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Budget 2026: क्‍या पेट्रोल-डीजल होंगे सस्ते? आम आदमी को मिल सकती है बड़ी राहत

Budget 2026 से पहले पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती की उम्मीद बढ़ गई है. पेट्रोलियम मंत्री के बयान और क्रूड ऑयल की स्थिर कीमतों से आम आदमी को बड़ी राहत मिलने के संकेत हैं.

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( Image Source:  Sora AI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Published on: 31 Jan 2026 12:27 PM

केंद्रीय बजट 2026 से पहले महंगाई से जूझ रहे आम लोगों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी के हालिया बयान से संकेत मिले हैं कि आने वाले समय में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती हो सकती है. अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें स्थिर बनी हुई हैं और सरकार का टैक्स कलेक्शन भी मजबूत स्थिति में है. ऐसे में बजट से पहले ईंधन पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का रास्ता खुल सकता है.

जी न्‍यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, पेट्रोलियम मंत्री ने कहा है कि सरकार आम उपभोक्ताओं पर पड़ने वाले बोझ को लेकर संवेदनशील है और टैक्स स्ट्रक्चर की लगातार समीक्षा की जा रही है. उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप लगातार महंगाई से परेशान हैं और बजट से सीधे राहत की उम्मीद कर रहे हैं.

अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें बनी हुई हैं स्थिर

बीते कई महीनों से वैश्विक बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतों में ज्यादा उतार-चढ़ाव नहीं देखा गया है. ब्रेंट क्रूड और डब्ल्यूटीआई क्रूड दोनों ही सीमित दायरे में कारोबार कर रहे हैं. इसका सीधा मतलब यह है कि भारत सरकार पर आयात लागत का दबाव फिलहाल कम है. विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल स्थिर बना रहता है, तो सरकार के पास पेट्रोल और डीजल पर लगाए जाने वाले टैक्स में कटौती करने का अवसर बनता है.

टैक्स कलेक्शन मजबूत, सरकार के पास गुंजाइश

रिपोर्ट के अनुसार, सरकार का राजस्व संग्रह (Revenue Collection) इस समय मजबूत स्थिति में है. जीएसटी कलेक्शन लगातार ऊंचे स्तर पर बना हुआ है और डायरेक्ट टैक्स से भी सरकार को अच्छी आमदनी हो रही है. ऐसे में एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर सरकार पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाती है, तो भी राजकोष पर बहुत बड़ा दबाव नहीं पड़ेगा. यही वजह है कि उद्योग जगत और आम जनता दोनों ही बजट 2026 से पहले ईंधन सस्ता होने की उम्मीद कर रहे हैं.

CII और उद्योग जगत की मांग: एक्साइज ड्यूटी घटे

भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) और अन्य व्यापारिक संगठनों ने भी सरकार से मांग की है कि पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली एक्साइज ड्यूटी में कटौती की जाए. उनका तर्क है कि इससे न केवल आम आदमी को राहत मिलेगी, बल्कि महंगाई पर भी काबू पाया जा सकेगा. उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतें कम होने से परिवहन लागत घटेगी और इसका असर सब्जियों, फल, दूध और अन्य जरूरी वस्तुओं की कीमतों पर भी पड़ेगा.

सिर्फ कार मालिकों को नहीं, हर परिवार को फायदा

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कटौती का फायदा सिर्फ कार या बाइक चलाने वालों को नहीं मिलेगा. इसका सीधा असर देश की पूरी सप्लाई चेन पर पड़ेगा. ईंधन सस्ता होने से ट्रांसपोर्ट का खर्च घटेगा, सब्जियों और अनाज की ढुलाई सस्ती होगी, किराया और मालभाड़ा कम हो सकता है और रोजमर्रा की चीजों के दाम नियंत्रित रहेंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा मिडिल क्लास और लोअर इनकम ग्रुप को मिलेगा, जिनके मासिक बजट पर ईंधन की कीमतों का सीधा असर पड़ता है.

महंगाई पर लगाम लगाने में मददगार कदम

एक्सपर्ट्स का मानना है कि अगर सरकार बजट में या उसके बाद पेट्रोल-डीजल की कीमतों में कटौती करती है, तो यह महंगाई को काबू में करने का बड़ा हथियार साबित हो सकता है. भारत में महंगाई का बड़ा हिस्सा परिवहन लागत से जुड़ा होता है. जैसे ही ईंधन महंगा होता है, सब कुछ महंगा हो जाता है. वहीं, अगर ईंधन सस्ता होता है तो बाजार में राहत की लहर दौड़ जाती है.

बजट भाषण में हो सकता है ऐलान या बाद में संशोधन

विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार के पास दो रास्ते हैं. बजट भाषण में ही पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कटौती का ऐलान या फिर बजट के कुछ समय बाद कीमतों में संशोधन. दोनों ही हालात में संकेत यही हैं कि सरकार आम आदमी को राहत देने की दिशा में सोच रही है.

क्या सच में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?

हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक एलान नहीं हुआ है, लेकिन पेट्रोलियम मंत्री का बयान और उद्योग जगत की मांग इस ओर इशारा कर रही है कि बजट 2026 आम जनता के लिए राहत भरा साबित हो सकता है. अगर सरकार एक्साइज ड्यूटी घटाती है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतों में प्रति लीटर कई रुपये तक की कमी संभव है.

आम आदमी की उम्मीदें बढ़ीं

बढ़ती महंगाई, ऊंची EMI और रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहे आम लोगों के लिए पेट्रोल-डीजल सस्ता होना किसी बड़ी राहत से कम नहीं होगा. यही वजह है कि बजट 2026 को लेकर लोगों की उम्मीदें अब सिर्फ इनकम टैक्स तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि ईंधन की कीमतों पर भी टिकी हुई हैं. मौजूदा हालात संकेत दे रहे हैं कि सरकार महंगाई से राहत देने के लिए बड़ा कदम उठा सकती है और यह कदम पेट्रोल-डीजल की कीमतों से शुरू हो सकता है.

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