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BLA का मुखौटा या कुछ और? पाकिस्तान को ‘खून के आंसू’ रुला रहा PFF कितना खतरनाक

Peoples Fighters Front (PFF) हाल के समय में पाकिस्तान की सुरक्षा चुनौतियों के बीच उभरता संगठन है. इसके नेटवर्क, वैचारिक आधार और संभावित कनेक्शनों को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं.

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( Image Source:  Sora AI )

इस्लामाबाद-तेहरान सीमा पर उभरता एक नया नाम है पीपल्स फाइटर्स फ्रंट (PFF). यह दक्षिण एशिया की सुरक्षा गणित को बदलने की क्षमता रखता है. बलूच इलाकों में लंबे समय से simmer कर रहे असंतोष के बीच यह गठबंधन अचानक सामने आया और देखते ही देखते सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर चढ़ गया. माना जा रहा है कि यह बलूच लिबरेशन आर्मी सहित वहां के कई उग्रवादी संगठनों को ज्वाइंट फेस है. सवाल यही है , क्या PFF वाकई पाकिस्तान के लिए बड़ा खतरा बन रहा है, या यह क्षेत्रीय उग्रवाद की पुरानी कड़ी का नया चेहरा है?

हाल ही में इसने पाकिस्तान के खैबर फख्तूनख्वा प्रांत के बाजौर जिले के ममूंद (मलांगी) इलाके में तैनात 172वें विंग बाजौर स्काउट्स पर बड़ा आत्मघाती हमला किया था. इस हमले में 16 पाकिस्तानी सैनकिों और चार आम लोगों की मौत हो चुकी है. इस हमले की जिम्मेदारी पीपल्स फाइटर्स फ्रंट ने ली है. बताया तो यहां तक जा रहा है कि पाक ईरान बॉर्डर पर सक्रिय यह वही आतंकी संगठन है, जिसने कुलभूषण जाधव को अगवा किया था.

पीएफएफ पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से सक्रिय जैश अल-अदल का ही एक नया चेहरा बताया जा रहा है. आज वही ताकतें पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को रुला रही हैं, जो अपनी ही मिट्टी में खून बहते देख रहे हैं.

Peoples Fighters Front क्या है?

पीपुल्स फाइटर्स फ्रंट यानी PFF एक उग्रवादी संगठन के रूप में चर्चा में आया नाम है. इसे पाकिस्तान के अंदर सक्रिय सशस्त्र समूहों में गिना जा रहा है, जो राज्य के खिलाफ हिंसक गतिविधियों से जुड़ा बताया जाता है.

PFF का इतिहास: कब और कैसे उभरा?

PFF हाल के वर्षों में पाकिस्तान में बढ़ते असंतोष और क्षेत्रीय उग्रवाद की पृष्ठभूमि में उभरा है. कुछ रिपोर्टों में इसे अलगाववादी या विद्रोही विचारधाराओं से जोड़कर देखा जाता है. पाकिस्तान पहले से ही कई सशस्त्र संगठनों की गतिविधियों से जूझता रहा है, जैसे तहरीक ए तालीबान पाकिस्तान, बलूच लिबरेशन आर्मी,जायश अल अदल, नसर मूवमेंट, पदा रसुल अल्ला ग्रुप व अन्य का नया फॉर्मेट है. विशेषज्ञ मानते हैं कि PFF का उभार उसी व्यापक अस्थिरता का हिस्सा हो सकता है.

पाकिस्तान के लिए PFF खतरनाक कैसे?

PFF को लेकर खतरे की आशंका इन कारणों से बढ़ती है. इसकी छोटे लेकिन संगठित सेल्स में काम करने की रणनीति का होना है. पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ स्थानीय असंतोष का लाभ इसे मिल सकता है. पीएफएफ क्षेत्रीय मुद्दों को सरकार के खिलाफ हथियार के रूप में इस्तेमाल कर सकता है.

People's Fighters Front (PFF) ?एक नयी मिलीशिया/उग्रवादी गठबंधन है जो दिसंबर 2025 में कई बलूच मिलिशियाओं के मिलकर बनाया गया था, खासकर Jaysh al-Adl, Nasr Movement, Pada Baloch Movement और Muhammad Rasul Allah Group का संयुक्त रूप. यह समूह सिस्टान–बलूचिस्तान (ईरान) और आसपास के इलाकों में सक्रिय माना जाता है. इसके बारे में उपलब्ध पुष्ट और विश्वसनीय घटनाओं का रिकॉर्ड फिलहाल बहुत व्यापक नहीं है, लेकिन जो दावे या ऑपरेशन्स यह समूह या उसके पूर्ववर्ती घटक जुड़े हैं.

क्या हाई-इम्पैक्ट रणनीति पर पर करता है काम?

ऐसा इसलिए कि पीएफएफ का नेतृत्व और कमांड चेन अभी स्पष्ट नहीं है. लो-इंटेंसिटी लेकिन हाई-इम्पैक्ट रणनीति पर काम करता है. सुरक्षा एजेंसियां जांच में इस बात के संकेत मिले हैं कि पीएफएफ का अन्य संगठनों से संभावित लिंक हो सकता है. यदि PFF किसी बड़े प्रतिबंधित संगठन का ‘फ्रंट’ है, तो यह पाकिस्तान की सुरक्षा के लिए दीर्घकालिक चुनौती बन सकता है.

IRGC हमले की ली थी जिम्मेदारी

IRGC 11 दिसंबर 2025 को PFF ने ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) के एक काफिले पर हमला करने का दावा किया था. यह हमला Zahedan, सिस्टान–बलूचिस्तान प्रांत (ईरान) के Lar इलाके के पास हुआ था. समूह ने कहा कि उनके हमले में कम से कम 4 IRGC सैनिक मारे गए और कई घायल हुए. यह हमला स्थानीय सुरक्षा बलों पर प्रतिशोध के रूप में किया गया था, समूह ने इसका श्रेय खुद लिया. यह PFF का पहला और सबसे स्पष्ट जिम्मेदारी का दावा है जो मीडिया और विश्लेषण रिपोर्टों में दर्ज है.

PFF का नेटवर्क कैसे काम करता है?

सुरक्षा विश्लेषकों के अनुसार ऐसे संगठनों का नेटवर्क आमतौर पर तीन स्तरों पर काम करता है. स्थानीय मॉड्यूल के रूप में. यानी भर्ती और जमीनी गतिविधियां. गुप्त वित्तीय नेटवर्क, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म का अपने लक्ष्यों का इस्तेमाल करने में कर सकता है. डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के जरिए विचारधारा फैलाना और युवाओं को जोड़ना इसकी नई रणनीति मानी जा रही है.

पाकिस्तान में उग्रवाद क्यों बढ़ रहा?

पाकिस्तान लंबे समय से आंतरिक सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है. खासकर सीमावर्ती अस्थिरता, अलगाववादी आंदोलन, कट्टरपंथी संगठनों की सक्रियता व अन्य. इन परिस्थितियों में PFF जैसे समूहों का उभार स्थिति को और जटिल बना सकता है.

नया नाम, पुरानी चुनौती?

Peoples Fighters Front (PFF) का नाम भले नया हो, लेकिन पाकिस्तान के लिए उग्रवाद की चुनौती नई नहीं है. आने वाले समय में इसकी गतिविधियां और सरकारी कार्रवाई ही तय करेंगी कि यह संगठन कितना प्रभावी या खतरनाक साबित होता है.

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