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AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: अब ID, मौसम अलर्ट और सलाह सबकुछ मोबाइल पर, चैटबॉट से घटेगा जोखिम

केंद्र सरकार ने डिजिटल कृषि मिशन के तहत किसान ID, AI मॉनसून अलर्ट, कीट निगरानी और चैटबॉट सेवाएं शुरू की है. यह गाइड बताएगी कि किसान इन सुविधाओं का फायदा कैसे उठा सकते हैं. स्मार्ट खेती से घटेगा जोखिम और बढ़ेगी पैदावार. जानें कैसे मिलेगा फायदा.

AI से बदलेगी खेती की तस्वीर: अब ID, मौसम अलर्ट और सलाह सबकुछ मोबाइल पर, चैटबॉट से घटेगा जोखिम
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( Image Source:  Sora AI )

भारत में खेती अब पारंपरिक तरीकों से आगे बढ़कर डिजिटल युग में प्रवेश कर चुकी है. सरकार के नए AI आधारित कृषि प्लेटफॉर्म के जरिए अब किसान किसान ID, मॉनसून अलर्ट, कीट चेतावनी और फसल सलाह सीधे अपने मोबाइल पर प्राप्त कर सकेंगे. चैटबॉट तकनीक के माध्यम से 24×7 सलाह मिलने से जोखिम घटेगा, सही समय पर निर्णय संभव होगा और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी. यह पहल न केवल छोटे और सीमांत किसानों के लिए सहारा बनेगी, बल्कि खेती को डेटा-ड्रिवन और स्मार्ट बनाने की दिशा में बड़ा कदम भी है.

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को जयपुर में एक कार्यक्रम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बेस्ड डिजिटल प्लेटफॉर्म Bharat-VISTAAR को लॉन्च किया. यह एआई प्लेटफॉर्म देश के किसानों को कई तरह की सुविधाएं देने वाला है.

उन्होंने कहा, "अगर कोई किसान अपने खेत पर आता है और उसे लगता है कि उसकी फसल में कोई बीमारी है, तो वह कॉल करके पूछ सकता है कि यह दिक्कत है, उसे बीमारी और कौन सी दवाई डालनी है, इसकी जानकारी मिलेगी. अगर वह मार्केट के दाम जानना चाहता है, तो उसे बताया जाएगा, मौसम की जानकारी, योजनाओं की जानकारी, यह सारी जानकारी भारत-VISTAAR के जरिए दी जाएगी, जो हमारा AI प्लेटफॉर्म है. खास बात यह है कि किसानों को ये जानकारी सभी भाषाओं में दी जाएगी."

डिजिटल कृषि मिशन क्या है और किसान के लिए क्यों जरूरी?

डिजिटल कृषि मिशन सरकार की वह पहल है जिसके तहत हर किसान का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है. इसमें जमीन, फसल, बीमा और सरकारी योजनाओं की जानकारी एक प्लेटफॉर्म पर जोड़ी जा रही है. इसका मकसद किसानों को सही समय पर सही सलाह देना है. किसानों का नुकसान कम करना, फसल उत्पादन बढ़ाना, सीधे बैंक खाते में लाभ पहुंचाना है.

किसान ID क्या है और कैसे बनाएं?

किसान आईडी एक यूनिक डिजिटल पहचान है, जिससे आपकी जमीन और फसल का रिकॉर्ड जुड़ता है. कोई भी किसान इसे अपने राज्य के कृषि विभाग की वेबसाइट या CSC केंद्र जाकर बनवा सकते हैं. ऐसे करते वक्त किसान आधार कार्ड और जमीन के कागज साथ रखें. मोबाइल नंबर रजिस्टर कराएं. सत्यापन के बाद आपको किसान ID मिल जाएगी. किसान आईडी ​बनने के बाद सब्सिडी, बीमा और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे मिलेगा.

किसान ई-मित्र चैटबॉट से कैसे मिलेगी तुरंत सलाह?

किसान ई-मित्र एक AI आधारित चैटबॉट है जो 11 भाषाओं में उपलब्ध है. 24×7 सवालों के सवालों के जवाब दिए जाएंगे. फसल, खाद, कीट, बीमा से जुड़े समाधान भी बताए जाएंगे.

कैसे उठाएं इसका लाभ?

आधिकारिक पोर्टल या WhatsApp नंबर पर मैसेज करें. अपनी फसल और समस्या लिखें. तुरंत सुझाव प्राप्त करें.

कीट हमला होने पर क्या करें? AI सिस्टम कैसे मदद करेगा?

राष्ट्रीय कीट निगरानी प्रणाली 66 फसलों की निगरानी करेगा. सैकड़ों कीट प्रजातियों की पहचान भी वही करेगा. समय से पहले पहले अलर्ट भेजेगा. अगर आपके इलाके में कीट का खतरा है, तो SMS या ऐप के जरिए सूचना मिलेगी.

मॉनसून और मौसम की जानकारी कैसे मिलेगी?

AI आधारित मॉनसून पूर्वानुमान, बुवाई का सही समय, भारी बारिश/सूखे का अलर्ट, तापमान बदलाव की जानकारी, बीज और खाद की बचत, नुकसान कम, बेहतर पैदावार सबकी जानकारी दी जाएगी.

फसल बीमा क्लेम अब आसान कैसे?

किसान एआई प्लेटफॉर्म के जरिए AI आधारित टूल्स से संभावित नुकसान का डिजिटल सर्वे किया जाएगा. उसके बाद तेज क्लेम प्रोसेस पारदर्शिता के साथ कराने की योजना है.

क्या करें किसान?

फसल बीमा योजना में नाम दर्ज कराएं. नुकसान की सूचना तुरंत दें. फोटो/वीडियो अपलोड करें.

बाजार भाव की जानकारी कैसे मिलेगी?

AI सिस्टम e-NAM और मंडी डेटा से किस फसल का क्या भाव चल रहा है, किस मंडी में बेहतर कीमत मिल सकता है और भविष्य का संभावित ट्रेंड भी बताए जाएंगे. इससे किसान सही समय पर फसल बेच सकते हैं.

छोटे किसानों को सबसे ज्यादा फायदा कैसे?

अब उनका जोखिम कम होगा, लागत घटेगी, सही निर्णय ले पाएंगे, सरकारी लाभ सीधे खाते में जाएगा.

किसान किन बातों का ध्यान रखें?

किसान मोबाइल नंबर अपडेट रखें. फसल की सही जानकारी दर्ज कराएं. आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें और अफवाहों से बचें.

क्या AI सच में खेती बदल सकता है?

अगर किसान सही तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग करेंगे तो उत्पादन बढ़ सकता है. नुकसान कम हो सकता है. बाजार तक पहुंच बेहतर होगी. आय में सुधार होगा.

आगे की योजना क्या है?

पहले चरण में इसे चुनिंदा राज्यों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जा रहा है. सफलता मिलने पर इसे पूरे देश में विस्तार देने की योजना है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सही तरीके से लागू हुआ, तो यह प्लेटफॉर्म भारत में कृषि क्षेत्र की उत्पादकता और आय बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है.

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