अभिजीत दीपके VS धर्मेंद्र प्रधान, एजुकेशन मामले में कौन कितना पावरफुल?
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. इस रिपोर्ट में जानिए दोनों नेताओं की शिक्षा और राजनीतिक सफर के बारे में...
झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए... कौन कहता हैं कि मोदी सरकार में इस्तीफे नहीं होते... यह लाइन सोशल मीडिया से जन्मीं कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने जंतर-मंतर पर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद प्रदर्शन कर रहे छात्रों से कही. प्रधान ने दुखी मन से दो पन्नों का लेटर लिखते हुए शिक्षा मंत्री के पद से अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है.
अभिजीत दीपके ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा देने के बाद कहा कि छात्रों का आंदोलन अभी जारी रहेगा. उनकी दो मांगें और हैं. पहली मांग है- मृतक छात्रों के परिवार को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा... और दूसरी मांग है- 20 जुलाई को जिन पुलिस वालों ने प्रदर्शन के दौरान गुंडागर्दी की, उन पर कार्रवाई की जाए. इन सभी मांगों को सरकार ने मान लिया है. इससे छात्रों का आंदोलन अब खत्म हो गया है.
कितने पढ़े लिखे हैं धर्मंद्र प्रधान और अभिजीत दीपके?
- अभिजीत दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजी नगर (जिसे पहले औरंगाबाद के नाम से जाना जाता था) के रहने वाले हैं. उनका जन्म 29 सितंबर 1995 में हुआ. उन्होंने पुणे से पत्रकारिता में ग्रेजुएशन और अमेरिका की फेमस बोस्टन यूनिवर्सिटी से पब्लिक रिलेशंस में मास्टर ऑफ साइंस (MS) की डिग्री हासिल की है.
- अभिजीत ने 2020 से 2023 के बीच आम आदमी पार्टी की सोशल मीडिया टीम और दिल्ली के शिक्षा विभाग में कम्युनिकेशंस एडवाइजर के रूप में काम किया है.
- अभिजीत दीपके ने 16 मई 2026 को कॉकरोज जनता पार्टी (CJP) का गठन किया. यह देखते ही देखते Gen Z के बीच काफी लोकप्रिय हो गई. इंस्टाग्राम पर इसके 26.3 मिलियन यानी 2 करोड़ 63 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं.
- CJP का गठन मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के एक बयान से हुई, जिसमें उन्होंने बेरोजगार युवाओं की तुलना कॉकरोच से की. हालांकि, उनका कहना था कि यह बयान फर्जी या नकली डिग्रियों के सहारे वकालत जैसे सम्मानित व्यवसायों में घुसपैठ करने वालों के लिए थी.
- धर्मंद्र प्रधान भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता हैं. उनका जन्म 26 जून 1969 को ओडिशा के तालचेर में हुआ. उनके पिता डॉक्टर देवेंद्र प्रधान पूर्व पीएम अटल बिहार वाजपेयी की सरकार में केंद्रीय राज्य मंत्री थे.
- प्रधान ने अपनी शुरुआती स्कूली शिक्षा ओडिशा से हासिल की. उन्होंने तालचेर कॉलेज से ग्रेजुएशन किया. इसके बाद उत्कल यूनिवर्सिटी से उन्होंने एंथ्रोपोलॉजी यानी मानव शास्त्र में एमए की डिग्री हासिल की. इसी दौरान उनकी राजनीति में सक्रियता बढ़ी.
- प्रधान भाजयुमो में विभिन्न पदों पर काम करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद तक पहुंचे. छात्र जीवन के दौरान वे एबीवीपी यानी अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे.
- साल 2000 में प्रधान पहली बार ओडिशा विधानसभा के लिए चुने गए. वहीं, 2004 में वे पहली बार लोकसभा सांसद बने. इस समय वे संबलपुर सीट से सांसद हैं.
- धर्मेंद्र प्रधान ने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री, इस्पात मंत्री, कौशल विकास और उद्यमिता मंत्री जैसे कई महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली. उन्हें जुलाई 2021 में शिक्षा मंत्री बनाया गया.




