बेटी की बेशर्मी तो देखिए! बूढ़ी मां को वृद्ध आश्रम छोड़ने निकली, बोली- अब घर में जगह नहीं; Video देख भड़के यूजर्स
वैसे तो मां को भगवान से भी ऊपर माना जाता है, लेकिन कुछ घटिया लोगों ने आज मां को ही अपने ऊपर बोझ समझ लिया है. समाज में एक तरफ कुछ लोग अपने मां-बाप के लिए अपनी जान तक देने के लिए आगे रहते हैं तो वहीं कुछ लोग मां-बाप से झगड़ा, मारपीट, गालियां और तंग आकर उनको घर से भी बाहर निकाल देते हैं. सोशल मीडिया पर अब एक ऐसा दिल दुखा देने वाला वीडियो सामने आया है. जिसमें एक बेटी अपनी ही मां को घर से निकालकर वृद्ध आश्रम छोड़ने जा रही है.;
वैसे तो मां को भगवान से भी ऊपर माना जाता है, लेकिन कुछ घटिया लोगों ने आज मां को ही अपने ऊपर बोझ समझ लिया है. समाज में एक तरफ कुछ लोग अपने मां-बाप के लिए अपनी जान तक देने के लिए आगे रहते हैं तो वहीं कुछ लोग मां-बाप से झगड़ा, मारपीट, गालियां और तंग आकर उनको घर से भी बाहर निकाल देते हैं. सोशल मीडिया पर अब एक ऐसा दिल दुखा देने वाला वीडियो सामने आया है.
जिसमें एक बेटी अपनी ही मां को घर से निकालकर वृद्ध आश्रम छोड़ने जा रही है. हद तो तब हो गई जब लड़की कैमरे के सामने बेशर्मी से कहती है कि अब मां के लिए घर में जगह नहीं है. सोशल मीडिया पर ये दर्द भरा वीडियो सामने आने के बाद यूजर्स भी अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं.
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो
सोशल मीडिया पर एक मां-बेटी का वीडियो अब यूजर्स के बीच काफी चर्चा का केंद्र बन चुका है. इस वीडियो को एक्स पर @rameshofficial0 नाम के अकाउंट से शेयर किया है. इस वीडियो में एक बेटी अपनी मां को वृद्ध आश्रम छोड़ने के लिए जाती हुई दिखाई देती है. तभी वहां मौजूद एक युवक उनका वीडियो बनाना शुरू कर देता है. वीडियो बनाने वाला युवक महिला से बूढ़ी औरत के बारे में पूछता है कि ये कौन हैं और आप यहां क्या करने आई हैं?
इस बार जवाब देते हुए बेटी कहती है कि ये मेरी मां है और मैं इनको वृद्ध आश्रम में छोड़ने आई हूं. इसके बाद युवक पूछता है क्यों... तो बेटी बोलती है कि अब मेरे पास इनको घर में रखने के लिए जगह नहीं बची है. ये सुनकर बूढ़ी मां रोने लगती है, तो युवक बूढ़ी महिला से पूछता है कि क्या आपका यहां मन लग जाएगा तो युवती की मां रोते हुए ना करने लगती है.
वीडियो देखकर भड़के यूजर्स
इस वीडियो को जो भी देख रहा है अपनी प्रतिक्रिया दे रहा है. एक यूजर ने वीडियो पर कमेंट करके लिखा कि 'दुःखद, शहरों में लोग बहुत कम एके दूसरे से कनेक्ट होते हैं. जो लोग फ्लैट में रहते हैं उनको एक दूसरे का मुंह देखें महीनो हो जाते हैं.. गांवों में लोग राह चलते प्रणाम और हाल चाल पूछते रहते हैं.'
दूसरे यूजर ने कमेंट करके लिखा 'ये बहुत पीड़ादायक और सोचने पर मजबूर कर देने वाली सच्चाई है. जिस मां ने पूरी जिंदगी बच्चों के लिए दे दी. उसी मां के लिए जब कहा जाए कि 'घर में जगह नहीं है' तो ये केवल एक व्यक्ति की नहीं बल्कि हमारी संवेदनाओं और मूल्यों की हार है.'
वहीं एक अन्य यूजर ने लिखा 'जिस मां ने 9 महीने कोख में रखा,रात-रात भर जागकर पाला,अपने सुख-आराम छोड़कर तुम्हें काबिल बनाया,उसी मां के लिए तुम्हारे घर में जगह नहीं है? ऐसी औलाद की तो सरेआम मुंह पर जूता लगना चाहिए,छी यार.मां को तो छोड़ो,इस बेगैरत औरत में तो इंसानियत भी नहीं.'