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दिल्ली से इंदौर तक आग का कहर: कहीं मासूम जले, कहीं पूरा परिवार उजड़ा… एक ही दिन में दो शहरों में मातम

दिल्ली और इंदौर में हुए भीषण अग्निकांड में 17 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई. शॉर्ट सर्किट और लापरवाही ने कई परिवारों की जिंदगी हमेशा के लिए बदल दी.

दिल्ली से इंदौर तक आग का कहर: कहीं मासूम जले, कहीं पूरा परिवार उजड़ा… एक ही दिन में दो शहरों में मातम
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Published on: 18 March 2026 9:36 PM

सुबह का वक्त था… लोग अपने दिन की शुरुआत कर रहे थे, कुछ बच्चे स्कूल जाने की तैयारी में थे, तो कुछ लोग रोज़मर्रा की जिंदगी में व्यस्त. लेकिन अचानक उठी आग की लपटों ने सब कुछ बदल दिया. पालम के साध नगर में एक 4 मंजिला इमारत में लगी आग ने 9 जिंदगियों को छीन लिया, जिनमें 3 मासूम बच्चियां भी शामिल थीं. इस दर्दनाक हादसे की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि इंदौर से एक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ गई- जहां एक घर में लगी आग ने पूरे परिवार को निगल लिया. दोनों शहरों में चीखें एक जैसी थीं, दर्द एक जैसा था.

कैसे चंद मिनटों में राख हो गई जिंदगियां?

दिल्ली के साध नगर में सुबह करीब 7 बजे अचानक आग भड़क उठी. नीचे से उठती आग की लपटें और ऊपर तक फैलता काला धुआं… बिल्डिंग में फंसे लोग मदद के लिए चिल्ला रहे थे. कुछ ने बचने के लिए इमारत से छलांग लगा दी… दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. दमकल की करीब 30 गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस हादसे में 9 लोगों की मौत हो गई. जिनमें 15, 6 और 3 साल की तीन मासूम बच्चियां भी थीं. कई जिंदगियां हमेशा के लिए बुझ गईं. अब आइए बात करते हैं मध्यप्रदेश के इंदौर अग्निकांड की.

इंदौर में कैसे उजड़ गया पूरा परिवार?

इंदौर में हादसा और भी भयावह था. देर रात करीब 3:30 बजे इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग के दौरान शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते आग ने तीन मंजिला मकान को अपनी चपेट में ले लिया. घर के अंदर रखे गैस सिलेंडर एक-एक कर फटने लगे…धमाके इतने तेज थे कि मकान का हिस्सा तक ढह गया. डिजिटल लॉक ने भी मौत का जाल बुन दिया. दरवाजे नहीं खुले और अंदर सो रहे लोग बाहर नहीं निकल सके. इस हादसे में 8 लोगों की मौत हो गई, जिनमें गर्भवती बहू भी शामिल थी. जो लोग जिंदा बचे, उनकी जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई.

श्मशान घाट का वो मंजर जिसने सबको रुला दिया?

इंदौर में जब अंतिम संस्कार हुआ, तो एक साथ 7 चिताएं जलीं… और एक छोटे बच्चे का शव बॉक्स में लाया गया. वो नजारे ऐसा था जिसे देखकर हर आंख नम हो गई. लोग खामोश खड़े थे… लेकिन दिलों में चीखें गूंज रही थीं.

क्या कह रहे हैं अधिकारी और नेता?

दमकल अधिकारियों के मुताबिक, दिल्ली में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट हो सकती है, हालांकि जांच जारी है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों हादसों पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख और घायलों को ₹50 हजार की सहायता देने का ऐलान किया. मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी इंदौर हादसे को गंभीर बताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं.

क्या ये हादसे एक चेतावनी हैं?

दिल्ली हो या इंदौर… आग ने एक बार फिर दिखा दिया कि लापरवाही कितनी बड़ी कीमत मांगती है. शॉर्ट सर्किट, ज्वलनशील सामान, बंद रास्ते, डिजिटल लॉक- ये सब मिलकर मौत का जाल बन सकते हैं.

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