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भारत में 1 जनवरी नहीं इस दिन होती है नए साल की शुरुआत, जानें कारण

दुनियाभर में लोग 1 जनवरी को नया साल मनाते हैं. इस दिन कोई पार्टी करता है, तो कोई नई चीज खरीदता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में 1 जनवरी का दिन नया साल नहीं होता है. इतना ही नहीं, भारत के राज्यों में नए साल को अलग-अलग नाम दिया गया है.

भारत में 1 जनवरी नहीं इस दिन होती है नए साल की शुरुआत, जानें कारण
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( Image Source:  AI SORA )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत

Updated on: 1 Jan 2026 2:20 PM IST

31 दिसंबर की आधी रात… दुनिया के बड़े शहरों में उलटी गिनती शुरू होती है, आतिशबाज़ी आसमान रंग देती है और लोग 1 जनवरी यानी नए साल का जश्न मनाते हैं. भारत में भी इस दिन लोग जमकर पार्टी करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि असलियत में 1 जनवरी भारतीयों को नया साल नहीं है.

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इतना ही नहीं, हर राज्य में नए साल पर अलग-अलग त्यौहार मनाया जाता है. पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक नए साल की अलग परंपरा चली आ रही है. चलिए जानते हैं आखिर ऐसा क्यों है.

भारत का अनोखा कैलेंडर

भारत में सदियों से नया साल चांद, सूर्य और ऋतुओं के आधार पर मनाया जाता रहा है. यहां समय का हिसाब खेतों की हरियाली, फसलों की कटाई और धार्मिक परंपराओं से जुड़ा रहा है. यही वजह है कि भारत में 1 जनवरी को नया साल नहीं होता है.

केरल

अप्रैल के मध्य में तमिलनाडु और केरल में 14/15 अप्रैल को नया साल मनाया जाता है. केरल में नए साल को विशु कहा जाता है. इस दिन खासतौर पर ‘कानी’ थाली तैयार की जाती है. इस थाली में अनाज, फल, फूल, मिठाई और अन्य प्रतीकात्मक वस्तुएं रखी जाती हैं. इसे देखकर लोग मानते हैं कि आने वाला साल समृद्धि और खुशियों से भरा रहेगा. लोग सुबह जल्दी उठकर ‘कानी’ देखते हैं और इसी से दिन की शुरुआत करते हैं.

तमिलनाडु

तमिलनाडु में 14/15 अप्रैल को नए साल की शुरुआत माना जाता है. इस दिन पुथांडु त्यौहार मनाया जाता है. जहां पूर्व संध्या से ही घरों को साफ किया जाता है और आंगन को रंग-बिरंगे कोलम से सजाया जाता है. कोलम घर में सकारात्मक ऊर्जा लाने और बुराई को दूर रखने का प्रतीक माना जाता है. इसके अलावा घरों में फूलों से सजावट की जाती है, जिससे त्योहार का माहौल और भी रंगीन और खुशहाल बन जाता है.

पंजाब में कब मनाया जाता है नया साल?

पंजाब में बैसाखी का त्यौहार मनाया जाता है. इस दिन से ही नए साल की शुरुआत होती है. अक्सर बैसाखी 13 या 14 अप्रैल को आती है. यह केवल फसल का पर्व नहीं, बल्कि आस्था और पहचान का उत्सव भी है.

नए साल के अलग-अलग नाम

दक्षिण और पश्चिम भारत के कई राज्यों में नया साल वसंत ऋतु के आगमन के साथ आता है. आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और कर्नाटक में उगादी, जबकि महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा को नया साल कहा जाता है.

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