कौन है नरसिम्हा यादव, जिसने लिखी विदेशी मेहमानों के सामने 'नंगे' प्रदर्शन वाली स्क्रिप्ट? देशभर में कांग्रेस की 'थू-थू'!
दिल्ली में आयोजित AI इम्पैक्ट समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के शर्टलेस प्रदर्शन से सियासी बवाल खड़ा हो गया. इस पूरे घटनाक्रम में राहुल गांधी के करीबी माने जाने वाले नरसिम्हा यादव की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं.
दिल्ली में आयोजित 'AI इम्पैक्ट समिट' के दौरान उस समय सियासी तापमान अचानक बढ़ गया, जब यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम परिसर में शर्टलेस प्रदर्शन किया. इस घटना ने न केवल राजनीतिक गलियारों में हलचल मचाई, बल्कि सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस के बीच तीखी बयानबाज़ी का दौर भी तेज कर दिया. इस प्रदर्शन के पीछे राहुल गांधी के करीबी नरसिम्हा यादव का हाथ बताया जा रहा है.
समिट के समापन दिवस पर हुए इस विरोध प्रदर्शन के बाद केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि विपक्ष सरकार को घेरने के लिए 'भारत को अपमानित' करने की कोशिश कर रहा है. वहीं कांग्रेस ने इसे सरकार की नीतियों और कथित अव्यवस्थाओं के खिलाफ लोकतांत्रिक विरोध बताया.
नरसिम्हा यादव कौन?
प्रदर्शन के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी. सूत्रों के मुताबिक, प्रदर्शन के आयोजन और समन्वय में नरसिम्हा यादव की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जा रही है. वह इंडियन यूथ कांग्रेस के नेशनल कोऑर्डिनेटर हैं और युवाओं की राजनीतिक भागीदारी को बढ़ावा देने में सक्रिय रहते हैं. बताया जा रहा है कि उनके नेतृत्व में ही यह विरोध कार्यक्रम आयोजित किया गया. राजनीतिक हलकों में नरसिम्हा यादव को राहुल गांधी का करीबी माना जाता है.क्या AI समिट में शर्टलेस प्रदर्शन ‘राजनीतिक रणनीति’ था?
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा कि 'यह कांग्रेस का अहंकार और हताशा खुलकर सामने आ रही है! तो श्री राहुल गांधी, क्या सरकार को निशाना बनाने के लिए भारत को अपमानित करना ही आपकी विपक्ष की राजनीति का तरीका है?'
उन्होंने आगे कहा कि 'जहां आप हालिया व्यापार समझौतों को लेकर झूठ फैलाकर भारत के विकास को रोकना चाहते हैं, वहीं आपके कार्यकर्ता प्रतिष्ठित AI समिट में शर्टलेस मार्च कर 140 करोड़ भारतीयों को वैश्विक मंच पर शर्मिंदा करने की कोशिश कर रहे हैं. यह विघटनकारी रणनीति केवल आपके और आपकी पार्टी के भारत के प्रति दृष्टिकोण की कमी को उजागर करती है.' भाजपा का दावा है कि यह प्रदर्शन एक सोची-समझी रणनीति के तहत किया गया, ताकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की छवि को धूमिल किया जा सके.
प्रदर्शन क्यों हुआ और क्या थे आरोप?
यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में शर्ट उतारकर नारेबाजी की. संगठन की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि 'इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद की और उस समझौता कर चुके प्रधानमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया, जिन्होंने AI समिट में देश की पहचान से समझौता किया है.' पुलिस ने मौके पर मौजूद प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और सूत्रों के मुताबिक उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है.
क्या AI समिट में अव्यवस्था के आरोप सही हैं?
कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि 'भारत की प्रतिभा और डेटा का लाभ उठाने के बजाय, यह AI समिट एक अव्यवस्थित पीआर प्रदर्शन बनकर रह गई है. भारतीय डेटा बिक्री के लिए तैयार है और चीनी उत्पादों को प्रदर्शित किया जा रहा है.' उन्होंने समिट की व्यवस्था और उद्देश्यों पर सवाल खड़े किए.
