साधारण परिवार और असाधारण कामयाबी! कौन है बिहार का बेटा शुभम, जिसने JEE Main में हासिल किए 100 परसेंटाइल
बिहार के एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले शुभम ने जेईई मेन में 100 परसेंटाइल हासिल किए हैं. उन्होंने आर्थिक हालातों को हराते हुए स्कॉलरशिप हासिल की और फिर कोटा में इंजीनियरिंग एग्जाम की तैयारी की.
JEE Main Topper Shubham: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने जेईई मेन 2026 के प्रथम चरण का परिणाम जारी कर दिया है. इस बार परीक्षा में 12 अभ्यर्थियों ने 100 पर्सेंटाइल हासिल किए हैं. इन 12 टॉपर्स में बिहार के गया जी के नादरागंज निवासी शुभम कुमार का नाम भी शामिल हैं. शुभम बिहार में अव्वल रहे और देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया.
बिहार से करीब 60 हजार अभ्यर्थी इस एग्जाम में शामिल हुए थे, सभी 12 अभ्यर्थी जिन्होंने 100 पर्सेंटाइल प्राप्त किए, वे लड़के हैं और इनमें 11 जनरल कैटेगरी से हैं. पिछले दो सालों से बिहार के छात्रों को 100 पर्सेंटाइल नहीं मिल रहा था.
शुभम का कैसा रहा प्रदर्शन?
शुभम ने फिजिक्स और मैथ्स में पूरे 100 नंबर हासिल किए, जबकि केमिस्ट्री में 95 अंक हासिल किए. पहले अटैंप्ट में शानदार प्रदर्शन के बावजूद वह जेईई मेन के दूसरे फेज में भी शामिल होंगे. उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया से बातचीत में कहा,"मैं अपने पहले अटेम्प्ट के स्कोर से काफी खुश हूं, लेकिन अप्रैल में होने वाले दूसरे राउंड में फिर कोशिश करूंगा. मैं पूरी लगन के साथ तैयारी कर रहा हूं."
कौन हैं JEE में टॉप करने वाले शुभम?
शुभम बिहार के गया से हैं और उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई वहीं से की थी. शुभम ने नजरथ एकेडमी स्कूल से दसवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की. इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल से बारहवीं की पढ़ाई पूरी की. पिछले करीब एक वर्ष से वह राजस्थान के कोटा में रहकर इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर रहे थे. वह अपनी कामयाबी का श्रेय कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर अभ्यास को देते हैं.
शुभम एक मिडिल क्लास परिवार से आते हैं. उनके पिता शिव कुमार की हार्डवेयर की दुकान है और उनकी मां कंचन देवी गृहिणी हैं. शुभम ने बताया कि वह आईआईटी मुंबई से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई करना चाहते हैं. उनके पिता का कहना है कि शुभम ने पहले ऑनलाइन क्लास शुरू करना शुरू की थी. ऑनलाइन क्लास में बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उन्हें स्कॉलरशिप मिली, जिसके बाद वह कोटा स्थित एक संस्थान में ऑफलाइन कोचिंग लेने लगे.
वहीं से तैयारी कर उन्होंने जेईई मेन में यह सफलता हासिल की. उनकी बड़ी बहन प्रिया कुमारी भी जेईई में 5000 रैंक हासिल कर आईआईटी पटना में बीटेक कंप्यूटर साइंस से पढ़ाई कर रही है और वह पहले साल में है.
अपनी जीत पर क्या बोले शुभम?
कॉम्पिटिटिव परीक्षा और बोर्ड एग्जाम दोनों पर फोकस करने के सवाल पर शुभम ने कहा कि मुझे अब इसकी आदत हो गई है. मैं सिर्फ पढ़ाई पर ध्यान देता हूं और अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं. मैं पिछले एक साल से कोटा में कोचिंग क्लास ले रहा हूं. उन्होंने यह भी कहा कि स्कोर के आधार पर ही वह तय करेंगे कि कौन-सी ब्रांच और किस इंस्टीट्यूट में दाखिला लेना है. फिलहाल उनका ध्यान जेईई एडवांस्ड और बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन पर है.





