राजधानी दिल्ली में गुमशुदा लोगों की संख्या डराने वाली रफ्तार से बढ़ रही है. महज 1 जनवरी 2026 से 15 जनवरी 2026 के बीच अलग-अलग इलाकों से 807 लोग लापता हो चुके हैं. इनमें बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तक शामिल हैं. हर गुमशुदगी के पीछे एक टूटा हुआ परिवार और अंतहीन इंतज़ार की कहानी है. दिल्ली पुलिस खुद को “स्कॉटलैंड स्टाइल पुलिसिंग” का दावा करती है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि सैकड़ों परिवार अपने अपनों की तलाश में थानों और दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं. सरकारी सिस्टम की सुस्ती और जवाबदेही की कमी पर सवाल खड़े हो रहे हैं. यह मामला सिर्फ आंकड़ों का नहीं, बल्कि राजधानी में आम लोगों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की गंभीर चुनौती बन चुका है. कार्यक्रम “ऐसी की तैसी” में इसी दर्दनाक हकीकत को उजागर किया गया है कि आखिर दिल्ली में लोग कैसे और क्यों गायब हो रहे हैं, और जिम्मेदार कौन है?