US ने किए 2000 टारगेट तबाह, ईरान में लगभग 800 मौतें, क्या युद्ध लेने वाला है अब और भयानक मोड़? जानें टॉप अपडेट्स
इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है. हजारों ठिकानों पर हमले, सैकड़ों मौतें और दूतावासों के बंद होने से पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर है. इसी बीच ईरान में सत्ता परिवर्तन की अटकलों ने हालात को और संगीन बना दिया है.
Israel-US-Iran War Updates: इजराइल ने बुधवार तड़के ईरान में एक बार फिर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए. वहीं अमेरिकी सेना ने कहा है कि ऑपरेशन में शामिल होने के बाद से वह इस्लामिक गणराज्य के अंदर करीब 2,000 ठिकानों को निशाना बना चुकी है.
ईरान ने रातभर में तीन अलग-अलग मिसाइल हमले इजराइल की ओर किए. ज्यादातर मिसाइलों को रोक लिया गया, हालांकि तेल अवीव में एक महिला को हल्की चोट आई. इसके बाद इजराइल ने हमले किए और अपने जवाब को 'व्यापक हमलों की लहर' बताया, जिसमें मिसाइल ढांचे और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया.
यूएस ने वॉर पर क्या कहा?
यूनाइटेड स्टेट्स सेंट्रल कमांड के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने कहा कि अमेरिकी बल बैलिस्टिक मिसाइलों और हर उस चीज को निशाना बना रहे हैं जो हम पर हमला कर सकती है. उन्होंने कहा कि यह तैनाती एक पीढ़ी में मध्य पूर्व में अमेरिका की सबसे बड़ी सैन्य तैयारी है और इसकी तुलना 2003 में इराक के खिलाफ चलाए गए 'शॉक एंड ऑ' ऑपरेशन से की. उन्होंने कहा, "हमने अभी शुरुआत की है."
इजराइल ने हमलों पर क्या कहा?
इजराइल ने मंगलवार को कहा कि उसने ईरान के मिसाइल लॉन्चर और एक परमाणु अनुसंधान केंद्र पर हमला किया. तेहरान में कई धमाकों की खबरें आईं और लोगों ने रातभर विस्फोटों की आवाजें सुनीं. एडमिरल कूपर ने दावा किया कि अमेरिकी बलों ने ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली को गंभीर रूप से कमजोर कर दिया है और सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल, लॉन्चर और ड्रोन नष्ट किए हैं. ईरान के अंदर से जानकारी सीमित मिल रही है, क्योंकि वहां मीडिया पर पूरी तरह से रोक लगा दी है.
आइये जानते हैं Israel-Iran-US जंग में क्या हैं बड़े अपडेट?
- अमेरिका ने दूतावास को लेकर क्या लिया फैसला?
सऊदी अरब, कुवैत और लेबनान में अमेरिकी दूतावासों को आम लोगों के लिए बंद कर दिया गया है. अमेरिका ने कई खाड़ी देशों से गैर-जरूरी कर्मचारियों और उनके परिवारों को निकालने का आदेश दिया है. एक दर्जन से ज्यादा मिडिल ईस्ट देशों में मौजूद अमेरिकियों को वहां से निकलने की सलाह दी गई है, हालांकि हवाई क्षेत्र बंद होने के कारण कई लोग फंसे हुए हैं.
- खामेनेई का बेटा ईरान का सुप्रीम लीडर
इस बीच ईरान में सत्ता हस्तांतरण को लेकर भी चर्चा तेज है. ईरान इंटरनेशनल की रिपोर्ट के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के दबाव में विशेषज्ञों की सभा ने मारे गए सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को उनका उत्तराधिकारी चुना है. हालांकि द न्यूयॉर्क टाइम्स ने अलग जानकारी दी और कहा कि वरिष्ठ मौलवी अब भी नए सर्वोच्च नेता के चयन पर विचार कर रहे हैं और कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है.
- इजराइल का कोम शहर पर हमला
एएनआई के अनुसार इजराइल ने क़ोम शहर में एक इमारत पर हमला किया, जहां वरिष्ठ मौलवी उत्तराधिकारी नियुक्त करने के लिए इकट्ठा हुए थे. यह स्थल विशेषज्ञों की सभा से जुड़ा बताया गया है. नुकसान और हताहतों की पूरी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है.
- ट्रंप ने जंग पर क्या कहा?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि यह संघर्ष कई हफ्तों तक चल सकता है. प्रशासन ने कई उद्देश्य तय किए हैं, जिनमें ईरान की मिसाइल क्षमता को खत्म करना, उसकी नौसेना को कमजोर करना, उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना और सहयोगी सशस्त्र समूहों को मिलने वाला समर्थन बंद कराना शामिल है.
- ट्रंप ने ईरान में उत्तराधिकारी बनने पर क्या कहा?
ओवल ऑफिस से ट्रंप ने कहा कि ईरान के पूर्व शाह के निर्वासित बेटे रजा पहलवी को उत्तराधिकारी बनाने पर गंभीर विचार नहीं हुआ है. उन्होंने कहा कि जिन संभावित नेताओं के बारे में सोचा गया था, वे अब मारे जा चुके हैं, लेकिन सत्ता परिवर्तन के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि मौजूदा सत्ता ढांचे के भीतर से कोई व्यक्ति आगे आ सकता है.
ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी के बीच ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी नौसेना होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले तेल टैंकरों की सुरक्षा के लिए तैयार है. ईरान इस रणनीतिक मार्ग को बंद करने की धमकी दे चुका है।
- US-Iran-Israel में कितने लोगों की हुई मौत?
ईरानी रेड क्रिसेंट के अनुसार संघर्ष शुरू होने के बाद से ईरान में कम से कम 787 लोग मारे गए हैं, हालांकि इन आंकड़ों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है. कुल मिलाकर ईरान में लगभग 800 मौतों की खबर है. ईरान ने इजराइल की ओर दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं, जिससे अब तक 11 लोगों की मौत हुई है.
लेबनान में हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइली हमलों में कम से कम 52 लोग मारे गए और संयुक्त राष्ट्र के अनुसार 30,000 से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. संयुक्त अरब अमीरात में तीन लोगों की मौत हुई, जबकि कुवैत और बहरीन में एक-एक व्यक्ति की जान गई. अमेरिकी सेना ने पुष्टि की है कि छह अमेरिकी सैनिक मारे गए, जिनमें चार अमेरिकी आर्मी रिजर्व के जवान शामिल हैं, जो रविवार को कुवैत में एक कमांड सेंटर पर ड्रोन हमले में मारे गए.




