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साध्वी प्रेम बाईसा की मौत पर आश्रम कंपाउंडर के बयान से मचा बवाल, क्या छिपाया जा रहा है सच?

साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत पर काफी सवाल उठ रहे हैं. अब आश्रम से जुड़े एक कंपाउंडर का बयान सामने आया है.

Sadhvi Prem Baisa Death suspicious
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Sadhvi Prem Baisa

( Image Source:  X/ @SachinGuptaUP )
विशाल पुंडीर
Edited By: विशाल पुंडीर

Published on: 1 Feb 2026 12:25 PM

Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान के जोधपुर में कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत का मामला दिन-ब-दिन और पेचीदा होता जा रहा है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट से भी मौत की ठोस वजह सामने नहीं आ पाई है, जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं. अब इस रहस्य से पर्दा उठाने के लिए विसरा सैंपल को जयपुर स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है.

जांच एजेंसियों और परिजनों की निगाहें अब एफएसएल रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं. रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि साध्वी की मौत प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण छिपा हुआ है. फिलहाल पुलिस हर एंगल से मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है.

पोस्टमार्टम में दिखे संदिग्ध संकेत

सूत्रों के अनुसार, पोस्टमार्टम के दौरान साध्वी की छोटी और बड़ी आंत लाल पाई गई. मेडिकल विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की स्थिति शरीर में किसी जहरीले पदार्थ के प्रवेश की ओर इशारा कर सकती है. हालांकि, डॉक्टरों ने इसे अंतिम निष्कर्ष मानने से इनकार किया है. इसी वजह से विसरा की केमिकल जांच कराई जा रही है, ताकि यह पुष्टि हो सके कि शरीर में किसी प्रकार का जहर मौजूद था या नहीं. यदि जांच में जहर की पुष्टि होती है, तो अगला अहम सवाल यह होगा कि वह शरीर में किन परिस्थितियों में और कैसे पहुंचा?

इंजेक्शन एंगल से बढ़ी जांच की जटिलता

मामले में इंजेक्शन से जुड़ा एक नया पहलू भी सामने आया है. आश्रम से जुड़े कंपाउंडर देवी सिंह ने पुलिस को बताया कि साध्वी प्रेम बाईसा पहले भी कई बार डेक्सोना इंजेक्शन ले चुकी थीं. वहीं, घटनास्थल के बाहर से Asthalin दवा की दो शीशियां मिलने की जानकारी भी सामने आई है, जो आमतौर पर अस्थमा के मरीजों को दी जाती है.

इससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या साध्वी को अस्थमा की समस्या थी? डेक्सोना एक स्टेरॉयड दवा है, जिसका इस्तेमाल फेफड़ों की सूजन कम करने और सांस की नलियों को खोलने के लिए किया जाता है. पुलिस अब यह जांच कर रही है कि यह इंजेक्शन कहां से लाया गया और किन हालात में साध्वी को लगाया गया.

मामले की जांच के लिए SIT गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीपी छवि शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया है. इस टीम में तकनीकी और साइबर एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है. एसआईटी ने आश्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है और कंपाउंडर देवी सिंह से भी गहन सवाल-जवाब किए गए हैं. देवी सिंह का कहना है कि जो इंजेक्शन दिया गया था, वह सामान्य था और उससे मौत की संभावना बेहद कम है. इसके साथ ही पुलिस साध्वी की पूरी मेडिकल हिस्ट्री भी खंगाल रही है, ताकि किसी पुरानी बीमारी या इलाज से जुड़े तथ्य सामने आ सकें.

साध्वी के मामा गंगाराम ने दावा किया कि उन्होंने साध्वी का हाथ नीला और नाखून काले पड़े हुए देखे थे. हालांकि, उन्होंने किसी साजिश की आशंका से इनकार किया और कहा कि पुलिस को हर पहलू की निष्पक्ष और गहन जांच करनी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके.

RAJASTHAN NEWS
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