मिडिल ईस्ट में तबाही! क्या एंडलेस वॉर का है संकेत? आखिर कब थमेगा Israel, Iran और America का खूनी खेल?
मध्य पूर्व में जंग की आग और भड़कती जा रही है, लेकिन इसकी कोई तय समय-सीमा अब तक सामने नहीं आई है. ट्रंप ने साफ कहा है कि उन्हें फिक्र नहीं है इसमें और कितना वक्त लगेगा. जमीनी सैनिक भेजने का विकल्प भी खुला रखा गया है.
US-Iran-Israel War: अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्ध को लेकर अब तक अलग-अलग संकेत मिल रहे हैं. एक तरफ संघर्ष पूरे मध्य पूर्व में फैल गया है, जहां नए हवाई हमले, मिसाइल हमले और ड्रोन हमले हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इस बात को लेकर साफ समय-सीमा तय नहीं की गई है कि यह युद्ध कितने समय तक चलेगा. बता दें अमेरिका ने इस ऑपरेशन को 'एपिक फ्यूरी' नाम दिया है.
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 'अनंत युद्ध' की आशंका को खारिज किया है, लेकिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि इस अभियान की कोई तय समय-सीमा नहीं है. इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस अभियान को निर्णायक बताया, लेकिन साथ ही कहा कि इसमें कुछ समय लग सकता है.
फिलहाल इजराइल और अमेरिका ने ईरान के अंदर हमले तेज कर दिए हैं, जबकि तेहरान और उसके सहयोगियों ने इजराइल और खाड़ी देशों में अमेरिका से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं.
US-Iran-Israel War कब तक चलेगा?
- राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया है कि यह युद्ध किसी तय समय-सीमा में बंधा नहीं होगा. व्हाइट हाउस में उन्होंने कहा,"जितना समय लगेगा, ठीक है- जो भी करना पड़े."
- उन्होंने कहा कि शुरुआत में चार से पांच हफ्तों का अनुमान लगाया गया था, लेकिन अमेरिका के पास इससे कहीं ज्यादा समय तक अभियान चलाने की क्षमता है.
- ट्रंप ने यह भी कहा कि ऑपरेशन तय कार्यक्रम से 'काफी आगे' चल रहा है, लेकिन जरूरत पड़ने पर लंबी लड़ाई के लिए भी तैयार हैं.
- उन्होंने यह भी कहा कि जमीनी सैनिक भेजने का विकल्प भी पूरी तरह से खारिज नहीं किया गया है. न्यूयॉर्क पोस्ट से उन्होंने कहा था,"मुझे जमीनी सैनिक भेजने को लेकर कोई झिझक नहीं है."
- वहीं रक्षा मंत्री हेगसेथ ने कहा कि यह इराक जैसा 'लंबा और अंतहीन युद्ध' नहीं होगा, लेकिन उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले हफ्तों में अमेरिकी हताहतों की संख्या बढ़ सकती है.
क्या बोले बेंजामिन नेतन्याहू?
इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कहा कि यह जंग अनंत नहीं होगी, लेकिन उन्होंने कोई स्पष्ट समय-सीमा नहीं बताई. फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि यह 'एक तेज और निर्णायक कार्रवाई' है. उन्होंने कहा,"इसमें कुछ समय लग सकता है, लेकिन यह सालों तक नहीं चलेगा." इससे संकेत मिलता है कि इजराइल इसे सीमित लेकिन मुमकिन है कि लंबे ऑपरेशन के तौर पर देख रहा है.
ईरान में क्या हो रहा है?
- शनिवार को अमेरिका और इजराइल ने ईरान के मिसाइल ढांचे, सैन्य ठिकानों और वरिष्ठ नेताओं को निशाना बनाते हुए बड़े पैमाने पर हमले शुरू किए.
- ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई, जो 1989 से देश का नेतृत्व कर रहे थे, इन हमलों में मारे गए.
- इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कई वरिष्ठ नेता और राजनीतिक हस्तियां भी मारी गईं.
- मारे गए लोगों में डिफेंस काउंसिल के सचिव अली शमखानी, रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल अज़ीज़ नसीरजादेह और IRGC कमांडर जनरल मोहम्मद पाकपौर शामिल हैं.
- ईरान के 130 स्थानों पर 555 लोगों की मौत हुई है. ईरानी अधिकारियों के अनुसार, दक्षिणी ईरान में IRGC के एक ठिकाने के पास स्थित एक स्कूल पर हमले में 150 से ज्यादा लोगों, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं, की मौत हुई है.
- ईरान में इंटरनेट कनेक्टिविटी लगभग पूरी तरह बंद कर दी गई है और देश का हवाई क्षेत्र भी बंद कर दिया गया है.
- रविवार को अमेरिका और इजराइल ने राजधानी तेहरान सहित अन्य जगहों पर फिर से हमले किए. ट्रंप ने दावा किया कि ईरान का नौसेना मुख्यालय तबाह कर दिया गया है.
अमेरिका और इजराइल ने ईरान पर हमला क्यों किया?
ट्रंप ने कहा है कि इस अभियान का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि ईरान परमाणु हथियार हासिल न कर सके. शनिवार सुबह ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किए गए आठ मिनट के वीडियो में उन्होंने कहा,"हम उनके मिसाइलों को नष्ट कर देंगे और उनकी मिसाइल इंडस्ट्री को पूरी तरह खत्म कर देंगे."
उन्होंने ईरान की सशस्त्र सेनाओं को हथियार डालने की चेतावनी दी और कहा कि ऐसा करने पर उन्हें पूरी तरह से सुरक्षा दी जाएगी, वरना मौत का सामना करना पड़ेगा. ट्रंप ने ईरानी जनता से भी कहा कि जब अभियान खत्म हो जाए तो वे अपनी सरकार अपने हाथ में ले लें.