बजट 2026 से क्या रसोई की महंगाई पर लगेगी लगाम? निर्मला सीतारमण से महिलाओं को है बड़ी उम्मीदें
महिलाओं के लिए आम बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किचन बजट से जुड़ा होता है. इस बार के बजट से महिलाओं को राहत मिल सकती है.
budget 2026
Budget 2026: केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को बजट पेश करने वाली है. जैसे-जैसे बजट की तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे देश के करोड़ों घरों में बजट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं. खासकर महिलाएं इस बार रसोई की महंगाई कम होने की उम्मीद कर रही हैं. महिलाओं के लिए आम बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं, बल्कि सीधे-सीधे किचन बजट से जुड़ा होता है.
बीते महीनों में मसाले, खाद्य तेल और दालों की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव ने मध्यम वर्गीय परिवारों की बचत पर गहरा असर डाला है. ऐसे में महिलाओं को उम्मीद है कि इस बार सरकार रोजमर्रा की जरूरतों को प्राथमिकता देगी.
खाद्य वस्तुओं पर GST में राहत की आस
महिलाओं की बड़ी मांग है कि सरकार खाद्य वस्तुओं पर GST दरों में कटौती करे या सप्लाई चेन को और मजबूत बनाए, ताकि सब्जियों, अनाज और दालों के दाम स्थिर रह सकें. माना जा रहा है कि बजट 2026 में कृषि उत्पादकता बढ़ाने, कोल्ड स्टोरेज और भंडारण सुविधाओं पर निवेश किया जा सकता है, जिससे लंबी अवधि में महंगाई पर काबू पाया जा सके.
LPG सिलेंडर की कीमतों ने बढ़ाई चिंता
उज्ज्वला योजना से भले ही महिलाओं को धुएं से राहत मिली हो, लेकिन एलपीजी सिलेंडर की बढ़ती कीमतें अब भी परेशानी का कारण बनी हुई हैं. कहीं न कहीं महिलाए चाहती हैं कि सरकार गैस सिलेंडर पर मिलने वाली सब्सिडी को बढ़ाए, ताकि रसोई का खर्च संतुलन में रहे.
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टमाटर-प्याज के दाम बने सबसे बड़ा मुद्दा
महिलाओं की एक और बड़ी उम्मीद रोजमर्रा की सब्जियों से जुड़ी है. टमाटर, प्याज और लहसुन जैसी जरूरी चीजों के दाम जब अचानक बढ़ते हैं, तो पूरे महीने का बजट बिगड़ जाता है. उम्मीद की जा रही है कि सरकार बजट में ऐसी व्यवस्था करे, जिससे इन वस्तुओं की कीमतों में स्थिरता बनी रहे.
बजट 2026 में महिला सशक्तिकरण पर खास फोकस?
सूत्रों के अनुसार, इस बार बजट में महिला सशक्तिकरण को नया आयाम दिया जा सकता है. जनधन खातों से जुड़ी महिलाओं के लिए सस्ते लोन, विशेष महिला क्रेडिट कार्ड और छोटे व्यवसाय शुरू करने वाली महिलाओं को आर्थिक मदद का ऐलान संभव है. इतना ही नहीं, महिलाओं के स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं के लिए भी बजट में अतिरिक्त प्रावधान किए जा सकते हैं. खास बीमा योजनाओं और लाभ से जुड़ी स्कीम्स को और मजबूत किया जा सकता है.





