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'बालों के बिना भी पूरी हूं मैं'... महिमा घई जिसने गंजी दुल्हन बनकर लाखों को दी प्रेरणा, जानिए क्या है उनकी कहानी?

महिमा घई की शादी की कहानी आजकल सोशल मीडिया पर छाई हुई है और लाखों लोगों को प्रेरणा दे रही है. महिमा को एलोपेसिया नाम की बीमारी है, जिसमें बाल झड़ जाते हैं. लंबे समय तक उन्होंने विग और एक्सटेंशन से अपने गंजेपन को छिपाया, लेकिन अपनी शादी के दिन उन्होंने यह सब छोड़ दिया. पारंपरिक लाल लहंगे में सजी महिमा गंजे सिर के साथ दुल्हन बनीं.

बालों के बिना भी पूरी हूं मैं... महिमा घई जिसने गंजी दुल्हन बनकर लाखों को दी प्रेरणा, जानिए क्या है उनकी कहानी?
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( Image Source:  Instagram: mahimaghai26 )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय

Published on: 1 Jan 2026 1:40 PM

मन में दुल्हन का ख्याल आते ही सबसे पहले दिमाग क्या बात आती है- लाल जोड़ा, ब्यूटी को इन्हैंस करने के लिए ब्रांडेड मेकअप, हेयरस्टाइल और ट्रेंड के हिसाब से सबके सामने घूंघट में आना. महिमा घई एक ऐसी ब्राइड जिसने ऐसा कुछ कर दिया जो लाखों लोगों को प्रेरणा से भर देगा. महिमा घई की शादी की कहानी बहुत ही प्रेरणादायक है. जब वे अपनी शादी की रस्मों में शामिल हुईं, तो उन्होंने अपने बालों को घूंघट की तरह नहीं ढका न एक्सटेंशन पहने, न विग और न ही कोई और तरीका अपनाया। उनका सिर पूरी तरह मुंडा हुआ था, लेकिन चेहरे पर एक बड़ी सी मुस्कान थी. उनका मैसेज बहुत साफ था वे खुद को वैसा ही स्वीकार कर रही थीं, जैसी वे हैं.

यह भारतीय दुल्हन महिमा घई की कहानी है, जिन्हें एलोपेसिया नाम की बीमारी है. इस बीमारी में बाल झड़ जाते हैं. महिमा ने अपनी शादी के दिन गंजे सिर के साथ होने का फैसला किया. इसकी तस्वीरें और वीडियो इंटरनेट पर बहुत तेजी से वायरल हो रहे हैं और लोगों का दिल जीत रहे हैं. भारत में अक्सर दुल्हन की खूबसूरती को कुछ खास नियमों से जोड़ा जाता है, जैसे लंबे बाल होना जरूरी समझा जाता है. लेकिन महिमा ने कुछ अलग चुना उन्होंने ईमानदारी और खुद से प्यार करना चुना. महिमा ने अपनी इंस्टाग्राम पोस्ट में बहुत इमोशनल तरीके से लिखा था, 'मैंने खुद से प्यार करना सीखा, उससे पहले ही मेरे बाल झड़ गए. उसके बाद के सालों में उन्हें बहुत दर्द सहना पड़ा, इलाज करवाए, लोग कानाफूसी करते और उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती. एलोपेसिया ने सिर्फ उनके बाल नहीं छीने, बल्कि लंबे समय तक उनका आत्मविश्वास भी कम कर दिया. लेकिन यह उनकी कहानी का अंत नहीं था.'

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महिमा का सफर: छिपाने से स्वीकार करने तक

महिमा की पोस्ट में बताया गया कि खुद को स्वीकार करना आसान नहीं था. यह एक लंबी और मुश्किल यात्रा थी. रातोंरात कुछ नहीं बदला पहले दिल टूटा, फिर खुद के बारे में सोचा और आखिर में फैसला लिया कि अब छिपाना बंद करेंगी. उन्होंने लिखा, 'मैंने छिपना बंद कर दिया. मैंने माफी मांगना बंद कर दिया. मैंने अपने बाल मुंडवा लिए.' उनके लिए सिर मुंडवाना कोई बगावत या लोगों को चौंकाने का तरीका नहीं था. यह तो राहत की बात थी सालों तक समाज की अपेक्षाओं को पूरा करने की कोशिश की, लेकिन अब उन्होंने खुद को चुना. शादी की वेदी पर खड़ी होकर, गंजे सिर के साथ चमकती हुई महिमा ने दुल्हन के रूप को ही नया अर्थ दे दिया. एक ऐसा शादी का लुक जो पुरानी सोच को चुनौती देता है.

लोग तारीफ करते नहीं थक रहे

शादी की तस्वीरों में महिमा पारंपरिक लाल रंग के सुंदर लहंगे में नजर आ रही हैं. उनका सिर खुला हुआ है, बिना किसी ढके कुछ फोटो में पारंपरिक घूंघट भी है. लोगों ने इस पर फौरन ध्यान दिया. बहुत से लोगों ने उनकी तारीफ की कि उन्होंने बाल झड़ने को सामान्य बना दिया. यह दिखाया कि बाल होना नारीत्व या दुल्हन की खूबसूरती के लिए जरूरी नहीं है. कई लोग अपनी कहानियां साझा करने लगे किसी को भी बाल झड़ने की समस्या है, किसी को कोई बीमारी या शारीरिक बदलाव. उन्हें लगा कि अब उन्हें कोई समझ रहा है. एक रिपोर्ट के अनुसार, महिमा ने जानबूझकर विग नहीं पहना. वे अपने जीवन के सबसे खास दिन किसी और का रूप नहीं धारण करना चाहती थी वे खुद ही काफी थीं.

इंटरनेट पर लोगों की प्रतिक्रिया

महिमा की पोस्ट की सबसे खूबसूरत लाइन थी- 'और मैं एक दुल्हन की तरह गंजी खड़ी थी पूरी, प्यार की गई और काफी.' कमेंट्स में लोग उनकी खूबसूरती और हिम्मत की तारीफ कर रहे थे. एक व्यक्ति ने लिखा, 'बहुत दिनों बाद इतनी सुंदर दुल्हन देखी. सच में हिम्मत की मिसाल हो तुम.' दूसरे ने कहा, 'बाल झड़ने की समस्या से लड़ रही हूं, यह देखकर आंसू आ गए. धन्यवाद कि तुमने दिखाया हम काफी हैं.' तीसरे ने लिखा, 'तुमने सिर्फ शादी नहीं की, बल्कि बहुत से लोगों का खुद को देखने का तरीका बदल दिया.' कुछ महिलाओं ने बताया कि वे अभी भी अपने बाल झड़ने को छिपाती हैं. एक ने कहा, 'मैं अभी उस जगह पर नहीं हूं, लेकिन तुम्हें इतने कॉन्फिडेंस से देखकर उम्मीद मिली.' अंत में महिमा के शब्द- क्योंकि बालों के साथ या बिना बालों के, मैं कभी अधूरी नहीं थी.' यह कहानी हमें सिखाती है कि असली खूबसूरती बाहर से नहीं, अंदर से आती है. खुद को स्वीकार करना सबसे बड़ा साहस है। महिमा घई ने न सिर्फ अपनी शादी को खास बनाया, बल्कि बहुत से लोगों को प्रेरणा दी.

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