सांस फूली जोर-जोर से चिल्लाया! मौत से पहले क्या हुआ था साध्वी प्रेम बाईसा के साथ? इंस्टा पोस्ट का हुआ खुलासा
राजस्थान की युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध मौत ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है. पिता वीरमनाथ ने आरोप लगाया है कि मामूली गले की खराश के इलाज में लगाए गए गलत इंजेक्शन के कारण उनकी बेटी की जान चली गई. इंजेक्शन लगने के 30 सेकंड के भीतर प्रेम बाईसा की हालत बिगड़ गई और अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो गई.
Sadhvi Prem Baisa Death: राजस्थान की प्रसिद्ध युवा कथावाचक साध्वी प्रेम बाईसा जिनकी उम्र लगभग 23-25 साल थी उनकी मौत ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है. यह घटना काफी संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है, और उनके पिता वीरमनाथ जिन्हें लोग गुरुजी भी कहते हैं, ने इस पर बहुत गंभीर आरोप लगाए हैं. वीरमनाथ का साफ कहना है कि उनकी बेटी की मौत गलत इंजेक्शन लगने की वजह से हुई. उन्होंने बताया कि 28 जनवरी 2026 को प्रेम बाईसा को सिर्फ गले में खराश और जुकाम जैसी मामूली शिकायत थी.
आने वाले दिनों में उनके कई बड़े धार्मिक कार्यक्रम होने थे, जैसे अजमेर और चंडीगढ़ में, और एक कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आने वाले थे. इसलिए वे बीमारी को जल्दी ठीक करना चाहती थी. उसी दिन सुबह उनकी तबीयत थोड़ी और बिगड़ी, तो आश्रम में ही एक कंपाउंडर देवीलाल सिंह को बुलाया गया.
मौत से पहले क्या हुआ था?
यह कंपाउंडर पहले भी एक बार दवाई दे चुका था. इस बार उसने फोन पर कहा कि इंजेक्शन नॉर्मल है, और वह खुद लगा देगा. वीरमनाथ के अनुसार, जैसे ही इंजेक्शन लगा, महज 30 सेकंड के अंदर प्रेम बाईसा की हालत एकदम बिगड़ गई. वे जोर-जोर से चीखने लगीं, सांस लेने में बहुत तकलीफ हुई, मुंह और नाक से कफ निकलने लगा. वे गेट तक पहुंचते-पहुंचते बेहोश हो गईं. पिता ने तुरंत उन्हें गाड़ी में बिठाकर जोधपुर के प्रेक्षा अस्पताल ले जाया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी. सीपीआर करने की कोशिश की गई, लेकिन कुछ नहीं हो सका.
पिता ने किया इंस्टाग्राम पोस्ट का खुलासा
पिता वीरमनाथ ने दावा किया कि अंतिम पलों में प्रेम बाईसा ने उनसे कहा था, 'गुरुजी, मुझे न्याय दिलाना.' इसी वजह से घटना के करीब चार घंटे बाद उन्होंने उनके इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक पोस्ट शेयर करवाई ताकि लोग मामले को जानें और सच सामने आए. इस पोस्ट को लेकर भी काफी विवाद हुआ, कुछ लोग इसे सुसाइड नोट जैसा मान रहे थे. लेकिन पिता ने सफाई दी कि यह न्याय की गुहार थी, न कि सुसाइड का संकेत.
जांच के दायरे में है मामले
यह पूरी घटना काफी दुखद और रहस्यमयी है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है, कंपाउंडर को हिरासत में लिया गया है, आश्रम सील किया गया है, और इंजेक्शन (जिसे कुछ रिपोर्ट्स में डेक्सोना बताया जा रहा है) के खाली खोल जब्त किए गए हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, जो मौत का सही कारण बताएगी. पिता वीरमनाथ ने दैनिक भास्कर डिजिटल को दिए इंटरव्यू में अपना पूरा पक्ष रखा और सभी आरोपों से इनकार किया. वे कहते हैं कि उनकी बेटी की मौत एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था, लेकिन गलत इलाज ने इसे इतना खतरनाक बना दिया. यह मामला अभी जांच के दौर में है, और उम्मीद है कि जल्द ही सच्चाई सामने आएगी. साध्वी प्रेम बाईसा की मधुर कथाओं और भजनों से लाखों लोग जुड़े थे, उनकी अचानक मौत से सब बहुत दुखी हैं.





