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बांग्लादेश के हिंदू निताई राय चौधरी कौन, जो रहमान सरकार में बने मंत्री? क्या हैं इसके मायने

बांग्लादेश के चुनावों में BNP के वरिष्ठ नेता निताई रॉय चौधरी ने जीत हासिल की और Tarique Rahman की अगुवाई वाली सरकार में बनाए गए हैं. जानें, बतौर मंत्री उनका राजनीतिक सफर, भूमिका और भारत के लिए संभावित असर कया हो सकता है?

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( Image Source:  nitai roy chowdhury facebook )

बांग्लादेश की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है. हिंदू समुदाय से आने वाले वरिष्ठ नेता निताई राय चौधरी को रहमान सरकार में मंत्री पद की जिम्मेदारी मिली है. ऐसे समय में जब बांग्लादेश में अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर लगातार चर्चा होती रही है, यह नियुक्ति सिर्फ एक राजनीतिक फैसला नहीं बल्कि एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश भी मानी जा रही है.

करीब सात दशक की उम्र में सक्रिय राजनीति कर रहे निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के वरिष्ठ नेता रहे हैं और लंबे समय से पार्टी नेतृत्व के करीबी माने जाते हैं. अब रहमान सरकार में उनकी एंट्री को कई जानकार संतुलन, संदेश और रणनीति-तीनों नजरियों से देख रहे हैं. जानें, बतौर मंत्री उनका राजनीतिक सफर, भूमिका और भारत के लिए संभावित असर कया हो सकता है?

कौन हैं निताई रॉय चौधरी?

Nitai Roy Chowdhury बांग्लादेश के एक वरिष्ठ हिंदू राजनीतिज्ञ, वकील और Bangladesh Nationalist Party (BNP) के Vice Chairman हैं. वे Magura-2 निर्वाचन क्षेत्र से सांसद चुने गए हैं और BNP के शीर्ष सलाहकार रणनीतिकारों में से एक माने जाते हैं.

बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के नेता निताई राय चौधरी का जन्म 5 जनवरी 1949 को मगुरा जिला बांग्लादेश में हुआ था. वह पेशे से वकील हैं. छात्र जीवन से ही उन्होंने राजनीति की शुरुआत कर दी थी. कुछ समय बाद वह BNP में शामिल हो गए थे. पूर्व में जवानों और खेल मंत्री तथा कानून, न्याय और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री रहे हैं. BNP के केंद्रीय समिति के वरिष्ठ नेता और रणनीतिक सलाहकार के रूप में भी काम कर चुके हैं. कई दशकों से बांग्लादेश की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं.

कहां से जीत कर संसद पहुंचे निताई?

निताई रॉय चौधरी ने Magura-2 सीट से भारी मतों से जीत हासिल की. उनके प्रतिद्वंद्वी को पर्याप्त अंतर से परास्त किया गया और बांग्लादेश की 13वीं जातीय संसद में वे सांसद बनकर उभरे.

उन्हें मंत्री क्यों बनाया?

हाल के मीडिया रिपोर्टों में संकेत मिल रहे थे कि तारीक रहमान उन्हें अपनी मंत्रिमंडल में जगह दे सकते हैं. हुआ भी वैसा ही रहमान के नेतृत्व वाली BNP सरकार में निताई रॉय चौधरी जैसे वरिष्ठ नेताओं को मंत्रिमंडल या उच्च जिम्मेदारियों के लिए शामिल किए गए हैं. यह बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधित्व का प्रतीक है.

  • वह BNP में वरिष्ठ और भरोसेमंद चेहरा हैं. अल्पसंख्यक समुदाय यानी हिंदू का प्रतिनिधित्व करते हैं. अनुभव और रणनीतिक सलाह देने की क्षमता है.
  • पार्टी नेतृत्व के प्रति स्थिर समर्थन देते आए हैं. इन वजहों से उन्हें मंत्री या उच्च पद पर उन्हें नियुक्त किया गया है.

भारत के लिए क्या है इसकी अहमियत?

  • बांग्लादेश में हिंदू समुदाय के प्रतिनिधित्व के रूप में यह भारत-बांग्लादेश के बीच दोस्ताना संकेत भेजता है, जहां लगभग 8% आबादी हिंदू है.
  • BNP सरकार की संवेदनशील विदेश नीति पर निताई जैसे नेता का समर्थन रिश्तों को सकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकता है, खासकर सीमा सुरक्षा, व्यापार और नागरिक मुद्दों में.
  • उनकी उपस्थिति से अल्पसंख्यकों को राजनीतिक सुरक्षा का भरोसा मिलता है, जो द्विपक्षीय बातचीत के दौरान भारत के लिए एक सकारात्मक संकेत भी हो सकता है.
  • निताई रॉय चौधरी बांग्लादेश के एक अनुभवी, अच्छे भाषणक, वकील और वरिष्ठ BNP नेता हैं, जिनका चुनाव जीतना और संभावित मंत्री बनना देश की राजनीति और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व दोनों के लिए महत्वपूर्ण है. भारत के लिए यह सकारात्मक संकेत है कि दो देशों के बीच सांस्कृतिक और राजनीतिक संवाद मजबूत हो सकता है.
बांग्लादेशवर्ल्‍ड न्‍यूज
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