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दिल्ली एयरपोर्ट पर तारिक रहमान के सलाहकार को क्यों रोका गया? बांग्लादेश ने जताई नाराजगी, बढ़ा कूटनीतिक तनाव-10 बड़ी बातें

बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान को दिल्ली एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए रोके जाने के बाद ढाका ने नाराजगी जताई है. हालांकि बाद में उन्हें प्रवेश की अनुमति मिल गई, लेकिन उन्होंने भारत में रुकने के बजाय वापस लौटने का फैसला किया.

Why Tarique Rahman’s Adviser Zahed Ur Rahman Was Stopped at Delhi Airport
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बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान और उनके सलाहकार 

( Image Source:  X/@sanatanihelp/@ishwarnjha )

भारत और बांग्लादेश के रिश्तों में एक नया कूटनीतिक विवाद सामने आया है. बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के सलाहकार जाहिद उर रहमान को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए रोके जाने के बाद ढाका ने भारत से अपनी नाराजगी जाहिर की है. हालांकि बाद में उन्हें भारत में प्रवेश की अनुमति मिल गई, लेकिन उन्होंने देश में दाखिल होने के बजाय वापस ढाका लौटने का फैसला किया.

बांग्लादेश सरकार ने इस घटना को 'अनपेक्षित और दुर्भाग्यपूर्ण' बताया है. ढाका ने भारतीय उप उच्चायुक्त पवन बाधे को तलब कर मामले पर स्पष्टीकरण मांगा है. यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब बांग्लादेश में BNP के नेतृत्व वाली नई सरकार बनने के बाद भारत और ढाका के रिश्ते नए दौर से गुजर रहे हैं.

पूरे विवाद की 10 बड़ी बातें

1. IGI एयरपोर्ट पर रोके गए जाहिद उर रहमान: बांग्लादेश PM के नीति और रणनीति मामलों के सलाहकार जाहिद उर रहमान रविवार शाम दिल्ली पहुंचे थे. उन्हें इमिग्रेशन जांच के दौरान करीब ढाई घंटे तक रोके जाने की खबर सामने आई.

2. भारत आने का मकसद क्या था? जाहिद उर रहमान भारत में होने वाली इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) की बैठक में हिस्सा लेने पहुंचे थे. यह बैठक विदेश मंत्रालय की मेजबानी में 15 और 16 जून को आयोजित होनी थी.

3. बाद में मिली एंट्री, लेकिन लौट गए ढाका: रिपोर्ट्स के अनुसार उच्च स्तर पर हस्तक्षेप के बाद उन्हें भारत आने की मंजूरी मिल गई थी, लेकिन उन्होंने दिल्ली में प्रवेश नहीं किया और कोलंबो के रास्ते वापस ढाका लौट गए.

4. ढाका ने जताई ‘गहरी निराशा’: बांग्लादेश के विदेश मंत्री खलीलुर रहमान ने घटना को 'अप्रत्याशित' और 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया. इसके बाद भारत के उप उच्चायुक्त को तलब किया गया.

5. क्या सुरक्षा कारण था वजह? कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि जाहिद उर रहमान का नाम कथित तौर पर सुरक्षा संबंधी वॉचलिस्ट में दिखाई दिया था. हालांकि भारत सरकार की तरफ से इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है.

6. कौन हैं जाहिद उर रहमान? जाहिद उर रहमान पेशे से डॉक्टर, लेखक और राजनीतिक विश्लेषक हैं. वह बांग्लादेश में लोकतंत्र, चुनाव और मानवाधिकार जैसे मुद्दों पर लिखते रहे हैं.

7. तारिह रहमान के करीबी: जाहिद उर रहमान बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान के करीबी माने जाते हैं. BNP सरकार बनने के बाद उनकी भूमिका को लेकर काफी चर्चा रही है.

8. भारत-बांग्लादेश रिश्तों के बीच क्यों अहम है घटना? यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि शेख हसीना सरकार के पतन के बाद दोनों देशों के संबंधों में बदलाव आया है. नई सरकार के साथ भारत नए समीकरण बनाने की कोशिश कर रहा है.

9. मोदी सरकार ने पहले बढ़ाया था संपर्क: बांग्लादेश की नई सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को शपथ समारोह में भेजा था. इस दौरान तारिक रहमान को भारत आने का निमंत्रण भी दिया गया था.

10. आगे क्या असर पड़ेगा? फिलहाल इस घटना से दोनों देशों के व्यापक संबंधों पर बड़ा असर पड़ने के संकेत नहीं हैं, लेकिन नई सरकार के दौर में भारत-बांग्लादेश संबंधों पर नजर रखने वाले विशेषज्ञ इस घटनाक्रम को अहम मान रहे हैं.

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