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झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए... वो 5 कदम जो बताते हैं कैसे 12 साल की मजबूत सरकार Gen Z के आगे हार गई

जंतर-मंतर पर हो रहे Gen Z के प्रोटेस्ट ने ये साबित कर दिया है कि NDA के सरकार में भी इस्तीफे होते हैं ये आइए पांच Point से समझते हैं 40 घंटे पहले कैसे भनक लग गई थी.

झुकती है दुनिया झुकाने वाला चाहिए... वो 5 कदम जो बताते हैं कैसे 12 साल की मजबूत सरकार Gen Z के आगे हार गई
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 25 July 2026 4:45 PM

झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए, कौन कहता है मोदी सरकार में इस्तीफे नहीं होते... अभिजीत दीपके के इस बयान ने जंतर-मंतर से लेकर सोशल मीडिया तक हलचल मचा दी है. धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP कार्यकर्ताओं में जश्न है और Gen Z के मीम्स से सोशल मीडिया पटा पड़ा है. कोई इसे ‘हम जीत गए’ बता रहा है तो कोई इसे सरकार को झुकाने वाली नई पीढ़ी की ताकत बता रहा है.

दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP के प्रदर्शन का असर अब सिर्फ प्रदर्शन स्थल तक सीमित नहीं है. आंदोलन के बीच Instagram पर छाई रील्स और Gen Z के अंदाज ने सियासी माहौल को भी बदल दिया है. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी Gen Z के अंदाज में युवाओं से बातचीत करते नजर आए. 23 जुलाई की रात 11 बजकर 52 मिनट पर पीएम मोदी का वीडियो सामने आया, जिसकी शुरुआत ‘मित्रों’ से नहीं, बल्कि ‘Hello Friends’ से हुई. सोशल मीडिया पर इसे Gen Z कनेक्ट के तौर पर देखा गया.

इसके बाद यह चर्चा और तेज हो गई कि सरकार अब Gen Z की ऑनलाइन मौजूदगी और उसके डिजिटल नैरेटिव को गंभीरता से ले रही है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री ने अपने मंत्रियों को भी Instagram पर एक्टिव रहने और युवाओं से सोशल मीडिया के जरिए जुड़ने की सलाह दी है. तो आइए इस कहानी में जानते हैं मोदी सरकार के वे पांच कदम जो बताते हैं कि कैसे 12 साल की बेजोड़ सराकर GenZ के आगे हार गई?

1. सरकार ने बातचीत के लिए बढ़ाया हाथ

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू होने के बाद सरकार की ओर से पहला बड़ा रिएक्शन आया. सरकार ने सदन में चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही. CJP के प्रवक्ताओं को बातचीत के लिए कई बार बुलाया गया. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने भी CJP प्रतिनिधियों से मुलाकात की और सरकार की ओर से 24 घंटे का समय मांगा.

2. पेपर लीक पर फास्ट ट्रैक कोर्ट का ऐलान

प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक और परीक्षा में धांधली करने वालों पर सख्त कार्रवाई का ऐलान किया. सरकार ने ऐसे मामलों की जल्द सुनवाई और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही. इसे युवाओं के भविष्य और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता से जोड़कर देखा जा रहा है.

3. PM मोदी का Gen Z कनेक्ट

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के बीच 23 जुलाई की रात 11 बजकर 52 मिनट पर पीएम मोदी का वीडियो सामने आया. खास बात ये रही कि वीडियो का अंदाज पूरी तरह सोशल मीडिया और Gen Z स्टाइल में नजर आया. इसके बाद 24 जुलाई की रात भी पीएम मोदी ने युवाओं को को फिर इस्टा मोड़ में एक और वीडियो जारी किया और Friends कहकर Thanks कहा- ऐसे में यह कहा जा सकता है कि 40 घंटे पहले मोदी ने हिंट दे दिया था.

4. सोनम वांगचुक का अनशन खत्म करना

एक तरफ पीएम मोदी का Gen Z स्टाइल में वीडियो सामने आया, तो दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह सोनम वांगचुक से मिलने अस्पताल पहुंचे. सरकार और वांगचुक के बीच कई मुद्दों पर बातचीत हुई. इसके बाद सोनम वांगचुक ने जेपी नड्डा के हाथ से अपना 26 दिन लंबा अनशन खत्म किया.

5. पेपर लीक संशोधन विधेयक को कैबिनेट की मंजूरी

सबसे बड़ा कदम कैबिनेट से जुड़ा रहा. सरकार ने पेपर लीक कानून में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी. प्रस्तावित संशोधनों में पेपर लीक माफिया के खिलाफ सख्त प्रावधान और मामलों की सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट को कानूनी आधार देने की बात कही गई है. कोर्ट को तीन महीने के भीतर सुनवाई पूरी कर फैसला देने का लक्ष्य रखा गया है. पेपर लीक मामलों में 10 साल तक की सजा और 10 करोड़ रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान प्रस्तावित बताया जा रहा है. संशोधन विधेयक को अगले सप्ताह संसद में पेश किए जाने की बात कही जा रही है.

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