30 से 8:50 बजे के बीच भीषण आग लगी थी. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं कई लोग गंभीर रूप से घायल हैं. मृतकों में 12 से ज्यादा विदेशी नागरिक (मुख्य रूप से अफ्रीका, नाइजीरिया और बांग्लादेश) शामिल हैं, जो पास के मैक्स अस्पताल में अपनों का इलाज कराने आए थे. इसके अलावा, गुरुग्राम के एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) विवेक अग्रवाल के परिवार के 8 सदस्यों की भी इस हादसे में मौत हो गई, जो अस्पताल में भर्ती अपने बुजुर्ग पिता की देखभाल के लिए वहां रुके थे.
अब तक क्या-क्या हुआ?
- पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार होटल के मुख्य शेफ केशव नेगी ने खुलासा किया है कि किचन में अचानक एक इलेक्ट्रिक स्टोव में विस्फोट हुआ था. घबराहट में उसने पूरी बिल्डिंग की मुख्य पावर सप्लाई (बिजली) काट दी. बिजली कटने से होटल का इलेक्ट्रिक लॉकिंग सिस्टम फेल हो गया, जिससे मुख्य गेट जाम हो गया और लोग अंदर ही फंस गए.
- जांच में सामने आया है कि इस 5 मंजिला इमारत के पास फायर विभाग की NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं थी. होटल को केवल 6 कमरे चलाने की अनुमति थी, लेकिन भ्रष्टाचार के चलते अवैध रूप से 25-26 कमरे बनाए गए थे. आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) न होने और खिड़कियों पर टफन ग्लास (मजबूत शीशे) लगे होने के कारण लोग बाहर नहीं निकल पाए.
- दिल्ली पुलिस ने लापरवाही बरतने और गैर-इरादतन हत्या के मामले के तहत होटल की इमारत के मालिक लवकेश बजाज और मुख्य शेफ केशव नेगी को गिरफ्तार कर लिया है.
- सरकार ने पूरी दिल्ली में अवैध होटलों, गेस्ट हाउस और नर्सिंग होम के खिलाफ एक महीने का विशेष जांच अभियान शुरू कर दिया है, जिसके तहत नियमों का उल्लंघन करने वालों के बिजली-पानी के कनेक्शन काटे जा रहे हैं.
- फायर ब्रिगेड के आने से पहले स्थानीय लोगों ने बहादुरी दिखाते हुए जान जोखिम में डाली. होटल के सामने गद्दे की दुकान चलाने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी और उनके बेटे ने अपनी दुकान के सारे नए गद्दे नीचे बिछा दिए, जिससे तीसरी-चौथी मंजिल से कूदकर कई लोगों की जान बच सकी.
- हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये के मुआवजे का ऐलान किया है.




