डिनर पार्टी में पति हो जाते हैं परेशान! एक्स PepsiCo सीईओ Indra Nooyi ने बताया पावरफुल महिला से शादी करना क्यों नहीं होता आसान?
कॉरपोरेट दुनिया की सबसे दमदार महिला लीडर्स में गिनी जाने वाली इंद्रा नूई ने एक बार दिल खोलकर अपनी पर्सनल ज़िंदगी की ऐसी सच्चाई बताई, जिससे कई लोग खुद को जोड़ पाए. पेप्सिको की एक्स चेयरपर्सन और CEO रह चुकी इंद्रा नूई ने माना कि उनके साथ शादी निभाना आसान नहीं है. यह बात उन्होंने शिकायत के तौर पर नहीं, बल्कि रिश्तों की जटिलताओं को बेहद ईमानदारी से समझाने के लिए कही है.;
ग्लोबल कॉरपोरेट दुनिया में अपनी मजबूत पहचान बनाने वाली इंद्रा नूई ने हाल ही में अपनी पर्सनल लाइफ से जुड़ा एक ऐसा किस्सा शेयर किया है, जिसने रिश्तों को देखने का नजरिया ही बदल दिया. एक्स PepsiCo CEO इंद्रा नूई ने बताया कि जब वह ऑफिशियल डिनर पार्टियों में अपने पति के साथ जाती हैं, तो हालात ऐसे बन जाते हैं कि पति खुद को असहज महसूस करने लगते हैं.
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उनकी यह बात सिर्फ एक एक्सपीरियंस नहीं, बल्कि यह सवाल भी उठाती है कि जब महिला पावरफुल पोज़िशन पर हो, तो शादी और रिश्तों की डायनैमिक्स कैसे बदल जाती है. साथ ही, एक्स सीईओ ने यह भी बताया कि उनसे शादी करना आसान नहीं है.
डिनर पार्टी, लेकिन अलग-अलग दुनिया
एक पुराने वीडियो में इंद्रा नूई बताती हैं कि जब वह अपने पति राज के. नूई के साथ किसी ऑफिशियल डिनर या इवेंट में जाती हैं, तो साथ होते हुए भी दोनों अलग-अलग हो जाते हैं. जैसे ही वे हॉल में कदम रखती हैं, लोग उनसे मिलने, हाथ मिलाने और तस्वीरें खिंचवाने में लग जाते हैं. तीन घंटे बीत जाते हैं और उन्हें याद आता है कि उनके पति भी वहीं कहीं हैं.
‘पेंगुइन’ वाला सूट पहनना पड़ता है
इंद्रा बताती हैं कि उनके पति कई बार मुस्कुराते हुए कहते हैं कि “मैं इन पार्टियों में क्यों आता हूं? मुझे मज़ा ही नहीं आता. ऊपर से इस ब्लैक टाई सूट में पेंगुइन जैसा दिखना पड़ता है.” यह बात सुनने में हल्की लग सकती है, लेकिन इसके पीछे एक गहरी सच्चाई छिपी है-जब एक साथी लगातार सुर्खियों में हो, तो दूसरा खुद को अक्सर अनदेखा महसूस करता है.
रोल उलटे हुए तो बदली सोच
इन एक्सपीरियंस ने इंद्रा नूई को पारंपरिक सोच पर सवाल उठाने के लिए मजबूर किया. उन्होंने महसूस किया कि यही स्थिति सालों से महिलाओं के साथ होती आई है. जब पति आगे बढ़ते हैं, तो पत्नी मुस्कुराते हुए समाज की तय की हुई भूमिका निभाती है. छोटी-छोटी बातों पर चर्चा, औपचारिक बातचीत और चुपचाप सब मान लेना. लेकिन जब वही हाल पुरुषों के साथ होता है, तो उन्हें यह असहज लगता है. यही एहसास रिश्तों में बराबरी की अहमियत को सामने लाता है.
पति का साथ, सबसे बड़ी ताकत
इंद्रा नूई अपने पति की तारीफ करते हुए कहती हैं कि उन्होंने इस रोल को बेहद खूबसूरती से निभाया. कई बार ऐसा होता है कि वह दुनिया के बड़े नेताओं के बीच बैठकर शानदार बातचीत कर रही होती हैं, जबकि उनके पति ऐसी महिलाओं के बीच बैठे होते हैं, जिनसे उनका कोई खास जुड़ाव नहीं होता. फिर भी, वे मुस्कुराकर बातचीत बनाए रखते हैं. इंद्रा मानती हैं कि उन्होंने सही जीवनसाथी चुना है और खुद स्वीकार करती हैं कि अगर रोल बदले होते, तो शायद उनके लिए यह उतना आसान नहीं होता.
जब एक साथी हो पब्लिक फिगर
एक्सपर्ट के मुताबिक, मजबूत रिश्ते इस बात पर नहीं टिके होते कि दोनों की प्रोफेशनल अचिवमेंट्स एक जैसी हों. असली ताकत उस साझेदारी में होती है, जहां दोनों एक-दूसरे के सपनों को जगह देते हैं. जब करियर अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ते हैं, तो गर्व, इनसिक्योरिटी और कभी-कभी जलन जैसी भावनाएं आना नॉर्मल है. इन्हें दबाने के बजाय समझना ज़रूरी है.
रिश्ते भी बदलते हैं, जैसे ज़िंदगी
एक्सपर्ट के अनुसार, सफल कपल्स रिश्तों को किसी तय ढांचे में नहीं बांधते. वे समय के साथ खुद को ढालते हैं, एक-दूसरे की ज़रूरतों को समझते हैं और नए तरीकों से साथ निभाना सीखते हैं. क्योंकि करियर ज़िंदगी का सिर्फ एक हिस्सा है- रिश्ता उससे कहीं बड़ा और गहरा होता है.