भारत के खिलाफ मैच का बॉयकाट कर फंसा पाकिस्तान, क्या T20 वर्ल्ड कप में फिर ग्रुप स्टेज से ही हो जाएगा बाहर?
भारत के खिलाफ मैच न खेलने से पाकिस्तान को सीधे 2 अंक का नुकसान होगा. इससे उसे ग्रुप-A में टॉप-2 में पहुंचने के लिए अपने बाकी मैच हर हाल में जीतने होंगे.;
पाकिस्तान के लिए टी20 वर्ल्ड कप का हर मैच बना 'करो या मरो'
(Image Source: Sora_ AI )T20 World Cup 2026 से पहले पाकिस्तान की टीम शानदार फॉर्म में नजर आ रही है, खासकर स्पिन विभाग में टीम काफी मजबूत दिख रही है, लेकिन भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से हटने का फैसला पाकिस्तान के लिए भारी पड़ सकता है और एक बार फिर उसका ग्रुप स्टेज में बाहर होना तय है.
दरअसल, पाकिस्तान ने लगभग T20 World Cup 2026 से हटने का मन बना लिया था, लेकिन बाद में पाकिस्तान सरकार ने टीम को टूर्नामेंट में खेलने की इजाजत तो दे दी, लेकिन 15 फरवरी को कोलंबो में भारत के खिलाफ मैच खेलने पर रोक लगा दी. यह फैसला बांग्लादेश के समर्थन में लिया गया, जिसने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए भारत में खेलने से इनकार कर दिया था.
भारत के खिलाफ न खेलने से पाकिस्तान पर क्या होगा असर?
टी20 वर्ल्ड कप में एक जीत के लिए दो अंक मिलते हैं. ऐसे में भारत के खिलाफ मुकाबला गंवाने से पाकिस्तान को सीधे दो अंक का नुकसान होगा. पांच टीमों वाले ग्रुप-A में टॉप-2 में पहुंचने के लिए अब पाकिस्तान के पास गलती की कोई गुंजाइश नहीं बचती. पाकिस्तान को अब नीदरलैंड्स (शनिवार), संयुक्त राज्य अमेरिका (तीन दिन बाद) और नामीबिया (18 फरवरी) के खिलाफ अपने सभी मैच जीतने होंगे, तभी सेमीफाइनल की उम्मीद जिंदा रह पाएगी.
कप्तान सलमान आगा ने क्या कहा?
पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा ने साफ कहा कि भारत के खिलाफ मैच न खेलने का फैसला टीम का नहीं है. उन्होंने कहा, “यह हमारा फैसला नहीं है. हमें वही करना होगा जो हमारी सरकार तय करेगी.” सरकार ने यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि अगर पाकिस्तान आगे चलकर सेमीफाइनल या फाइनल में भारत से टकराता है, तो तब क्या रुख होगा. इस पर सलमान ने कहा, “हमारा काम जीतना है. हमें भरोसा है कि हम ऐसा कर सकते हैं.”
2024 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के साथ क्या हुआ था?
पाकिस्तान की कोशिश होगी कि 2024 टी20 वर्ल्ड कप की गलती दोबारा न दोहराई जाए, जब अमेरिका के खिलाफ सुपर ओवर में हार के बाद टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई थी. बीते समय में पाकिस्तान की टीम पर आधुनिक टी20 क्रिकेट के मुताबिक ढलने में नाकाम रहने के आरोप लगे हैं. खासकर बल्लेबाजी को लेकर सवाल उठे, जिसमें बाबर आजम के धीमे स्ट्राइक रेट की काफी आलोचना हुई. आलोचना इसलिए भी तेज हुई क्योंकि पिछले साल पाकिस्तान की 34 में से 21 टी20 जीतें कमजोर टीमों के खिलाफ आई थीं. मजबूत टीमों के खिलाफ नतीजे निराशाजनक रहे, जिनमें एशिया कप में भारत से तीन हार और न्यूजीलैंड से 1-4 की सीरीज हार भी शामिल रही.
पाकिस्तान के लिए कैसी रही हॉल की सीरीज?
हालांकि कप्तान सलमान आगा का मानना है कि हाल की जीतों ने टीम का आत्मविश्वास लौटाया है. उसने साउथ अफ्रीका को 2-1 से हराया, घरेलू त्रिकोणीय सीरीज जीती और कमजोर ऑस्ट्रेलियाई टीम के खिलाफ 3-0 से क्लीन स्वीप किया. आगा ने कहा, “ऑस्ट्रेलिया को हराकर हमें अच्छी तैयारी मिली है. हमारे पास मोहम्मद नवाज, शादाब खान और साइम अयूब जैसे शानदार स्पिन ऑलराउंडर हैं.” स्पिन अटैक को अबरार अहमद और अनोखे एक्शन वाले उस्मान तारिक से और मजबूती मिली है. तेज गेंदबाजी की कमान शाहीन शाह अफरीदी और नसीम शाह के हाथों में है. ऑलराउंडर फहीम अशरफ और नए गेंदबाज सलमान मिर्जा ने भी प्रभावित किया है.
पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता क्या है?
पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी अब भी सबसे बड़ी चिंता का विषय है. अगर ओपनर सैम अयूब और साहिबजादा फरहान अच्छी शुरुआत दे देते हैं तो टीम बड़ा स्कोर बना लेती है, लेकिन अचानक बल्लेबाजी ढह जाना अब भी बड़ी समस्या है. इस बीच हेड कोच माइक हेसन ने बड़ा जोखिम लेते हुए खराब फॉर्म के चलते अनुभवी विकेटकीपर मोहम्मद रिजवान को टीम से बाहर रखा है. उनकी जगह उस्मान खान, ख्वाजा नफे और साहिबजादा फरहान को विकल्प के तौर पर आजमाया जा रहा है. कुल मिलाकर पाकिस्तान के पास वर्ल्ड कप जीतने की काबिलियत है, लेकिन भारत के खिलाफ संभावित फॉरफिट ने उसकी राह बेहद मुश्किल बना दी है. अब एक भी चूक पाकिस्तान का सफर जल्दी खत्म कर सकती है.