Budget 2026: कैंसर मरीजों को बड़ी राहत, 17 लाइफ सेविंग दवाओं पर कस्टम ड्यूटी खत्म
यूनियन बजट 2026 में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर मरीजों को बड़ी राहत दी है. कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण और महंगी दवाओं पर मूल सीमा शुल्क (BCD) पूरी तरह से हटा दिया गया है. इससे इम्पोर्टेड दवाएं सस्ती होंगी और इलाज का खर्च कम होगा. सरकार का मकसद स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ बनाना है. इसके अलावा, पर्सनल इम्पोर्ट पर शुल्क 20% से घटाकर 10% किया गया है.
Budget 2026: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यूनियन बजट 2026 में कैंसर मरीजों के लिए बहुत बड़ी राहत की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 महत्वपूर्ण दवाओं पर मूल सीमा शुल्क (Basic Customs Duty - BCD) पूरी तरह से हटा दिया गया है मतलब अब इन दवाओं को विदेश से इम्पोर्ट करने पर सरकार कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं लगाएगी. इससे इन दवाओं की कीमत में अच्छी-खासी कमी आएगी और मरीजों को सस्ते में ये लाइफ सेवर दवाएं मिल सकेंगी.
कैंसर जैसी गंभीर बीमारी में इलाज बहुत महंगा होता है. कई दवाएं विदेश से आती हैं और उन पर पहले शुल्क लगने से उनकी कीमत और बढ़ जाती थी. परिवारों पर आर्थिक बोझ बहुत ज्यादा पड़ता था, कई बार लोग इलाज बीच में छोड़ देते थे या कर्ज लेना पड़ता था. इस फैसले से लाखों कैंसर मरीजों और उनके परिवारों को सीधा फायदा होगा. सरकार का मुख्य उद्देश्य है कि स्वास्थ्य सेवाएं हर नागरिक के लिए ज्यादा सुलभ और किफायती बनें, खासकर ऐसी बीमारियों में जहां समय पर इलाज जान बचा सकता है.
इन कैंसर में काम आएंगी दवाएं
सरकार ने अभी इन 17 दवाओं के सटीक नामों की पूरी लिस्ट सार्वजनिक नहीं की है. लेकिन ये ज्यादातर वे महंगी और इम्पोर्टेड दवाएं हैं जो कैंसर के विभिन्न प्रकारों के इलाज में इस्तेमाल होती हैं. ये दवाएं टारगेटेड थेरेपी, इम्यूनोथेरेपी, कीमोथेरेपी या अन्य एडवांस्ड ट्रीटमेंट के लिए होती हैं. इनसे कई तरह के कैंसर में मदद मिलती है. उदाहरण के तौर पर ये दवाएं निम्नलिखित प्रकार के कैंसर के इलाज में काम आ सकती हैं: ब्रेस्ट कैंसर, लंग कैंसर, ब्लड कैंसर या ल्यूकेमिया, कोलोरेक्टल कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर, ओवेरियन कैंसर, पैनक्रियाटिक कैंसर , लिवर कैंसर किडनी कैंसर और अन्य. ये सिर्फ कैंसर के संभावित प्रकार हैं, क्योंकि ये दवाएं कई कैंसर में ओवरलैप हो सकती हैं और टारगेटेड तरीके से काम करती हैं. असल लिस्ट आने पर और स्पष्ट होगा कि कौन-कौन सी दवाएं शामिल हैं, लेकिन ये हाई-कॉस्ट वाली और महत्वपूर्ण हैं.
मरीजों को थोड़ी राहत
इसके अलावा, बजट में एक और अच्छी घोषणा है. व्यक्तिगत इस्तेमाल के लिए विदेश से लाई जाने वाली कुछ चीजों पर शुल्क 20% से घटाकर 10% कर दिया गया है. इससे मरीजों को थोड़ी अतिरिक्त राहत मिलेगी, खासकर जब वे खुद अपनी दवाएं मंगवाते हैं. वित्त मंत्री ने यह भी बताया कि 7 और रेयर बीमारियों को इस लिस्ट में शामिल किया जा रहा है. इन बीमारियों के इलाज के लिए इस्तेमाल होने वाली दवाएं, दवाइयां और स्पेशल मेडिकल फूड्स के पर्सनल इम्पोर्ट पर आयात शुल्क से पूरी छूट मिलेगी. रेयर डिजीज बहुत कम लोगों को होती हैं, इसलिए उनकी दवाएं बहुत महंगी होती हैं और अक्सर विदेश से ही आती हैं. इस छूट से ऐसे मरीजों का आर्थिक बोझ काफी कम होगा.





