क्यों 5th Fleet पर हमला अमेरिका के दिल पर नहीं, उसकी नसों पर वार माना जाता है? Explainer
बहरीन में तैनात अमेरिकी 5th Fleet वैश्विक तेल मार्गों और समुद्री सुरक्षा की अहम कड़ी है. जानिए इसे अमेरिका की नसों पर वार क्यों माना जाता है.
अमेरिका की सैन्य शक्ति को अगर मानव शरीर से तुलना करें तो उसका “दिल” वॉशिंगटन और पेंटागन हैं, लेकिन उसकी “नसें” वे सैन्य नेटवर्क हैं जो दुनिया भर में उसकी ताकत, रसद, युद्धपोत, विमान और व्यापारिक मार्गों को जोड़ते हैं. इसी वजह से अमेरिकी नौसेना की Fifth Fleet यानी पांचवां बेड़े पर हमला केवल एक सैन्य ठिकाने पर हमला नहीं माना जाता, बल्कि उस नेटवर्क पर वार माना जाता है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी प्रभाव को जीवित रखता है. हाल ही में युद्धविराम टूटने के बाद ईरानी सेना ने अमेरिकी बहरीन स्थित उसके 5th Fleet मुख्यालय को निशाना बनाने का दावा किया है. जिसके बाद से अमेरिका का पांचवां बेड़ा एक बार चर्चा में है.
क्या है 5th Fleet?
5th Fleet अमेरिकी नौसेना की वह कमान है जो मध्य पूर्व और हिंद महासागर के सबसे संवेदनशील समुद्री क्षेत्रों की निगरानी करती है. इसका मुख्यालय Bahrain है और इसका संचालन क्षेत्र फारस की खाड़ी, अरब सागर, लाल सागर, ओमान की खाड़ी, अदन की खाड़ी तथा हिंद महासागर के बड़े हिस्से तक फैला हुआ है.
इसका मुख्य काम समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा, तेल आपूर्ति की निगरानी, समुद्री डकैती रोकना और अमेरिकी सहयोगी देशों को सुरक्षा प्रदान करना है. खास तौर पर Strait of Hormuz की सुरक्षा, इसकी सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में शामिल है, जहां से दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
बहरीन में ही क्यों तैनात है 5th Fleet?
बहरीन भौगोलिक रूप से फारस की खाड़ी के केंद्र में स्थित है. यहां से अमेरिका ईरान, इराक, कुवैत, सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात सहित पूरे खाड़ी क्षेत्र पर नजर रख सकता है. इसी रणनीतिक कारण से अमेरिका ने 1995 में 5th Fleet को फिर से सक्रिय कर इसका मुख्यालय बहरीन में स्थापित किया था. बहरीन का नौसैनिक अड्डा अमेरिकी युद्धपोतों, विध्वंसक जहाजों, पनडुब्बियों और विमानवाहक पोतों के लिए अग्रिम संचालन केंद्र का काम करता है.
किन युद्धों में दिखा चुका है कमाल?
5th Fleet का इतिहास केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं है. इसका गठन द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हुआ था और इसने जापान के खिलाफ कई महत्वपूर्ण अभियानों में भूमिका निभाई थी. बाद में इसे निष्क्रिय कर दिया गया और 1990 के दशक में फिर सक्रिय किया गया. उसके बाद...
- 1991 के खाड़ी युद्ध (Gulf War) के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा संचालन की जिम्मेदारी इसी पर थी.
- Iraq War के दौरान समुद्री नाकेबंदी और युद्धपोत तैनाती हुई थी.
- War in Afghanistan के दौरान विमानवाहक पोतों से हवाई अभियान अमेरिका के इसी पांचवें बेड़े ने चलाया था.
- आतंकवाद विरोधी अभियानों और समुद्री सुरक्षा मिशनों में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रहा है.
इसे अमेरिकी सेना की “नस” क्यों कहा जाता है?
मानव शरीर में नसें रक्त को पूरे शरीर तक पहुंचाती हैं. उसी तरह 5th Fleet अमेरिका की आर्थिक और सैन्य जीवनरेखा माने जाने वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा करती है.
दुनिया की ऊर्जा आपूर्ति का बड़ा हिस्सा फारस की खाड़ी और होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरता है. यदि यह मार्ग बाधित हो जाए तो तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं, वैश्विक व्यापार प्रभावित हो सकता है और अमेरिकी सहयोगियों की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है. इसलिए 5th Fleet केवल युद्ध लड़ने वाली ताकत नहीं, बल्कि अमेरिकी प्रभाव और वैश्विक व्यापार को चलाने वाली “नसों” की सुरक्षा व्यवस्था है.
ईरान ने इस पर हमला क्यों किया?
2026 में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़े तनाव के दौरान अमेरिका ने ईरानी सैन्य ठिकानों, रडार और निगरानी सुविधाओं पर कार्रवाई की. इसके जवाब में ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में स्थिति 21 अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया, जिनमें 5th Fleet का मुख्यालय भी शामिल था.
ईरान का उद्देश्य केवल सैन्य जवाब देना नहीं था, बल्कि यह संदेश देना भी था कि यदि अमेरिका उस पर दबाव बढ़ाएगा तो वह अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और वैश्विक ऊर्जा मार्गों को चुनौती दे सकता है. 5th Fleet को निशाना बनाना प्रतीकात्मक रूप से अमेरिका की क्षेत्रीय शक्ति को चुनौती देने जैसा माना गया.
क्या है पूरा मामला?
हालिया घटनाक्रम में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव बढ़ा, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के ठिकानों और सैन्य ढांचों पर कार्रवाई की. इसी क्रम में बहरीन स्थित 5th Fleet मुख्यालय को भी ईरानी हमलों का लक्ष्य बताया गया. हालांकि, अमेरिकी और क्षेत्रीय रक्षा प्रणालियों ने कई हमलों को रोकने का दावा किया है, लेकिन इस घटना ने यह स्पष्ट कर दिया कि 5th Fleet मध्य पूर्व में अमेरिकी शक्ति का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री केंद्र बना हुआ है.
अमेरिकी 5th Fleet पर हमला इसलिए असाधारण माना जाता है क्योंकि यह किसी एक सैन्य अड्डे पर हमला नहीं, बल्कि उस समुद्री नेटवर्क पर प्रहार है जो अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा, वैश्विक व्यापार मार्गों और मध्य पूर्व में सैन्य प्रभाव को बनाए रखता है. यही कारण है कि रणनीतिक विशेषज्ञ इसे अमेरिका के “दिल” पर नहीं, बल्कि उसकी “नसों” पर वार कह रहे हैं.




