Begin typing your search...

तारीक रहमान के लिए आसान नहीं होगा बांग्लादेश की कमान संभालना, आज शपथ के साथ ही सामने खड़ी होंगी दो बड़ी चुनौतियां

तारिक रहमान आज बांग्लादेश के प्रधानमंत्री की शपथ लेने वाले हैं. दशकों बाद बांग्लादेश को एक पुरुष प्रधानमंत्री मिलने वाला है. हालांकि, इस शपथ ग्रहण के बाद उनके लिए कई बड़ी चुनौतियां खड़ी हैं.

तारीक रहमान के लिए आसान नहीं होगा बांग्लादेश की कमान संभालना, आज शपथ के साथ ही सामने खड़ी होंगी दो बड़ी चुनौतियां
X
( Image Source:  X-@bdbnp78 )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 17 Feb 2026 7:59 AM

Tarique Rahman Oath Taking Ceremony: बांग्लादेश की राजनीति में बड़ा बदलाव होने जा रहा है. आम चुनाव में प्रचंड जीत के बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के अध्यक्ष तारिक रहमान मंगलवार, 17 फरवरी को शाम 4 बजे देश के नए प्रधानमंत्री के तौर पर शपथ लेंगे. जमात-ए-इस्लामी के खिलाफ भारी जीत के बाद यह पहली बार होगा जब रहमान प्रधानमंत्री पद संभालेंगे. लेकिन, बांग्लादेश जिस हालत में वहां से उसे सही कंडीशन में लाना रहमान के लिए काफी चैलेंजिंग होने वाला है.

13वें संसदीय चुनाव में रहमान की बीएनपी ने 297 में से 209 सीटें जीतीं, जबकि दक्षिणपंथी जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं. अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग को चुनाव लड़ने से प्रतिबंधित कर दिया गया था.

क्या भारत के साथ रिश्तों में आई थी खटास?

रहमान अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस की जगह लेंगे. यूनुस के कार्यकाल में ढाका और नई दिल्ली के संबंधों में उल्लेखनीय गिरावट आई थी, अगस्त 2024 में बड़े पैमाने पर सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बाद हसीना सरकार के पतन के बाद यूनुस ने कार्यभार संभाला था.

कैसे होगा तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह?

तारिक रहमान का शपथ ग्रहण समारोह परंपरा से हटकर संसद परिसर के साउथ प्लाजा में आयोजित होगा, न कि बंगाभवन में. राष्ट्रपति मोहम्मद शाहाबुद्दीन मंगलवार दोपहर जातीय संसद के साउथ प्लाजा में नए मंत्रिमंडल के सदस्यों को शपथ दिलाएंगे. सरकारी समाचार एजेंसी बीएसएस के मुताबिक, जातीय संसद सचिवालय की सचिव कनीज मौला ने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह मंगलवार शाम 4 बजे आयोजित किया जाएगा.

सुबह होने वाली संसदीय दल की बैठक क्यों है अहम?

इससे पहले मंगलवार को मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासिर उद्दीन सभी नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाएंगे. 13वीं जातीय संसद के सभी 297 सांसद पहले सांसद के रूप में और फिर संवैधानिक सुधार परिषद के सदस्य के रूप में शपथ लेंगे. बीएनपी ने संसद भवन में सुबह 11:30 बजे संसदीय दल की बैठक बुलाई है, जिसमें संसदीय दल के नेता का चुनाव होगा.

बीएनपी की स्थायी समिति के सदस्य सलाहुद्दीन अहमद ने कहा कि बहुमत दल के नेता के रूप में पार्टी अध्यक्ष तारिक रहमान ही प्रधानमंत्री होंगे. संवैधानिक प्रावधानों के मुताबिक, शपथ के तुरंत बाद बीएनपी सांसद अपने नेता का चुनाव करेंगे, जिन्हें सरकार गठन के लिए राष्ट्रपति आमंत्रित करेंगे.

क्या हैं रहमान के लिए दो बड़ी चुनौतियां?

बांग्लादेश में जो पिछले 2 सालों में हालात हुए हैं, ऐसे में तारिक के लिए कई बड़ी चुनौतियां सामने आने वाली हैं.इनमें से दो सबसे अहम अर्थव्यवस्था को संभालना और सुशासन को सुनिश्चित करना है. इसी बात का जिक्र उन्होंने मीडिया से भी बात करते हुए किया था. बांग्लादेश इस वक्त अपने बुरे दौर से गुज़र रहा है. कट्टरपंथी के इल्जाम लगने के साथ-साथ गिरती हुई अर्थव्यवस्था और लगातार हिंसा के मामले आना नई सरकार के लिए बड़ी चुनौती होने वाला है.

इसके साथ ही बेरोजगारी और युवाओं में बढ़ती आर्थिक असुरक्षा सामाजिक असंतोष को बढ़ा सकती है. राजनीतिक रूप से Bangladesh Nationalist Party और Awami League के बीच लंबे समय से चला आ रहा ध्रुवीकरण कानून-व्यवस्था और स्थिरता के लिए चुनौती बना हुआ है.

रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत से कौन होगा शामिल?

रहमान के शपथ ग्रहण समारोह में भारत की ओर से लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शामिल होंगे. उनके साथ विदेश सचिव विक्रम मिसरी और लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह के भी जाने की संभावना है. बीएनपी ने इस कार्यक्रम के लिए करीब 1,200 घरेलू और विदेशी मेहमानों को आमंत्रित किया है. मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू, तुर्की के अवर सचिव बेरिस एकिन्सी और श्रीलंका के स्वास्थ्य एवं जनसंचार मंत्री डॉ. नलिंदा जयतिस्सा भी समारोह में शामिल होंगे.

कौन है तारिक रहमान?

तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया और बीएनपी के संस्थापक दिवंगत राष्ट्रपति जियाउर रहमान के बेटे हैं. वह 17 साल तक लंदन में आत्मनिर्वासन में रहने के बाद दो महीने पहले स्वदेश लौटे हैं. उन्होंने अब तक कोई सार्वजनिक पद नहीं संभाला है. विश्लेषकों का कहना है कि पारिवारिक पृष्ठभूमि ने उन्हें राजनीतिक समझ दी है. जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि वह अवामी लीग के लाखों समर्थकों के साथ कैसे सामंजस्य स्थापित करेंगे, तो उन्होंने जवाब दिया, कानून के शासन को सुनिश्चित करके. उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिशोध की राजनीति के लिए कोई जगह नहीं है और राजनीतिक मतभेदों के आधार पर हमलों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.

बांग्लादेशवर्ल्‍ड न्‍यूज
अगला लेख