AI में भारत बनेगा टॉप-3 महाशक्ति! PM मोदी का बड़ा विज़न, DPI से बदलेगा ‘विकसित भारत 2047’ का भविष्य
India AI Impact Summit 2026 में PM मोदी ने AI को विकसित भारत 2047 का इंजन बताया. लक्ष्य- भारत को दुनिया की टॉप-3 AI महाशक्तियों में शामिल करना.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को साफ कहा कि 'भारत को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व हासिल करना होगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि देश केवल तकनीक का उपभोक्ता बनकर नहीं रह सकता, बल्कि उसे अत्याधुनिक AI समाधान विकसित करने वाला अग्रणी राष्ट्र बनना चाहिए.
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026’ के अवसर पर ANI को दिए विशेष साक्षात्कार में प्रधानमंत्री ने भारत की AI नजारे, वैश्विक सहयोग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI), युवाओं की भूमिका और आत्मनिर्भर भारत के विज़न पर विस्तार से बात की. उन्होंने साफ कहा कि उनका लक्ष्य है कि भारत दुनिया की शीर्ष तीन AI महाशक्तियों में शामिल हो.
'Sarvajan Hitay, Sarvajan Sukhaye’ क्यों है AI समिट का मूल मंत्र?
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि 'आज आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक सभ्यतागत मोड़ पर खड़ा है. यह मानव क्षमताओं को अभूतपूर्व रूप से विस्तार दे सकता है, लेकिन यदि इसे सही दिशा न दी जाए तो यह मौजूदा सामाजिक संरचनाओं की भी परीक्षा ले सकता है.' उन्होंने स्पष्ट किया कि AI समिट को केवल नवाचार तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि इसके प्रभाव (Impact) पर ध्यान दिया गया है.
मार्गदर्शक भावना ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ भारत की सभ्यतागत दर्शन को दर्शाती है. तकनीक का अंतिम उद्देश्य ‘सभी के लिए कल्याण, सभी के लिए सुख’ होना चाहिए. तकनीक मानवता की सेवा करने के लिए है, उसका स्थान लेने के लिए नहीं.' समिट का ढांचा ‘People, Planet and Progress’ पर आधारित है, ताकि AI का लाभ कुछ देशों या कंपनियों तक सीमित न रहकर पूरी दुनिया तक पहुंचे.
विकसित भारत 2047 में AI की क्या भूमिका होगी?
प्रधानमंत्री ने कहा कि 'AI विकसित भारत 2047 की दिशा में भारत की यात्रा के लिए एक परिवर्तनकारी अवसर का प्रतिनिधित्व करता है.' स्वास्थ्य क्षेत्र में AI आधारित समाधान टीबी, डायबिटिक रेटिनोपैथी और अन्य बीमारियों की शुरुआती पहचान में मदद कर रहे हैं. शिक्षा में भारतीय भाषाओं में पर्सनलाइज्ड लर्निंग प्लेटफॉर्म ग्रामीण छात्रों को सहयोग दे रहे हैं. उन्होंने बताया कि अमूल 36 लाख महिला दुग्ध उत्पादकों तक AI के जरिए रियल-टाइम मार्गदर्शन पहुंचा रहा है. कृषि क्षेत्र में ‘भारत विस्तार’ पहल के तहत AI आधारित फसल सलाह और मौसम विश्लेषण किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर रहा है.
AI में बायस और जोखिम से भारत कैसे निपटेगा?
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI में लैंगिक, भाषाई और सामाजिक पूर्वाग्रह (Bias) गंभीर मुद्दा है. 'एआई सिस्टम अनजाने में लिंग, भाषा और सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि से जुड़े पूर्वाग्रहों को आगे बढ़ा सकते हैं.' भारत विविधता से भरा देश है, इसलिए यहां क्षेत्रीय भाषाओं और ग्रामीण संदर्भों को ध्यान में रखते हुए डेटासेट तैयार किए जा रहे हैं. AI के निष्पक्ष और सुरक्षित उपयोग के लिए भारत वैश्विक सहयोग का समर्थन कर रहा है.
डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर और AI का संगम क्या बदल सकता है?
प्रधानमंत्री ने कहा कि आधार और UPI जैसी प्रणालियों ने समावेशी डिजिटल ढांचा तैयार किया है. 'डीपीआई और एआई का संगम समावेशी विकास की अगली सीमा है.' AI के साथ यह ढांचा सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बना सकता है. जैसे कल्याण योजनाओं का सटीक लक्ष्यीकरण, धोखाधड़ी की पहचान और शहरी योजना में सुधार.
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युवाओं की नौकरी पर AI का असर- सरकार क्या कर रही है?
प्रधानमंत्री ने युवाओं की चिंताओं को स्वीकार करते हुए कहा कि 'तैयारी ही डर का सबसे अच्छा इलाज है.' उन्होंने बताया कि सरकार बड़े पैमाने पर स्किलिंग और री-स्किलिंग कार्यक्रम चला रही है. उनका मानना है कि तकनीक नौकरियां खत्म नहीं करती, बल्कि नए अवसर पैदा करती है. 'इतिहास ने दिखाया है कि तकनीक के कारण काम समाप्त नहीं होता, बल्कि उसका स्वरूप बदलता है और नए प्रकार की नौकरियां पैदा होती हैं.'
IT सेक्टर और AI-खतरा या अवसर?
प्रधानमंत्री ने कहा कि AI भारत के IT सेक्टर को बदल रहा है, खत्म नहीं कर रहा. एआई आईटी सेक्टर की जगह नहीं ले रहा है, बल्कि उसे बदल रहा है.' सरकार ने इंडियाAI मिशन के तहत GPU, डेटा सेंटर और AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना का लक्ष्य रखा है, ताकि स्टार्टअप और शोध संस्थानों को विश्वस्तरीय संसाधन मिल सकें.
आत्मनिर्भर भारत में AI का विज़न क्या है?
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'भारत को केवल तकनीक का उपभोग ही नहीं करना चाहिए, बल्कि उसे स्वयं विकसित भी करना चाहिए.' उनका लक्ष्य है कि भारत शीर्ष तीन AI सुपरपावर में शामिल हो. 'मेरा विज़न है कि भारत वैश्विक स्तर पर शीर्ष तीन एआई महाशक्तियों में शामिल हो. सिर्फ एआई का उपभोक्ता बनकर नहीं, बल्कि उसका सृजनकर्ता बनकर.' उन्होंने कहा कि AI भारत के लिए रोजगार सृजन, वैश्विक नेतृत्व और मानव गरिमा को सशक्त करने का माध्यम बनेगा.





