Begin typing your search...

Vaibhav Sooryavanshi के लिए BCCI ने कौनसा बदल दिया नियम? याद आई साल 1989 वाली सचिन तेंदुलकर की कहानी

इंग्लैंड और आयरलैंड के आगामी दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अकेले नहीं जाएंगे. बीसीसीआई ने उनके माता-पिता को भी टीम के साथ यात्रा करने की अनुमति दी है.

Vaibhav Sooryavanshi
X

Vaibhav Sooryavanshi

( Image Source:  X/ @Vaibhavsooryava, @klrvikash )

आईपीएल 2026 में एक ही नाम हर किसी की जुबां पर रहा वो है वैभव सूर्यवंशी. भारत ही नहीं विदेशी दिग्गज भी इस 15 साल के विस्फोटक बल्लेबाज के मुरीद हो चुके हैं. हर कोई जल्द से जल्द से वैभव को टीम इंडिया के लिए खेलता देखना चाहता है, जिसकी शुरुआत भी हो चुकी है. वैभव सूर्यवंशी को इंग्लैंड और आयरलैंड के साथ होने वाली टी20 सीरीज के लिए टीम इंडिया में चुना गया है. वैभव ने आईपीएल 2026 में ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए 200 से ज्यादा के स्ट्राइक रेट से 700+ रन बनाकर ऑरेंज कैप अपने नाम की.

अब ऐसे ही प्रदर्शन की उम्मीद फैंस को वैभव से इंटरनेशनल क्रिकेट में होगी. वहीं अब वैभव के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल (BCCI) ने अपना एक नियम बदला है. जिसके चलते अब वैभव इस दौरे पर अकेले नहीं जाएंगे. इस घटना ने फैंस को साल 1989 की सचिन तेंदुलकर के डेब्यू की याद दिलाई है.

क्या है BCCI का फैसला?

इंग्लैंड और आयरलैंड के आगामी दौरे पर वैभव सूर्यवंशी अकेले नहीं जाएंगे. बीसीसीआई ने उनके माता-पिता को भी टीम के साथ यात्रा करने की अनुमति दी है. बोर्ड का मानना है कि इतनी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के दबाव और अचानक मिली लोकप्रियता के बीच परिवार की मौजूदगी युवा खिलाड़ी को मानसिक रूप से मजबूत बनाए रखने में मदद करेगी.

बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा "वह बच्चा है, इसलिए हमने उसके माता-पिता को उसके साथ आयरलैंड और इंग्लैंड जाने की इजाजत देने का फैसला किया है, ताकि वो उसके साथ रह सकें और उसे नए माहौल में ढलने में मदद कर सकें. बोर्ड उनका सभी खर्चा उठाएगा."

कैसे सचिन तेंदुलकर की याद दिलाता है यह फैसला?

वैभव सूर्यवंशी का मामला भारतीय क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर की शुरुआती यात्रा की याद दिलाता है. जब सचिन ने 1989 में पाकिस्तान दौरे पर भारतीय टीम के लिए पदार्पण किया था, तब उनकी उम्र केवल 16 साल थी. उस समय उनके बड़े भाई अजीत तेंदुलकर उनके साथ गए थे, जिन्होंने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के शुरुआती दबाव को संभालने में मदद की थी.

परिवार को लेकर BCCI के नियम क्या हैं?

बीसीसीआई ने विदेशी दौरों और लंबे टूर्नामेंटों के दौरान खिलाड़ियों के परिवारों की मौजूदगी को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश बनाए हुए हैं. नियमों के अनुसार खिलाड़ी पूरे दौरे के दौरान अपने परिवार के साथ नहीं रह सकते. यदि कोई सीरीज या टूर्नामेंट 45 दिनों से अधिक लंबा होता है, तो परिवार के सदस्य केवल 14 दिनों तक ही खिलाड़ी के साथ रह सकते हैं.

अगला लेख