टायफाइड की चपेट में अभिजीत दीपके, FAQ से जानें क्या है ये बीमारी और लक्षण, क्यों बारिश के मौसम में रहता है ज्यादा खतरा
हाल ही में अभिजीत दीपके ने बताया कि उन्हें टायफाइड हो गया है, जिसके बाद यह बीमारी फिर चर्चा में है. टायफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो गंदे पानी और गंदा खाने के जरिए फैलता है.
क्या है टायफाइड की बीमारी
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर बताया कि उन्हें टायफाइड हो गया है और पिछले कुछ दिनों से उनका इलाज चल रहा है. इसके बाद टायफाइड एक बार फिर चर्चा में आ गया है. यह बीमारी हर साल बड़ी संख्या में लोगों को अपनी चपेट में लेती है, खासकर बारिश के मौसम में इसका खतरा बढ़ जाता है. हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, टायफाइड एक बैक्टीरियल इंफेक्शन है. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.
टायफाइड एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो साल्मोनेला टाइफी (Salmonella Typhi) नाम के बैक्टीरिया से होता है. यह इंफेक्शन खासतौर से गंदा खाने और गंदे पानी के जरिए फैलता है. समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है.
गंदा पानी -खाना, साफ-सफाई का ध्यान न रखना और संक्रमित व्यक्ति के कॉन्टैक्ट में आना टायफाइड होने की प्रमुख वजहें मानी जाती हैं. बारिश के मौसम में इसका खतरा और बढ़ जाता है.
इस बीमारी का सबसे आम और शुरुआती लक्षण धीरे-धीरे बढ़ने वाला बुखार है. शुरुआत में हल्का बुखार होता है, लेकिन कुछ दिनों में यह 104°F तक पहुंच सकता है. इसके साथ शरीर में कमजोरी भी महसूस होने लगती है.
टायफाइड में तेज बुखार, पेट दर्द, लगातार कमजोरी, कब्ज या दस्त, सूखी खांसी, जीभ पर सफेद परत, सीने और पेट पर हल्के गुलाबी दाने और कुछ मामलों में तेज बुखार के बावजूद धीमी नाड़ी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं.
नहीं. हालांकि इसका सबसे ज्यादा असर आंतों पर पड़ता है, लेकिन यह पूरे शरीर को प्रभावित कर सकता है. मरीज को तेज बुखार, कमजोरी, भूख कम लगना और शरीर में दर्द जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं.
हमेशा साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी पिएं. खाने से पहले और टॉयलेट के बाद साबुन से हाथ धोएं. खुले में बिकने वाली चीजों से बचें और ताजा, साफ खाना ही खाएं.
अगर कई दिनों तक तेज बुखार बना रहे, पेट में दर्द हो, लगातार कमजोरी महसूस हो, दस्त या कब्ज की समस्या बढ़ जाए या सामान्य दवाओं से आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए. समय पर इलाज बेहद जरूरी होता है.
हां. सही समय पर जांच, डॉक्टर की सलाह के अनुसार दवाएं और पर्याप्त आराम से अधिकांश मरीज पूरी तरह ठीक हो जाते हैं. इलाज बीच में छोड़ना ठीक नहीं होता, क्योंकि इससे संक्रमण दोबारा बढ़ सकता है.