क्या ‘शोपीस इवेंट’ बना अव्यवस्था का शिकार?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी सरकार को घेरते हुए कहा कि 'जो AI समिट पूरी दुनिया के लिए भारत की डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षमताओं का एक शोपीस बन सकती थी, वह कथित तौर पर इस 'पीआर की भूखी' सरकार के कारण पूरी तरह अव्यवस्था और गंभीर कुप्रबंधन में बदल गई है! उन्होंने दावा किया कि आगंतुकों और प्रदर्शकों को भोजन और पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण कठिनाइयों का सामना करना पड़ा.
क्या कांग्रेस के भीतर ही मतभेद हैं?
दिलचस्प रूप से, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने समिट की सराहना की. उन्होंने कहा कि 'शुरुआती दो दिन बेहद अच्छे रहे हैं. कुछ छोटी-मोटी कमियां जरूर रही हैं, लेकिन इतने बड़े आयोजन में ऐसी बातें हो जाती हैं.' उन्होंने आगे कहा कि 'जो सबसे प्रभावशाली रहा है, वह राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और विश्व नेताओं की उपस्थिति है.' रक्षा क्षेत्र पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि 'जहां तक फ्रांसीसी राफेल का सवाल है... यह वास्तव में एक रक्षात्मक रक्षा है, और इस मुद्दे पर मैं सरकार का समर्थन करता हूं.' उनका यह बयान कांग्रेस की आधिकारिक आलोचना से अलग रुख दर्शाता है.
भाजपा का तीखा पलटवार
भाजपा सांसद Sambit Patra ने आरोप लगाया कि 'यह किसी सड़क पर खड़े यूथ कांग्रेस नेता द्वारा अचानक बनाई गई योजना नहीं थी। यह योजना राहुल गांधी के निवास पर बनाई गई थी.' उन्होंने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 'राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी सबसे बड़े स्तर के देशद्रोही हैं... कांग्रेस के लिए मेरे पास केवल तीन शब्द हैं: टॉपलेस, ब्रेनलेस, शेमलेस.'
भाजपा प्रवक्ता Syed Zafar Islam ने कहा कि 'यह दर्शाता है कि देश को बदनाम करना ही कांग्रेस पार्टी की राजनीति है. वहीं केंद्रीय मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इसे “anti-India” कृत्य बताया. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने कहा कि 'भारत की वैश्विक छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है... इसके पीछे जो लोग हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए.'
इंडिया AI इम्पैक्ट समिट में इंडियन यूथ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन पर केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि 'वे शायद इस बात से घबरा गए होंगे कि इतना भव्य AI समिट कैसे आयोजित किया जा रहा है. यह वह समय है जब हमें इस समिट को राजनीति से ऊपर रखकर सभी को इस प्रयास में सहयोग करना चाहिए. कांग्रेस हर चीज़ में केवल बाधाएं पैदा करना चाहती है और अब उन्हें केवल भगवान ही बचा सकते हैं.
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने ट्वीट किया कि 'यह कांग्रेस पार्टी की गहरी हताशा और विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है. राहुल गांधी, क्या सरकार पर हमला करने के लिए भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को कमजोर करना ही आपकी रचनात्मक विपक्ष की परिभाषा है? हालिया व्यापार समझौतों को लेकर भ्रामक दावे फैलाकर भारत की प्रगति को रोकने की कोशिश की जा रही है, वहीं आपकी पार्टी के सदस्य प्रतिष्ठित AI समिट में शर्टलेस मार्च कर दुनिया के सामने 140 करोड़ भारतीयों की नकारात्मक छवि पेश करने का प्रयास कर रहे हैं. ऐसे हथकंडे केवल राष्ट्र के लिए दूरदर्शी दृष्टिकोण की कमी को उजागर करते हैं.'
जो गिरफ़्तार हुए उनके नाम :
1. कृष्णा हरि
राष्ट्रीय सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
2. कुंदन यादव
बिहार राज्य सचिव, भारतीय युवा कांग्रेस
3. अजय कुमार
उत्तर प्रदेश राज्य उपाध्यक्ष, भारतीय युवा कांग्रेस
4. नरसिम्हा यादव
राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस




