फैक्ट्रियां चलेंगी, हथियार बनेंगे-लेकिन मिडिल क्लास का घर कैसे चलेगा? एक्सपर्ट बोले- बजट से आम लोगों को मिला सिर्फ 'झुनझुना'

बजट 2026-27 में आत्मनिर्भर भारत और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया गया. CA संजय गुप्ता के अनुसार, बजट से मिडिल क्लास सबसे ज्यादा निराश हुआ है. पढ़ें यह खास रिपोर्ट.;

मिडिल क्लास को बजट 2026 से मिली निराशा
By :  अच्‍युत कुमार द्विवेदी
Updated On : 1 Feb 2026 11:00 PM IST

Budget 2026-27 CA Sanjay Gupta Analysis: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आम बजट 2026-27 पेश करते हुए देश की अर्थव्यवस्था के लिए आने वाले वर्षों का रोडमैप सामने रखा. टैक्स सुधार, निवेश प्रोत्साहन, सामाजिक कल्याण और फिस्कल अनुशासन के बीच संतुलन साधने की कोशिश इस बजट की सबसे बड़ी खासियत रही. हालांकि, बजट का असर हर वर्ग पर समान नहीं दिखा और सबसे ज्यादा निराशा मिडिल क्लास में देखने को मिली. स्टेट मिरर हिंदी से खास बातचीत में अनुभवी चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय गुप्ता ने बजट का गहराई से विश्लेषण किया. उनका साफ कहना है कि आत्मनिर्भर भारत और मैन्युफैक्चरिंग को लेकर सरकार की दिशा स्पष्ट है, लेकिन मध्यम वर्ग के लिए बजट में 'कुछ भी ठोस' नहीं है.

CA संजय गुप्ता के मुताबिक, बजट 2026-27 में 7 सेक्टर्स के भीतर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने की बात कही गई है. सेमीकंडक्टर्स, डिफेंस कॉरिडोर और ड्रोन टेक्नोलॉजी पर फोकस दिखता है. यूपी डिफेंस कॉरिडोर और हथियारों के निर्यात की दिशा में भारत धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है, लेकिन अमेरिका और चीन जैसे वैश्विक ताकतों को बजट के जरिए कोई मजबूत रणनीतिक संदेश नहीं दिया गया.

'जमीन पर नहीं उतर पातीं योजनाएं'

संजय गुप्ता ने महिला सशक्तिकरण की योजनाओं, जैसे लखपति दीदी, को सकारात्मक कदम बताया, लेकिन सवाल उठाया कि कई योजनाएं ज़मीन पर उतर ही नहीं पातीं. आवंटित फंड खर्च नहीं हो पाता और स्कीमें कागजों तक सिमट जाती हैं. महिला शक्ति, युवा शक्ति और रोजगार पर और ज्यादा फोकस की जरूरत है.

'मिडिल क्लास के हाथ आया झुनझुना'

संजय गुप्ता का कहना है कि मिडिल क्लास को इस बजट में हाथ मलते रहना पड़ा. उसके हाथ केवल झुनझुना आया.  न हाउसिंग लोन पर राहत मिली, न ही हेल्थ सेक्टर में कोई बड़ी घोषणा की गई, जबकि टैक्स रेगुलेशंस और जटिल हो गए. उनके मुताबिक, मिडिल क्लास के लिहाज से यह बजट 10 में से सिर्फ 2–3 नंबर का है.

रक्षा बजट में 30 फीसदी का इजाफा

सीए संजय गुप्ता  ने बताया कि रक्षा बजट में लगभग 30% का इजाफा हुआ है. हम धीरे-धीरे उस लेवल पर जा रहे हैं कि हम हथियारों को एक्सपोर्ट कर पा रहे हैं. आज ड्रोन डिफेंस सिस्टम का सबसे बड़ा हिस्सा बन गए हैं. हमें ड्रोन टेक्नोलॉजी पर विशेष काम करने की जरूरत है. पाकिस्तान के लिए भारत का कोई भी एफर्ट डराने वाला है, लेकिन चीन की ओर हम आंखें तरेर कर नहीं देख सकते.

