कभी जेब में नहीं थे सीडी खरीदने के पैसे फिर मिस यूनिवर्स को किया डेट; विवादों से लेकर जेल तक पहुंची Vikram Bhatt की कहानी
हॉरर फिल्मों के मास्टरमाइंड विक्रम भट्ट ने अपनी निजी जिंदगी के संघर्ष, चर्चित रिश्तों और कानूनी विवादों पर खुलकर की बात.
विक्रम भट्ट (Vikram Bhatt) बॉलीवुड के एक ऐसे फिल्म निर्माता और निर्देशक हैं, जिन्होंने पर्दे पर हॉरर और थ्रिलर का एक नया दौर शुरू किया. 'राज़' और '1920' जैसी फिल्मों से दर्शकों को डराने वाले विक्रम भट्ट की निजी जिंदगी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं रही है. आज वे अपनी हॉरर फिल्मों के लिए मशहूर हैं, लेकिन करियर के शुरुआती दौर में वे अपनी फिल्मों से ज्यादा अपने लव रिलेशनशिप और विवादों के कारण सुर्खियों में रहते थे. हाल ही में सिद्धार्थ कन्नन को दिए एक इंटरव्यू में विक्रम भट्ट ने अपनी जिंदगी के कई दिलचस्प और अनसुने पन्नों को पलटा.
सुष्मिता सेन के साथ रिश्ता
बात 1996 की है, जब विक्रम भट्ट अपनी पत्नी अदिति से अलग हो चुके थे. इसी दौरान वे महेश भट्ट की मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म 'दस्तक' में बतौर असिस्टेंट डायरेक्टर काम कर रहे थे. इसी फिल्म के सेट पर उनकी मुलाकात पूर्व मिस यूनिवर्स और अभिनेत्री सुष्मिता सेन से हुई. दोनों का यह रिश्ता उस दौर में मीडिया की सबसे बड़ी हेडलाइन बना था. हालांकि, यह रिश्ता ज्यादा वक्त तक नहीं चल पाया और जल्द ही दोनों का ब्रेकअप हो गया, लेकिन विक्रम के दिल में आज भी सुष्मिता के लिए बेहद सम्मान है. उस दौर को याद करते हुए विक्रम भट्ट ने बताया, 'मैं उस वक्त एक स्ट्रगलिंग निर्देशक था. सच कहूं तो मेरे पास ज़हर खाने के भी पैसे नहीं थे. एक तरफ मैं आमिर खान जैसे बड़े स्टार को डायरेक्ट कर रहा था और दूसरी तरफ मिस यूनिवर्स को डेट कर रहा था, लेकिन मेरी जेब पूरी तरह खाली थी. मैं कंगाल था, मुझे याद है कि मेरे पास गाने की सीडी खरीदने तक के पैसे नहीं हुआ करते थे. मैंने बिल्कुल एक फकीर की तरह जीवन जिया है.'
एक्स बॉयफ्रेंड भी कर चुके है तारीफ
दिलचस्प बात यह है कि सुष्मिता सेन के बारे में सिर्फ विक्रम ही नहीं, बल्कि उनके एक्स बॉयफ्रेंड और बिजनेसमैन ललित मोदी ने भी हमेशा अच्छी बातें कही हैं. जब ललित मोदी पर सुष्मिता को लेकर तरह-तरह के आरोप लगे, तो उन्होंने साफ किया था कि सुष्मिता बेहद स्वाभिमानी हैं और जब भी वे दोनों डेट पर जाते थे, तो सुष्मिता ही अक्सर सारा ख्याल रखती थी. विक्रम भट्ट का अनुभव भी सुष्मिता के साथ कुछ ऐसा ही सम्मानजनक रहा.
अमीषा पटेल के साथ प्यार और फिल्मों का सफर
सुष्मिता सेन के बाद विक्रम भट्ट की जिंदगी में एक और मशहूर एक्ट्रेस की एंट्री हुई अमीषा पटेल. अमीषा ने साल 2000 में ऋतिक रोशन के साथ ब्लॉकबस्टर फिल्म 'कहो ना... प्यार है' से अपने करियर की शुरुआत की थी. इसके ठीक दो साल बाद यानी 2002 में विक्रम भट्ट ने उन्हें फिल्म 'आप मुझे अच्छे लगने लगे' में निर्देशित किया. इस फिल्म के बाद विक्रम और अमीषा का अफेयर शुरू हुआ, जो साल 2002 से 2007 तक यानी करीब 5 साल चला. अपने इन असफल रिश्तों पर बात करते हुए विक्रम भट्ट ने बड़े ही व्यावहारिक अंदाज में कहा, 'मेरी जिंदगी में रिश्ते भले ही नहीं टिक पाए, लेकिन मेरी फिल्में हमेशा टिकी रहीं. मैंने अपनी फिल्मों में कुछ तो सही किया होगा. आज की जनरेशन शायद यह न जाने कि मैंने निजी जिंदगी में क्या किया या मैं किसके साथ था, लेकिन मेरी फिल्में सबको याद हैं. इसलिए मैं जानता हूं कि आखिर में केवल आपकी मेहनत ही आपको जीत दिलाती है.'
कानूनी मुसीबतें और जेल का सफर
विक्रम भट्ट की जिंदगी सिर्फ ग्लैमर और लव अफेयर्स तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि उन्हें एक बड़े कानूनी विवाद का भी सामना करना पड़ा. इस विवाद के कारण उन्हें और उनकी पत्नी श्वेतांबरी को काफी मुश्किलों से गुजरना पड़ा. यह पूरा मामला उदयपुर के 'इंदिरा आईवीएफ एंड फर्टिलिटी सेंटर' के संस्थापक अजय मुर्डिया की शिकायत से जुड़ा था. शिकायतकर्ता उदयपुर के निवासी थे, जिसके कारण यह मामला राजस्थान में चला और विक्रम भट्ट व उनकी पत्नी को उदयपुर की जेल में भी रहना पड़ा. 31 जनवरी को राजस्थान उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि उस समय उन्हें बेल देना 'उचित' नहीं होगा. इस झटके के बाद विक्रम भट्ट ने देश की सबसे बड़ी अदालत का दरवाजा खटखटाया. अगले ही महीने, सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश को पलट दिया और विक्रम व श्वेतांबरी को बड़ी राहत देते हुए जमानत मंजूर कर ली.




