अप्रैल के पहले सप्ताह में असम में हो सकता है मतदान, एक फेज में चुनाव होने की संभावना
असम विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. सूत्रों के मुताबिक अप्रैल के पहले सप्ताह मतदान और एक ही चरण में चुनाव कराने की योजना पर विचार किया जा रहा है.
असम विधानसभा चुनाव 2026 एक ही चरण में कराए जा सकते हैं और अप्रैल के पहले सप्ताह में वोटिंग हो सकती है. सूत्रों के अनुसार राज्य में अप्रैल के पहले सप्ताह में चुनाव हो सकते हैं. चुनाव एक फेज में हो सकता है और 4-8 मार्च के बीच इसका एलान संभव है.
चुनाव आयोग (ECI) की टीम ने गुवाहाटी में राजनीतिक दलों से मुलाकात कर तैयारियों और चुनावी माहौल का जायजा लिया है. माना जा रहा है कि मार्च के पहले हफ्ते में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो सकता है. इस बीच बीहू पर्व, मतदाता सूची में बदलाव और राजनीतिक दलों की मांगों को लेकर भी अहम संकेत मिले हैं.
क्या असम विधानसभा चुनाव एक ही चरण में होंगे?
सूत्रों के मुताबिक, 126 सीटों वाली असम विधानसभा के चुनाव एक ही चरण में कराए जाने की संभावना है. चुनाव आयोग इस विकल्प को प्राथमिकता दे रहा है ताकि लंबी प्रक्रिया से बचा जा सके और सुरक्षा बलों की तैनाती को संतुलित रखा जा सके. हालांकि, कुछ दलों ने अधिकतम दो चरणों में चुनाव कराने का सुझाव भी दिया है.
चुनाव आयोग की टीम असम क्यों पहुंची?
चुनाव आयोग का प्रतिनिधिमंडल, जिसकी अगुवाई मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार कर रहे हैं, तीन दिवसीय दौरे पर गुवाहाटी पहुंचा है. टीम में चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी भी शामिल हैं. प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासनिक अधिकारियों और राजनीतिक दलों के साथ बैठक कर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की.
राजनीतिक दलों ने आयोग के सामने क्या मांग रखी?
कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, CPI(M), AIUDF, AGP, BPF और UPPL समेत कई दलों ने चुनाव एक ही चरण या अधिकतम दो चरणों में कराने की मांग की. साथ ही दलों ने आग्रह किया कि मतदान की तारीखें तय करते समय अप्रैल के मध्य से शुरू होने वाले बीहू पर्व को ध्यान में रखा जाए, ताकि त्योहार और कृषि गतिविधियों पर असर न पड़े.
बीहू पर्व चुनावी तारीखों को कैसे प्रभावित करेगा?
बीहू असम का प्रमुख त्योहार है, जो असमिया नववर्ष और खेती के मौसम की शुरुआत का प्रतीक है. राजनीतिक दलों का कहना है कि अगर इसी दौरान चुनाव कराए गए तो मतदान प्रतिशत प्रभावित हो सकता है. इसी वजह से आयोग से अनुरोध किया गया है कि बीहू के आसपास चुनाव कार्यक्रम न रखा जाए.
मतदाता सूची को लेकर आयोग को क्या फीडबैक मिला?
अधिकतर दलों ने मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण (Special Revision) की प्रक्रिया की सराहना की है. हालांकि, शांतिपूर्ण और निष्पक्ष चुनाव के लिए सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को और मजबूत करने के सुझाव भी दिए गए हैं. चुनाव आयोग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, पहले ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 2,52,01,624 मतदाता थे. अंतिम सूची में यह संख्या घटकर 2,49,58,139 रह गई है. यानी करीब 2.43 लाख नाम सूची से हटाए गए हैं. यह बदलाव विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के बाद किया गया है.
पिछले विधानसभा चुनावों में किसकी जीत हुई थी?
2021 के चुनाव तीन चरणों में हुए थे. तब भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए ने 75 सीटें जीतकर सत्ता बरकरार रखी थी. कांग्रेस गठबंधन को 50 सीटें मिली थीं. मौजूदा मुख्यमंत्री हिमंता बिश्वा सरमा ने जलुकबाड़ी सीट से रिकॉर्ड अंतर से जीत दर्ज की थी. हाल ही में भाजपा की ‘बूथ विजय संकल्प सभा’ में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोई भी ताकत भाजपा की जीत को नहीं रोक सकती.





