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मालवीय नगर अग्निकांड में क्या बिजली बंद करने से गई 21 लोगों की जान? कुक ने किया बड़ा खुलासा, FAQ से समझें पूरी ABCD

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे. अब इस मामले में गिरफ्तार होटल कुक के बयान ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

Malviya Nagar hotel fire
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Malviya Nagar hotel fire

( Image Source:  X/ @plus_hindi )

दिल्ली के मालवीय नगर में हुए भीषण होटल अग्निकांड ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. इस दर्दनाक हादसे में 21 लोगों की मौत हुई, जिनमें 13 विदेशी नागरिक भी शामिल थे. अब इस मामले में गिरफ्तार होटल कुक के बयान ने जांच एजेंसियों के सामने कई नए सवाल खड़े कर दिए हैं.

जांच के दौरान कुक केशव नेगी ने दावा किया है कि होटल की रसोई में मौजूद इलेक्ट्रिक स्टोव अचानक विस्फोट की तरह फट गया था, जिसके बाद आग तेजी से फैलने लगी. इसके बाद उसने घबराहट में होटल की मुख्य बिजली सप्लाई बंद कर दी. पुलिस को आशंका है कि यह फैसला होटल में फंसे कई लोगों के लिए जानलेवा साबित हुआ हो सकता है.

FAQ: दिल्ली होटल अग्निकांड से जुड़े बड़े सवाल और जवाब

पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार कुक केशव नेगी ने दावा किया है कि होटल की रसोई में मौजूद इलेक्ट्रिक स्टोव अचानक फट गया था. उसने बताया कि धमाके के बाद आग और धुआं तेजी से फैलने लगा, जिससे वहां अफरा-तफरी मच गई.

केशव नेगी के अनुसार, हादसे के बाद वह घबरा गया और उसने होटल की मुख्य बिजली सप्लाई बंद कर दी. उसने पुलिस को बताया कि आग लगने के बाद वह मौके से बाहर निकल गया था. उसने पूछताछ में कहा "जैसे ही मैंने इलेक्ट्रिक स्टोव चालू किया, कुछ ही देर बाद जोरदार धमाका हुआ."

प्रारंभिक जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि बिजली बंद होने से होटल का इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक सिस्टम काम करना बंद कर गया. इससे कई मेहमान अपने कमरों में फंस गए और समय रहते बाहर नहीं निकल सके. अधिकारियों का मानना है कि यदि बिजली सप्लाई चालू रहती तो कुछ लोगों को बाहर निकलने का मौका मिल सकता था.

इस दर्दनाक अग्निकांड में कुल 21 लोगों की मौत हुई है. मृतकों में 13 विदेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं. बड़ी संख्या में लोग धुएं और आग के बीच फंस गए थे.

जांच एजेंसियां आग के फैलने की वजहों की पड़ताल कर रही हैं. शुरुआती जानकारी के अनुसार रसोई क्षेत्र से शुरू हुई आग ने कुछ ही समय में होटल के अन्य हिस्सों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे निकासी का समय बेहद सीमित रह गया.

जांच के दौरान होटल के सुरक्षा इंतजाम भी जांच के दायरे में हैं. अधिकारियों को शक है कि फायर सेफ्टी और आपातकालीन निकासी व्यवस्था में गंभीर खामियां हो सकती हैं, जिसने हादसे को और भयावह बना दिया.

पुलिस होटल प्रबंधन, स्टाफ, फायर सेफ्टी व्यवस्था और इलेक्ट्रॉनिक डोर लॉक सिस्टम की भूमिका की गहन जांच कर रही है. यह भी पता लगाया जा रहा है कि हादसे के दौरान सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन किया गया था या नहीं.

जांच एजेंसियां इस संभावना की पड़ताल कर रही हैं कि बिजली बंद होने के बाद इलेक्ट्रॉनिक लॉक सिस्टम निष्क्रिय हो गया था. यदि यह तथ्य जांच में सही साबित होता है तो यह हादसे के सबसे महत्वपूर्ण कारणों में से एक माना जा सकता है.

हादसे के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या होटल में पर्याप्त फायर सेफ्टी उपकरण मौजूद थे, क्या कर्मचारियों को आपात स्थिति से निपटने का प्रशिक्षण दिया गया था और क्या मेहमानों के लिए सुरक्षित निकासी व्यवस्था उपलब्ध थी.

जांच रिपोर्ट के आधार पर होटल प्रबंधन, संबंधित कर्मचारियों और अन्य जिम्मेदार पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. पुलिस सभी तकनीकी और मानवीय पहलुओं की जांच कर रही है ताकि हादसे की वास्तविक वजह सामने लाई जा सके.

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