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Dharmendra Pradhan Resign: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 2 पन्नों में लिखी अपनी बात, कहा- मन दुखी, छात्र भ्रम में न फंसें

शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. इसे सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) की बड़ी जीत कहा जा रहा है. पार्टी की लंबी वक्त से यही मांग थी. सीजेपी ने ट्वीट करते हुए कहा है कि हमने पहले कहा था शांतिपूर्ण संघर्ष जाया नहीं जाएगा.

Dharmendra Pradhan Resign: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 2 पन्नों में लिखी अपनी बात, कहा- मन दुखी, छात्र भ्रम में न फंसें
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शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है. सीजेपी यानी कॉकरोच जनता पार्टी उनके इस्तीफे की लंबे वक्त से मांग कर रही थी. इसे पार्टी की बड़ी जीत बताया जा रहा है. सीजेपी ने साफ किया था कि वह अपनी इस मांग से पीछे नहीं हटने वाले हैं. आखिर में बीजेपी को घुटने टेकने पड़े और धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया.

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में लिखा,"मैं पिछले 4 दशकों से अधिक समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहा हूं. मेरा सदैव यह विश्वास रहा है कि एक सशक्त, समावेशी और दूरदर्शी शिक्षा व्यवस्था ही सशक्त राष्ट्र की आधारशिला होती है."

धर्मेंद्र प्रधान ने अपने इस्तीफे में क्या कहा?

प्रधान में अपने इस्तीफे में लिखते हैं,"मैं देश के युवाओं की आकांक्षाओं, भावनाओं और उनकी न्यायोचित अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता हूं. भारत की युवा पीढ़ी के सपनों को साकार करना हम सभी के राजनीतिक एवं सामाजिक जीवन का नैतिक संकल्प रहा है. आदरणीय प्रधानमंत्री जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र की सेवा करने का जो अवसर मुझे प्राप्त हुआ उसके लिए मैं प्रधानमंत्री जी का आभार प्रकट करता हूं.

नीट पर क्या बोले प्रधान?

धर्मेंद्र प्रधान ने आगे लिखा," 3 मई 2026 को हुई नीत-उग की परीक्षा में सामने आई अनियमितता पाई गई. भारत सरकार ने इसको तुरंत संज्ञान में लेते हुए जांच सीबीआई को सौंपी और परीक्षा को रद्द किया एवं पुनः परीक्षा की तिथि घोषित की गई. इसके साथ ही अगले वर्ष से इस परीक्षा को सीबीटी (कंप्यूटर-बेस्ड-टेस्ट) मोड में करने का निर्णय लिया गया. इस दौरान हमारी प्रमुख प्राथमिकता यह रही कि 20 लाख से अधिक छात्रों की परीक्षा सुचारू रूप से आयोजित की जाए. इसके लिए व्होल ऑफ गवर्नमेंट अप्रोच के तहत काम किया गया.

इसमें भारत सरकार के साथ राज्य सरकार, विशेषकर जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण भूमिका रही. साथ ही, छात्रों, अभिभावक और माता-पिता के सहयोग से 21 जून 2026 को यह परीक्षा पूर्ण हुई. पहले ही दिन से, इसपर मैंने जिम्मेदारी ली और इस परिस्थिति से कभी मुंह नहीं मोड़ा. मेरा यह संकल्प था कि हम किसी भी मेधावी छात्र की संभावना परीक्षा माफिया के कारण खराब नहीं होने देंगे, किसी भी छात्र के साथ अन्याय नहीं होने देंगे.

धर्मेंद्र प्रधान ने किस पर लगाया इल्जाम?

उन्होंने आगे लिखा,"16 जुलाई को घोषित नीट-यूजी के परिणाम संतोषजनक रहे जिसमें गरीब पृष्ठभूमि से आए कई मेधावी छात्रों को भी सफलता मिली. परंतु इस दौरान भी कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ." मैं सदैव हमारे प्रजातंत्र की शक्ति में अटूट विश्वास रखने वाला रहा हूं तथा युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करता आया हूं.

वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं. पिछले 10 दिनों का घटनाक्रम देखकर मेरा मन दुःखी है. यह मेरे लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का विषय नहीं है. भारत की युवाशक्ति ही, इस देश की असली ताकत है. देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में फंसने नहीं देंगे, यही मेरा संकल्प है.

जंतर मंतर पर क्या बोले धर्मेंद्र प्रधान?

अपने इस्तीफे में उन्होंने जंतर-मंतर का जिक्र भी किया. उन्होंने लिखा,"जंतर-मंतर पर और देश में जो स्थिति बनी है, इस स्थिति का राष्ट्र विरोधी ताकतें लाभ ना उठाएं, देश की एकता बनी रहे, भारत के एक भी विद्यार्थी का भविष्य कानूनी पेचीदगियों में ना उलझे, हमारे बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए मैंने अपना त्यागपत्र माननीय प्रधानमंत्री जी को भेज दिया है."

मैं आदरणीय प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं. साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूँ, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ. राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है. मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा.

सीजेपी ने इस्तीफे पर क्या कहा?

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) ने सोशल मीडिया पर लिखा, "हमने पहले ही कहा था कि युवाओं का शांतिपूर्ण संघर्ष जाया नहीं जाएगा." पार्टी ने दावा किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है और इसे अपने आंदोलन की बड़ी जीत बताया"

अभिजीत दिपके ने क्या कहा?

सीजेपी (कॉकरोच जनता पार्टी) के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कहा कि "डरने की कोई जरूरत नहीं है. यह लोकतंत्र है. धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया है, लेकिन हमारी अभी दो और मांगें हैं और हम यहीं नहीं रुकेंगे."

उन्होंने कहा कि NEET मामले के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को एक-एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए. साथ ही उन्होंने मांग की कि 20 तारीख को प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए. अंत में अभिजीत दिपके ने कहा, "याद रखिए, कॉकरोचों से पंगा मत लेना."

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