Gold Silver Price: चांदी की अब नहीं रही चांदी, सोना भी हुआ धड़ाम, क्या आपने भी लगाए हैं पैसे?
1 फरवरी 2026 को बजट पेश होने के साथ ही कमोडिटी मार्केट में बड़ा भूचाल आ गया। MCX पर सोने और चांदी की कीमतों में दो दिनों के भीतर ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गई. चांदी करीब 1 से 1.35 लाख रुपये प्रति किलो तक टूट गई, जबकि सोना 30 से 35 हजार रुपये प्रति 10 ग्राम सस्ता हो गया. एक्सपर्ट्स के मुताबिक जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग, फिजिकल डिमांड में कमी और CME द्वारा मार्जिन बढ़ाने की वजह से यह गिरावट आई है.
Gold Silver Price: बजट पेश होने वाले दिन यानी 1 फरवरी 2026 को पूरे देश की नजरें संसद पर टिकी हुई थीं, जहां वित्त मंत्री ने यूनियन बजट पेश किया. लेकिन ठीक उसी समय कमोडिटी मार्केट में एक अलग ही तूफान आ गया था. सोने और चांदी की कीमतों में पिछले दो दिनों से लगातार इतनी तेज गिरावट देखने को मिली है कि निवेशक और आम लोग दोनों हैरान हैं. जो कीमतें कुछ दिन पहले तक रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचकर आसमान छू रही थीं, वे अचानक से धड़ाम से नीचे गिर पड़ीं. खासकर वायदा बाजार (फ्यूचर्स मार्केट) में यह कोहराम मचा हुआ है, जहां कीमतें पिछले उच्च स्तर से बहुत नीचे आ गई हैं और बाजार का पूरा माहौल ही पलट गया है.
यह गिरावट कोई छोटी-मोटी नहीं है, बल्कि बहुत बड़ी और चौंकाने वाली है. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) के आंकड़ों के अनुसार, चांदी की कीमतों में तो भयंकर गिरावट आई है. 29 जनवरी को चांदी का भाव 4 लाख रुपये प्रति किलो के आसपास पहुंच गया था, लेकिन आज 1 फरवरी को यह लुढ़ककर लगभग 2.65 से 2.68 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर ट्रेड कर रही है यानी महज दो-तीन दिनों में चांदी के दाम में 1 लाख से 1.35 लाख रुपये तक की जबरदस्त कमी आ गई है. यह गिरावट इतनी तेज है कि कई लोग इसे ऐतिहासिक मान रहे हैं.
क्या है सोने का भाव
सोने का हाल भी कुछ ऐसा ही है. कुछ दिन पहले सोना 1.80 लाख से 1.90 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास पहुंचा था, लेकिन आज MCX पर यह 1.38 लाख से 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के बीच कारोबार कर रहा है. मतलब दो दिनों में सोने में 30,000 से 35,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी आई है. सर्राफा बाजार (फिजिकल मार्केट) में भी हालत खराब है. 30 जनवरी को ही सोना करीब 9,000-10,000 रुपये और चांदी 40,000 रुपये तक सस्ती हो गई थी. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, सर्राफा बाजार में 24 कैरेट सोना 1.65 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 3.39 लाख रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गई थी, लेकिन MCX पर गिरावट और भी ज्यादा तेज रही.
आखिरकार इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई?
मार्किट एक्सपर्ट्स के अनुसार, इस बड़े धक्के के पीछे कई वजहें हैं, लेकिन दो सबसे बड़े कारण सामने आ रहे हैं:
1- जबरदस्त प्रॉफिट बुकिंग (मुनाफा वसूली): पिछले कुछ महीनों में सोना और चांदी के दाम रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गए थे. जिन इन्वेस्टर ने पहले कम दाम पर खरीदा था, उन्होंने अब मुनाफा कमाने के लिए अपनी पोजीशन बेचनी शुरू कर दी. जब इतने सारे लोग एक साथ बेचते हैं, तो कीमतों पर बहुत दबाव पड़ता है और गिरावट तेज हो जाती है। यह एक तरह का सामूहिक मुनाफा कमाने का दौर था.
2- फिजिकल डिमांड में भारी कमी: जब दाम बहुत ज्यादा ऊंचे हो जाते हैं, तो आम लोग, ज्वेलर्स और इंडस्ट्री वाले खरीदारी कम कर देते हैं. शादी-विवाह या जेवरात के लिए लोग इंतजार करने लगते हैं कि दाम थोड़े नीचे आएं. इससे मांग कमजोर पड़ जाती है और कीमतें गिरने लगती हैं.
मार्जिन के खेल ने कैसे और बिगाड़ा हालात?
इस गिरावट का सबसे तकनीकी और बड़ा कारण 'मार्जिन रिक्वायरमेंट' में बढ़ोतरी है. कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के मुताबिक, शिकागो मर्केंटाइल एक्सचेंज (CME) ने पहले कॉपर पर मार्जिन बढ़ाया था, और अब सोने और चांदी पर भी मार्जिन बढ़ा दिया गया है. सोने पर मार्जिन 6% से बढ़ाकर 8% कर दिया गया, जबकि चांदी पर 11% से बढ़ाकर 15% कर दिया गया. इसे आसान भाषा में समझें तो कमोडिटी ट्रेडिंग में आपको पूरा पैसा जमा नहीं करना पड़ता, सिर्फ एक हिस्सा (मार्जिन) सिक्योरिटी के तौर पर रखना होता है. जब एक्सचेंज मार्जिन बढ़ाता है, तो ट्रेडर्स को अपनी पुरानी खरीद/बिक्री की पोजीशन बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पैसा जमा करना पड़ता है. कई ट्रेडर्स के पास तुरंत इतना अतिरिक्त कैश नहीं होता, इसलिए वे मजबूर होकर अपनी सोने-चांदी की पोजीशन बेच देते हैं. जब बाजार में एक साथ हजारों लोग बिकवाली करते हैं, तो कीमतें तेजी से गिरती हैं, जैसे ताश के पत्ते बिखर जाते हैं. इस वजह से गिरावट और तेज हो गई और यह दबाव आने वाले दिनों में भी बना रह सकता है.





