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असम में वोटर लिस्ट अपडेट, 2.43 लाख नाम हटे, आपका नाम नहीं तो तुरंत उठाएं ये कदम

असम में स्पेशल रिविज़न के बाद 2.43 लाख वोटर्स के नाम हटा दिए गए हैं. अगर आपका भी नाम गायब है तो आप इसके लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आवेदन दे सकते हैं.

असम में वोटर लिस्ट अपडेट, 2.43 लाख नाम हटे, आपका नाम नहीं तो तुरंत उठाएं ये कदम
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( Image Source:  AI GENERATED IMAGE-ChatGPT )
समी सिद्दीकी
Edited By: समी सिद्दीकी

Published on: 11 Feb 2026 7:30 AM

AI

Assam Voter List 2026: असम में 2026 विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग के जरिए कराए गए स्पेशल रिविज़न (SR) के बाद नई मतदाता लिस्ट पब्लिश कर दी गई है. इस प्रक्रिया में आखिरी लिस्ट से करीब 2.43 लाख नाम हटा दिए गए हैं. इसके चलते कुल रजिस्टर्ड वोटर्स की तादाद में कमी आई है और कई नागरिक अपने मतदान अधिकार को लेकर सवाल उठा रहे हैं.

चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि असम में जो प्रक्रिया चल रही है वह विशेष संशोधन (SR) है, न कि विशेष गहन संशोधन (SIR). SR का मकसद मौजूदा वोटर लिस्ट को अपडेट करना और अयोग्य एंट्रीज़ को हटाना होता है. इसमें पूरी तरह से नई गणना नहीं की जाती. वहीं SIR में सभी मतदाताओं का दोबारा सत्यापन और दस्तावेजों की जांच की जाती है.

कैसे जांचें अपना नाम?

मतदाता अपनी स्थिति जानने के लिए चुनाव आयोग की आधिकारिक वेबसाइट या वोटर हेल्पलाइन सेवाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं. यहां नाम या वोटर आईडी नंबर के जरिए खोज की जा सकती है. साथ ही पोलिंग स्टेशन और संबंधित चुनाव अधिकारी की जानकारी भी मिलती है.

चुनाव आयोग का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को सटीक बनाने के लिए है, किसी योग्य नागरिक को मतदान से वंचित करने के लिए नहीं. इसलिए सभी मतदाताओं से समय रहते अपनी जानकारी जांचने और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने की अपील की गई है.

किन कारणों से हट सकता है नाम?

अधिकारियों के मुताबिक, मतदाता सूची से नाम हटने के पीछे कई कारण हो सकते हैं, जैसे, मतदाता की मृत्यु की पुष्टि, एक ही व्यक्ति का नाम दो बार दर्ज होना, स्थायी रूप से किसी अन्य क्षेत्र में स्थानांतरण, बूथ लेवल अधिकारी द्वारा पते पर सत्यापन के दौरान व्यक्ति का नहीं मिलना और नया पता अपडेट न कराना आदि.

संशोधन प्रक्रिया के दौरान बूथ लेवल अधिकारियों ने पहले से भरे हुए डेटा के आधार पर घर-घर जाकर सत्यापन किया. अगर कोई मतदाता दिए गए पते पर नहीं मिला और नई जानकारी उपलब्ध नहीं थी, तो तय प्रक्रिया के तहत उसका नाम हटाया जा सकता है.

लिस्ट में नाम हटने पर क्या करें?

चुनाव अधिकारियों ने साफ किया है कि नाम हटने का मतलब यह नहीं है कि मतदाता का अधिकार खत्म हो गया है. योग्य नागरिकों के लिए कानूनी उपाय उपलब्ध हैं.

  • नाम दोबारा जुड़वाने या पहली बार रजिस्टर करने के लिए फॉर्म 6 भरना होगा.
  • आवेदन ऑनलाइन चुनाव आयोग के पोर्टल के जरिए या स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के पास जमा किया जा सकता है.
  • इस दौरान पहचान पत्र और वर्तमान पते का प्रमाण देना जरूरी होगा.
  • आवेदन की जांच के बाद जरूरत पड़ने पर सुनवाई के लिए बुलाया जा सकता है.

पता बदलने पर क्या करें?

अगर मतदाता उसी विधानसभा क्षेत्र के भीतर नए पते पर गया है, तो फॉर्म 8 भरकर पते में सुधार कराया जा सकता है. अगर वह किसी दूसरे विधानसभा क्षेत्र में शिफ्ट हो गया है, तो नए पते से दोबारा आवेदन करना होगा. हाल ही में जिन इलाकों में बेदखली (eviction) अभियान चले हैं, वहां से विस्थापित लोगों को अपने वर्तमान निवास स्थान से ही पंजीकरण कराना होगा. वे पुराने पते पर रजिस्टर नहीं कर सकते.

अगर किसी शख्स का ज़िला स्तर पर आवेदन खारिज हो जाता है, तो निर्धारित समय सीमा के अंदर वह उच्च चुनाव अधिकारियों के पास अपील की कर सकता है.

असम न्‍यूज
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