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अब विदेश जाना हुआ सस्ता! Budget 2026 में टूर पैकेज से लेकर पढ़ाई तक टैक्स राहत, NRI से लेकर स्टूडेंट को क्या मिलेगा फायदा?

Budget 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विदेशी टूर पैकेज, विदेश में पढ़ाई और इलाज के खर्च पर TCS घटाया. NRI प्रॉपर्टी बिक्री और TDS नियम भी आसान किए गए.

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नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार

Published on: 1 Feb 2026 2:45 PM

बजट 2026 में विदेश यात्रा, पढ़ाई और इलाज का सपना देखने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरराष्ट्रीय लेन-देन से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलाव करते हुए आम लोगों और परिवारों पर पड़ने वाला टैक्स बोझ कम किया है. सरकार का मकसद यह है कि विदेश जाने वाले नागरिकों को अनावश्यक टैक्स जटिलताओं का सामना न करना पड़े और उनकी वित्तीय योजना आसान बने.

इस बजट में विदेशी टूर पैकेज, विदेश में शिक्षा और मेडिकल खर्च के लिए भेजी जाने वाली रकम पर TCS में कटौती की गई है. साथ ही, मानव संसाधन (HR) सेवाओं को लेकर TDS नियमों को भी सरल किया गया है. इन फैसलों से न सिर्फ अंतरराष्ट्रीय यात्रा सस्ती होगी, बल्कि पढ़ाई, इलाज और बिज़नेस से जुड़े लेन-देन भी तेज और पारदर्शी बनेंगे.

विदेश यात्रा और खर्च से जुड़े 10 बड़े बदलाव

  1. विदेशी टूर पैकेज पर TCS में बड़ी कटौती: अब विदेशी टूर पैकेज पर TCS सिर्फ 2% लगेगा, जबकि पहले यह 5% और कुछ मामलों में 20% तक था. इससे इंटरनेशनल हॉलीडे पहले से ज्यादा किफायती होंगे.
  2. न्यूनतम राशि की शर्त खत्म: विदेशी टूर पैकेज पर TCS लगाने के लिए अब कोई न्यूनतम रकम तय नहीं है. यानी छोटी ट्रिप बुक करने वालों को भी सीधा फायदा मिलेगा.
  3. विदेश में पढ़ाई के लिए TCS घटा: LRS (Liberalized Remittance Scheme) के तहत विदेश में पढ़ाई के लिए पैसा भेजने पर TCS 5% से घटाकर 2% कर दिया गया है. इससे छात्रों और अभिभावकों की आर्थिक चिंता कम होगी.
  4. विदेश में इलाज के खर्च पर राहत: मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए विदेश पैसा भेजने पर भी TCS कम किया गया है, जिससे गंभीर बीमारियों के इलाज का खर्च मैनेज करना आसान होगा.
  5. विदेशी बैंक ट्रांजैक्शन आसान: कम TCS के चलते विदेशी बैंक ट्रांजैक्शन पर टैक्स बोझ घटेगा और रेमिटेंस की प्रक्रिया तेज व सरल होगी.
  6. मानव संसाधन सेवाओं पर TDS नियम बदले: अब मानव संसाधन (HR) सेवाओं की सप्लाई को कॉन्ट्रैक्टर भुगतान के तहत माना जाएगा, जिससे टैक्स की गणना साफ और स्पष्ट होगी.
  7. HR सेवाओं पर सिर्फ 1% या 2% TDS: इस बदलाव के बाद संबंधित सेवाओं पर TDS सिर्फ 1% या 2% लगेगा, जो पहले की तुलना में काफी सरल व्यवस्था है.
  8. छोटे व्यापारियों और फ्रीलांसरों को फायदा: आउटसोर्सिंग एजेंसियां, छोटे बिज़नेस और फ्रीलांस कामगारों को टैक्स नियमों की जटिलता से राहत मिलेगी.
  9. NRI के लिए प्रॉपर्टी बिक्री आसान: अब NRI को भारत में प्रॉपर्टी बेचने के लिए TAN की जरूरत नहीं होगी. केवल PAN से ही काम चल जाएगा, जिससे प्रक्रिया आसान होगी.
  10. विदेशी संपत्ति की समय पर घोषणा जरूरी: अब विदेशी संपत्ति की जानकारी 6 महीने के भीतर देनी होगी. इससे टैक्स नियमों में पारदर्शिता बढ़ेगी और भविष्य में विवाद कम होंगे.

कुल मिलाकर विदेश यात्रा अब सस्ती और आसान होगी. विदेश में पढ़ाई और इलाज की फाइनेंशियल प्लानिंग सरल बनेगी. छोटे व्यापारियों और कामगारों के लिए TDS नियम ज्यादा स्पष्ट होंगे. बजट 2026 ने साफ कर दिया है कि सरकार अंतरराष्ट्रीय लेन-देन को आसान बनाकर आम नागरिकों की वैश्विक जरूरतों को ध्यान में रखकर नीतियां बना रही है.

बजट 2026
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