हिमाचल में पुलिस vs पुलिस, यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से लेकर Delhi Police पर FIR तक, FAQ से समझें पूरा मामला

3 इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शिमला से गिरफ्तारी के बाद हिमाचल पुलिस और दिल्ली पुलिस के बीच खींचतान देखने को मिली. यहां तक की दिल्ली पुलिस पर FIR भी हो गई.

Himachal Pradesh Police

(Image Source:  X/ @KumaarSaagar )
Edited By :  विशाल पुंडीर
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हिमाचल प्रदेश में गुरुवार को कानून-व्यवस्था का ऐसा विवाद देखने को मिला जो शायद ही पहले कभी हुआ हो. राजधानी दिल्ली की पुलिस द्वारा 3 इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को शिमला के रोहड़ू इलाके से उठाने के बाद हिमाचल पुलिस ने उन दिल्ली पुलिस कर्मियों के खिलाफ ही एफआईआर दर्ज कर दी. दोनों राज्यों के पुलिस अधिकारी एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाने लगे और मामला अदालत तक पहुंच गया.

घटना का मौजूदा दौर उस समय और जटिल हो गया जब दिल्ली पुलिस टीम को शोगी बारियर पर रोककर हिरासत में लिया गया. हिमाचल पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई बिना सही प्रक्रिया के अपनाए गई थी, जबकि दिल्ली पुलिस का दावा है कि उनके पास सभी आवश्यक कागजात मौजूद थे.

1. सवाल: क्यों शुरू हुआ विवाद?

जवाब: 20 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कुछ कार्यकर्ताओं ने शर्टलेस प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन के बाद दिल्ली पुलिस ने मामला दर्ज कर कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया था. बाद में दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल टीम ने तीन और कार्यकर्ताओं को हिमाचल प्रदेश के रोहड़ू स्थित एक होटल से गिरफ्तार किया. दिल्ली पुलिस का दावा है कि उनके पास गिरफ्तारियों और आरोपों से संबंधित दस्तावेज थे, लेकिन हिमाचल पुलिस का कहना है कि उन्हें इस अभियान के बारे में पहले सूचित नहीं किया गया.

2. सवाल: हिमाचल पुलिस का आरोप क्या?

जवाब: हिमाचल प्रदेश पुलिस ने आरोप लगाया कि बिना स्थानीय अधिकारियों को बताये गए, दिल्ली पुलिस के 15-20 जवानों ने चिरगांव क्षेत्र के मंडली गांव में तीन लोगों को जबरन उठाया, उनके साथ उनका वाहन और होटल की CCTV DVR भी ले गए, बिना कोई जब्ती रसीद दिए. इस शिकायत के आधार पर चिरगांव पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई. हिमाचल पुलिस का कहना है कि यह एक अपहरण या अनाधिकृत गिरफ्तारी जैसा मामला है और जांच के लिए संबंधित दिल्ली पुलिस टीम को थाने में लाया जाना चाहिए.

3. सवाल: पहले छोड़ा फिर रोका क्यों?

जवाब: पहली बार हिमाचल पुलिस ने दिल्ली पुलिस टीम को धरमपुर व शोगी के रास्ते रोककर हिरासत में लिया और उन्हें शिमला जिला कोर्ट में पेश किया, जहां से ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद दिल्ली पुलिस को तीन आरोपियों को दिल्ली ले जाने की अनुमति दी गई. लेकिन जैसे ही टीम वापस यात्रा कर रही थी, उसे शोगी बारियर पर फिर से रोका गया क्योंकि उसी मामले को लेकर एफआईआर दर्ज हो चुकी थी. स्थानीय पुलिस ने कहा कि अब वे जांच में शामिल होने तक आगे नहीं जाने देंगे.

4. सवाल: क्या छूट गई दिल्ली पुलिस?

जवाब: दिल्ली पुलिस कर्मी ने कहा, "हम अब यहां से जा रहे हैं," जब उनसे पूछा गया कि क्या शिमला पुलिस ने दिल्ली पुलिस की सभी गाड़ियों को छोड़ दिया है, तो उन्होंने हां में सिर हिलाया.

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