ऑफिस का माहौल बना रहा है बीमार? मेंटल पीस बचाने के लिए अपनाएं ये 8 असरदार तरीके
ऑफिस की टॉक्सिसिटी सिर्फ काम ही नहीं बल्कि मानसिक स्वास्थ्य को भी प्रभावित करती है. जानिए ऐसे 8 आसान तरीके जो आपको तनाव, गॉसिप और बर्नआउट से बचाने में मदद कर सकते हैं.
ऑफिस हमारे जीवन का एक बहुत बड़ा हिस्सा होता है. दिन के 8 से 10 घंटे हम वहीं बिताते हैं. लेकिन जब यही जगह 'टॉक्सिक' हो जाए, तो जिंदगी तनाव से भर जाती है. ऑफिस की टॉक्सिसिटी का सीधा असर हमारे मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ता है. सुबह उठकर ऑफिस जाने के नाम से ही डर लगना, संडे की शाम को मंडे का एंग्जायटी होना, या सहकर्मियों की राजनीति से परेशान रहना. अगर आप भी ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं. ऑफिस का माहौल बदलना हमेशा आपके हाथ में नहीं होता, लेकिन खुद को उस माहौल से बचाना पूरी तरह आपके हाथ में है. यहां 8 आसान और असरदार तरीके दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप ऑफिस की टॉक्सिसिटी को हैंडल कर सकते हैं और अपनी मेंटल पीस को बचा सकते हैं.
1. 'काम' और 'निजी जिंदगी' के बीच एक मजबूत दीवार बनाएं
टॉक्सिक ऑफिस की सबसे बड़ी पहचान यह होती है कि वहां आपकी पर्सनल लाइफ की कोई कद्र नहीं होती. रात को बेवक्त ईमेल आना, वीकेंड पर काम का दबाव बनाना आम बात हो जाती है. काम के घंटे खत्म होने के बाद ऑफिस के लैपटॉप और नोटिफिकेशन को बंद करना सीखें. अगर बहुत जरूरी न हो, तो छुट्टी के दिन ऑफिस के कॉल्स न उठाएं. अपने सीनियर्स को प्यार से लेकिन साफ शब्दों में बताएं कि आप लॉग-ऑफ कर चुके हैं.
2. ऑफिस गॉसिप और गुटबाजी से दूरी बनाएं
जहरीले माहौल में लोग अक्सर दूसरों की बुराई करने, अफवाहें फैलाने या ग्रुप्स बनाने में लगे रहते हैं. इसमें शामिल होना शुरुआत में मजेदार लग सकता है, लेकिन अंत में यह आपकी ही मानसिक शांति छीन लेता है. जब भी आपके सामने किसी की पीठ पीछे बुराई हो रही हो, तो वहां से धीरे से खिसक लें. बस मुस्कुराएं और कहें, 'मुझे इस बारे में ज्यादा नहीं पता' या 'मेरा एक जरूरी काम पेंडिंग है'. गॉसिप का हिस्सा न बनकर आप बहुत सारे फालतू के ड्रामे से बच जाएंगे.
3. हर बात को दिल से न लगाएं
जब कोई बॉस या कुलीग चिल्लाता है या गलत व्यवहार करता है, तो हमें लगता है कि गलती हमारी है. लेकिन असल में, उनका वह व्यवहार उनके खुद के तनाव, असुरक्षा या खराब स्वभाव का नतीजा होता है. ऐसे में खुद को समझाएं कि 'यह उनकी समस्या है, मेरी नहीं'. उनके कड़वे शब्दों को अपने सेल्फ-एस्टीम पर हावी न होने दें. काम के फीडबैक को सुनें, लेकिन उनके पर्सनल अटैक या टौंट को एक कान से सुनकर दूसरे से निकाल दें.
4. अपनी शिकायतों और काम का लिखित रिकॉर्ड रखें
टॉक्सिक लोग अक्सर अपनी गलतियों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने में माहिर होते हैं. क्रेडिट चुराना या यह कह देना कि 'मैने तो ऐसा कहा ही नहीं था', वहां आम बात है. सुरक्षित रहने का सबसे अच्छा तरीका है लिखित सबूत हर जरूरी बातचीत, टास्क और अप्रूवल को ईमेल पर रखें. अगर वर्बल बात हुई है, तो उसके तुरंत बाद एक फॉलो-अप ईमेल भेजें जैसा कि हमारी बात हुई थी, मैं इस काम को ऐसे कर रहा हूं यह आपके मानसिक तनाव को कम करेगा क्योंकि आपके पास अपनी बेगुनाही का सबूत होगा.
5. ऑफिस के बाहर एक सपोर्ट सिस्टम बनाएं
जब हम दिन-रात ऑफिस के तनाव के बारे में सोचते हैं, तो हमारा दिमाग थक जाता है. ऐसे में आपको उन लोगों की जरूरत होती है जो आपको उस माहौल से बाहर निकाल सकें. इस तरह के तनाव से बाहर निकलने के लिए अपने परिवार, पुराने दोस्तों या पार्टनर से दिल की बात शेयर करें. ऑफिस की भड़ास ऑफिस के बाहर के लोगों के सामने निकालने से मन हल्का होता है. लेकिन ध्यान रहे, घर पर भी सिर्फ ऑफिस की ही बातें न करते रहें. जिंदगी के खुशनुमा पहलुओं पर भी चर्चा करें.
6. 'नो' कहना सीखें
टॉक्सिक वर्कप्लेस पर जो इंसान चुपचाप सारा काम करता जाता है, उस पर काम का बोझ और बढ़ा दिया जाता है. अपनी क्षमता से ज्यादा काम लेना आपको 'बर्नआउट' की तरफ ले जाता है. अगर आपके पास पहले से बहुत काम है और नया काम दिया जा रहा है, तो शालीनता से मना करें. आप कह सकते हैं, 'मैं अभी प्रोजेक्ट A पर काम कर रहा हूं अगर मैं यह नया काम लेता हूं, तो प्रोजेक्ट A की क्वालिटी खराब हो सकती है. आप बताइए मुझे किसे प्रायोरिटी देनी चाहिए?.
7. माइंडफुलनेस और सेल्फ-केयर अपनाएं
ऑफिस के तनाव को शरीर और दिमाग पर हावी होने से रोकने के लिए आपको खुद को रिचार्ज करना होगा. ऑफिस के बीच में हर दो घंटे पर 5 मिनट का ब्रेक लें, गहरी सांसें लें या थोड़ा टहलें. लंच डेस्क पर बैठकर काम करते हुए न करें, बल्कि किसी शांत जगह पर जाकर खाएं. ऑफिस के बाद कोई ऐसी हॉबी अपनाएं जो आपको खुशी दे, जैसे- म्यूजिक सुनना, जिम जाना, कुकिंग या डायरी लिखना.
8. एक 'एग्जिट प्लान' तैयार करें
अगर सारे उपाय अपनाने के बाद भी स्थिति नहीं सुधरती और आपका मानसिक स्वास्थ्य पूरी तरह बिगड़ रहा है, तो समझ लें कि वह जगह आपके रहने लायक नहीं है. कोई भी नौकरी आपकी मानसिक शांति और सेहत से बढ़कर नहीं है. चुपचाप अपना रिज्यूमे अपडेट करें. लिंक्डइन पर एक्टिव हों और नई नौकरियों के लिए अप्लाई करना शुरू करें. जब आपको पता होता है कि आप जल्द ही यहां से निकलने वाले हैं, तो मौजूदा ऑफिस का तनाव अपने आप कम लगने लगता है क्योंकि आपको दिखने लगता है कि यह स्थिति टेम्पररी है,




