मध्य पूर्व में जारी ईरान-इजराइल तनाव और अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद वैश्विक राजनीति एक नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है. जिस ईरान को कई विश्लेषक शुरुआती झटकों के बाद कमजोर मान रहे थे, उसने जवाबी रणनीति और सैन्य तैयारियों से दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. इस पूरे घटनाक्रम ने न केवल अमेरिका और उसके सहयोगियों को नए सिरे से सोचने पर मजबूर किया है, बल्कि भारत, चीन और पाकिस्तान जैसे क्षेत्रीय खिलाड़ियों की भूमिका पर भी बहस तेज कर दी है. सवाल यह है कि क्या ईरान ने अपनी क्षमता से दुनिया को चौंका दिया है और इस संघर्ष में भारत की रणनीतिक स्थिति आखिर कहां खड़ी है?