भारत बनेगा सुपरपावर! अमेरिका-चीन से होगी बराबरी, ये 3 कंपनियां बनाएंगी 5वीं पीढ़ी के स्वदेशी लड़ाकू विमान
भारत की अहम AMCA परियोजना में अहम मोड़ आया है. DRDO ने अब 3 कंपनियों को शॉर्टलिस्ट किया है जो भारत में 5वीं पीढ़ी के फाइट जेट बनाएंगी.;
fighter jets
भारत की अहम AMCA (Advanced Medium Combat Aircraft) परियोजना में अब एक बड़ा मोड़ आया है. रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स,एलएंडटी-बीईएल कंसोर्टियम और भारत फोर्ज-BEML-डाटा पैटर्न्स के गठबंधन को इस पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान के प्रोटोटाइप डिजाइन एवं विकास के लिए शॉर्टलिस्ट किया है. इससे भारत की स्वदेशी लड़ाकू विमान क्षमता को नई दिशा और गति मिलेगी.
यह परियोजना भारत को पांचवीं पीढ़ी के स्टेल्थ लड़ाकू विमान विकसित करने वाले सीमित देशों की सूची में शामिल कर सकती है. जिसमें अमेरिका, चीन और रूस पहले से हैं और पहले प्रोटोटाइप 2035 के आस-पास वायुसेना में शामिल होने की उम्मीद है.
क्या है AMCA का लक्ष्य?
1. एक पावरफुल ट्विन-इंजन, सिंगल-सीट स्टेल्थ लड़ाकू विमान बनाना
2. अत्याधुनिक स्टेल्थ कोटिंग तथा इंटर्नल हथियार डिब्बों से लैस विमान विकसित करना
3. लगभग 125 से अधिक विमानों का निर्माण, जो भारतीय वायु सेना में शामिल हो सकें.
कौन-कौन हुए शॉर्टलिस्ट?
1. टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL)
टाटा समूह की रक्षा और एयरोस्पेस यूनिट को अकेले एक मजबूत दावेदार के रूप में चुना गया है.
2. एलएंडटी-बेल (L&T-BEL) कंसोर्टियम
लार्सन और टुब्रो सहित बेल (Bharat Electronics Ltd) के नेतृत्व वाला गठबंधन भी शॉर्टलिस्ट हुआ है. यह संयोजन प्रमुख इंजीनियरिंग एवं डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सपर्ट्स का प्रतिनिधित्व करता है.
3. भारत फोर्ज-BEML-डाटा पैटर्न्स
भारत फोर्ज के नेतृत्व में यह टीम भी चयन सूची में शामिल है. इसमें सरकारी कंपनी BEML और डेटा पैटर्न्स जैसे निजी तकनीकी साझेदार भी हैं.
पहले किस-किस ने लगाई थी बोली?
जुलाई 2025 में DRDO ने इस परियोजना के लिए टेंडर जारी किए थे, जिसमें कुल 7 कंपनियों/संघों ने भाग लिया था. जिनमें अडाणी डिफेंस और HAL जैसे नाम भी शामिल थे, लेकिन उन्हें अगले चरण के लिए शॉर्टलिस्ट नहीं किया गया.
DRDO और AMCA का आगे का रास्ता क्या?
1. चयनित कंपनियों को अब सरकारी वित्तीय सहायता दी जाएगी ताकि वे AMCA के मॉडल और प्रोटोटाइप तैयार कर सकें, इससे पहले कि निर्माण अधिकार दिए जाएं.
2. अंतिम विजेता का नाम अगले कुछ महीनों में घोषित होने की उम्मीद है.
भारत का रक्षा आधुनिकीकरण और राफेल सौदा
इस रणनीतिक बदलाव के बीच रक्षा अधिग्राहण परिषद (DAC) ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों की खरीद को मंजूरी दी है. इसके तहत 90 विमानों को भारत में मैन्युफैक्चरिंग का प्रस्ताव भी शामिल है, जो ‘मेक इन इंडिया’ पहल को और बल देगा.
क्या होंगे इसके प्रभाव?
1. भारतीय रक्षा उद्योग को बड़ा प्रोत्साहन
2. भारतीय वायु सेना की ताकत में इजाफा
3. वैश्विक स्तर पर विमानन क्षमताओं में आत्मनिर्भरता
4. ‘मेक इन इंडिया’ को नया गति