'MSME के तहत लोन मिलना हुआ मुश्किल'

संजय गुप्ता ने कहा कि MSME को बिना गारंटी लोन की घोषणा तो हुई, लेकिन हकीकत यह है कि 10 में से 8 बैंकर आज भी लोन देने से मना कर देते हैं. अगर लोन मिलता भी है तो 11–12.5% की भारी ब्याज दर पर...

'भारत दुनिया की Fastest Growing Economy'

संजय गुप्ता ने बताया कि इस बार सरकार ने GDP ग्रोथ अनुमान 7.4 फीसदी जताया है. इस समय भारत दुनिया की Fastest Growing Economy बना हुआ है. EU डील के बाद अब अमेरिका भी टैरिफ पर सोचने को मजबूर हो गया है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के 50 फीसदी टैरिफ लगाने से देश को काफी नुकसान हुआ, कई सेक्टर्स  इससे प्रभावित हुए.  CA ने बताया कि सरकार ने लगातार रूस से तेल खरीदकर अपनी घरेलू जरूरतों को पूरा किया है. हालांकि, क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़ने से पेट्रोल-डीजल महंगा हो सकता है, जिससे ट्रांसपोर्टेशन की कीमत बढ़ जाएगी. उन्होंने कहा कि रुपये में भी गिरावट देखने को मिली है. यह 90 के पार पहुंच गया है.

'भारत में बनेगी टर्नल बोरिंग मशीन'

CA संजय गुप्ता ने बताया कि टर्नल बोरिंग मशीन जर्मनी और यूरोप के अंदर बनती हैं. पहली बार इसे भारत में बनाने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा सरकार ऐसा सिस्टम तैयार करना चाहती है कि जिसे हम एक्सपोर्ट कर रहे हैं, वो यह समझे कि वह हमें रिप्लेसमेंट नहीं कर सकती. 

Full View

'मुफ्त रेवड़ियों पर खर्च को सीमित किया जाना चाहिए'

सीए गुप्ता ने यह भी कहा कि सरकार से 1 से 2 प्रतिशत बजट को मुफ्त रेवड़ियों पर खर्च न करने के लिए कदम उठाने की उम्मीद थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ. चुनावी राज्यों में मुफ्त रेवड़ियों पर खर्च को सीमित किया जाना चाहिए. टैक्सपेयर्स के पैसे को इस तरह बांटना सही नहीं है. उन्होंने कहा कि देश में अमेरिका के DOGE जैसे खर्च निगरानी विभाग की जरूरत है.

'सिस्टम की कमियों को दूर करने की जरूरत'

संजय गुप्ता ने कहा कि सरकार देश में रोजगार पैदा करने की कोशिश कर रही है. मनरेगा स्कीम का नाम चेंज करना ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा कि मनरेगा के तहत काम के दिनों और पेमेंट में इजाफा किया गया है. हालांकि, सिस्टम की कमियों को दूर करने की जरूरत है.  

'आयुष्मान भारत योजना का लाभ नहीं ले पा रहे मरीज'

चार्टर्ड अकाउंटेंट संजय गुप्ता ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का लाभ मरीज नहीं ले पा रहे हैं. जो अस्पताल इलाज करते हैं, उनका पेमेंट 1 साल बाद मिलता है. इससे अस्पताल वाले परेशान हैं. डॉक्टर की फीस ही टाइम से नहीं मिलेगी, तो वह इलाज कैसे करेगा. 

'किसानों की आय बढ़ाने के लिए उपलब्ध कराई जाए नई टेक्नोलॉजी'

संजय गुप्ता ने कहा कि कृषि किसानों को नकली खाद और नकली बीज मिलने से काफी पीड़ा होती है. एमएसएमई को लेकर भी काफी बवाल हुआ था. उन्होंने कहा कि अगर सरकार वाकई किसानों की आय बढ़ाना चाहती है तो उन्हें नई टेक्नोलॉजी उपलब्ध कराई जाए. 

मिडिल क्लास के लिए बजट को दिए 10 में से 3 नंबर

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 आत्मनिर्भर भारत और मैन्युफैक्चरिंग के लिहाज से मजबूत दिखता है, लेकिन मिडिल क्लास के लिए यह बजट उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया. सीए संजय गुप्ता ने आत्मनिर्भर भारत के बजट को 7 से साढ़े 7 प्रतिशत, जबकि मिडिल क्लास के लोगों के लिए बजट को 2 से 3 नंबर दिया.

Similar News