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कुर्सी की जगह सोफा, बंधे हाथ की जगह चेहरे पर चमक, छात्रों के आंदोलन ने कैसे 24 घंटे में बदल दी तस्वीर? 2 मुलाकातों में देखिए

दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के आंदोलन के बीच 24 घंटे में सामने आई दो तस्वीरों ने बदलते सियासी माहौल की कहानी बयां कर दी. 24 जुलाई को जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह के साथ बैठक में CJP प्रतिनिधियों के चेहरों पर तनाव नजर आया. इसी के साथ आइए तस्वीरों से समझते हैं.

कुर्सी की जगह सोफा, बंधे हाथ की जगह चेहरे पर चमक, छात्रों के आंदोलन ने कैसे 24 घंटे में बदल दी तस्वीर? 2 मुलाकातों में देखिए
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी3 Mins Read

Updated on: 25 July 2026 5:44 PM IST

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के आंदोलन की तस्वीरें अब सिर्फ प्रदर्शन की कहानी नहीं बता रहीं, बल्कि सत्ता और प्रदर्शनकारियों के बदलते मूड का पूरा सियासी फ्रेम दिखा रही हैं. पिछले कुछ दिनों में CJP के प्रवक्ताओं की सरकार के मंत्रियों से कई दौर की मुलाकातें हुई हैं और हर मुलाकात के बाद सामने आई तस्वीरें अपने आप में एक नई कहानी कहती नजर आईं.

खासकर 24 और 25 जुलाई की दो तस्वीरों को देखें तो 24 घंटे के भीतर पूरा माहौल बदला हुआ दिखाई देता है. 24 जुलाई को CJP प्रवक्ताओं और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की मुलाकात की तस्वीर सामने आई. इस तस्वीर में मंत्री सोफे पर बैठे नजर आए, चेहरे पर हल्की मुस्कान थी.

जबकि CJP प्रतिनिधियों के चेहरों पर तनाव और मायूसी दिखाई दे रही थी और वे कुर्सी पर बैठे हुए नजर आए थे जिसके बाद सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल भी हुए थे.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पहले की तस्वीर

लेकिन अगले ही दिन तस्वीर का मिजाज बदल गया. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद जब जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह की CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात हुई तो इस बार फ्रेम में भावनाएं उलटी नजर आईं. बैठने की जगह भले बराबर रही.

लेकिन सरकार के प्रतिनिधियों के चेहरों पर गंभीरता और CJP प्रवक्ताओं के चेहरे पर जीत की चमक दिखाई दी. यानी एक ही आंदोलन, वही जंतर-मंतर, वही सरकार के मंत्री और महज 24 घंटे का फासला... लेकिन तस्वीरों में मूड पूरी तरह बदल चुका था.

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद की तस्वीरे देखिए

तो आखिर इन दोनों मुलाकातों की तस्वीरों में ऐसा क्या बदला, जिसने CJP के आंदोलन की पूरी कहानी को एक नए एंगल से सामने ला दिया? आइए, 24 और 25 जुलाई की इन दो तस्वीरों को करीब से समझते हैं और देखते हैं कि 24 घंटे में कैसे बदल गई पूरी तस्वीर.

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