साध्वी प्रेम बाईसा मौत मामले पर ताजा अपडेट, आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले भोमाराम का बड़ा खुलासा
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर ताजा अपडेट सामने आया है. आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट करने वाले भोमाराम ने अब बड़ा खुलासा किया है.
Sadhvi Prem Baisa
Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान के जोधपुर में चर्चित कथा वाचक साध्वी प्रेम बाईसा की मौत को लगभग 2 सप्ताह बीत चुके हैं, लेकिन यह मामला अब भी रहस्य और सवालों से घिरा हुआ है. क्या साध्वी प्रेम बाईसा की मौत स्वाभाविक थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश छिपी है यह सवाल लगातार तेज होता जा रहा है. मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच अब SIT के हवाले कर दी गई है.
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक इसी बीच जांच में एक अहम नाम सामने आया है भोमाराम, वही व्यक्ति जिसने साध्वी प्रेम बाईसा के इंस्टाग्राम अकाउंट से आखिरी पोस्ट साझा की थी. अस्पताल से लेकर आश्रम तक की घटनाएं, इंस्टाग्राम पोस्ट के पीछे की वजह और उसके बाद बदला माहौल इन तमाम पहलुओं पर भोमाराम के बयान ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है.
आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट क्या बोला भोमाराम?
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत के बाद उनके इंस्टाग्राम अकाउंट से की गई आखिरी पोस्ट को लेकर शुरुआत से ही सवाल उठते रहे हैं. अब उस पोस्ट के पीछे की पूरी कहानी सामने आई है. आजतक से हुई एक्सक्लूसिव बातचीत में भोमाराम ने बताया कि उस रात आखिर क्या-क्या हुआ और किन हालात में उन्होंने वह पोस्ट डाली.
भोमाराम के मुताबिक “28 जनवरी की शाम 6 बजकर 52 मिनट पर मुझे वीरमनाथ जी का फोन आया. उन्होंने कहा कि बाईसा की तबीयत बहुत खराब है, तुरंत अस्पताल पहुंचो.” भोमाराम बताते हैं कि वीरमनाथ, साध्वी प्रेम बाईसा के पिता हैं. कॉल मिलते ही उन्होंने अपना तय कार्यक्रम रद्द किया और बिना देर किए अस्पताल के लिए निकल पड़े.
अस्पताल पहुंचते ही क्या हुआ?
भोमाराम ने बताया कि वे शाम 7 बजकर 31 मिनट पर अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी. उनके शब्दों में “जब मैं पहुंचा, तब तक बाईसा का देहांत हो चुका था. शरीर ढका हुआ था. माहौल बेहद गंभीर था. वीरमनाथ जी कांप रहे थे और बोलने की स्थिति में नहीं थे.” भोमाराम के अनुसार, अस्पताल पहुंचने के तुरंत बाद उन्होंने गुरुजी और अन्य संतों को फोन करना शुरू किया. वहीं, वीरमनाथ ने भी कई धार्मिक और सामाजिक हस्तियों से संपर्क किया. रास्ते में कई संतों और परिचितों को साध्वी के निधन की जानकारी दी गई.
किस पर छोड़ा गया पोस्टमार्टम का फैसला?
भोमाराम का कहना है कि सभी ने मिलकर यह तय किया कि आगे की हर प्रक्रिया संत समाज की मौजूदगी में ही होगी. उनका कहना है कि “पोस्टमार्टम होगा या नहीं, यह भी संतों की सलाह से ही तय करने का निर्णय लिया गया.” यह फैसला भी जांच के लिए अहम माना जा रहा है.
क्यों अहम है भोमाराम का बयान?
भोमाराम का यह बयान अब SIT जांच में एक महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है. आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट, अस्पताल में लिए गए फैसले और संत समाज की भूमिका-इन सभी बिंदुओं पर जांच एजेंसियां बारीकी से पड़ताल कर रही हैं.





