Iran में ताबड़तोड़ हमले कर रहा Israel, अब बुशहर में एक पैसेंजर प्लेन को बनाया निशाना; न्यूक्लियर पावर प्लांट का क्या हुआ?
इज़रायल के दक्षिणी ईरान में जारी हमलों के बीच बुशहर एयरपोर्ट पर खड़ा Iran Air का एक यात्री विमान जमीन पर ही नष्ट हो गया. हताहतों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. तेहरान के Mehrabad International Airport के आसपास भी हमलों की खबर है.
Iran Israel US War: ईरान में इजरायली हमलों के बीच नागरिक उड्डयन और परमाणु परियोजनाओं पर भी असर पड़ने लगा है. ईरानी मीडिया के मुताबिक, दक्षिणी शहर बुशहर के एयरपोर्ट पर हुए हमले में Iran Air का एक यात्री विमान यानी पैसेंजर प्लेन जमीन पर ही नष्ट हो गया. यह हमला बुशहर एयरपोर्ट पर हुआ, जहां खड़ा विमान पूरी तरह तबाह हो गया.
फिलहाल, किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि विमान सेवा में था या नहीं. बुशहर फारस की खाड़ी के तट पर स्थित है. यहीं ईरान का एकमात्र सक्रिय परमाणु ऊर्जा संयंत्र (Nuclear Power Plant) भी है, जिससे हमलों के व्यापक प्रभाव को लेकर चिंता बढ़ गई है.
मेहराबाद एयरपोर्ट पर किसने किया हमला?
इससे पहले, तेहरान के मेहराबाद एयरपोर्ट पर भी हमला हुआ था. समाचार एजेंसी Mehr News Agency ने रनवे के पीछे धुएं का गुबार उठते हुए तस्वीरें जारी कीं. एजेंसी ने दावा किया कि अमेरिकी-ज़ायोनी आतंकियों ने मेहराबाद एयरपोर्ट के आसपास के इलाके को निशाना बनाया.
रूस ने क्या फैसला लिया?
- रूस की सरकारी परमाणु कंपनी Rosatom ने बुशहर परमाणु संयंत्र की नई इकाइयों के निर्माण कार्य को अस्थायी रूप से रोकने की घोषणा की है.
- रोसाटॉम प्रमुख अलेक्सी लिकाचेव ने कहा कि संयंत्र की दूसरी और तीसरी इकाई पर काम फिलहाल बंद कर दिया गया है.
- लिकाचेव ने बताया कि ईरान में इस समय 639 रूसी कर्मचारी मौजूद हैं। कुछ लोग तेहरान से निकल चुके हैं और लगभग 100 कर्मचारियों तथा उनके परिवारों को पहले ही सुरक्षित निकाला जा चुका है. उन्होंने कहा कि हवाई हमलों के बीच मिलने वाले विराम में निकासी अभियान जारी रहेगा.
- परमाणु संयंत्र के पास धमाकों की आवाजें सुनी गईं, हालांकि संयंत्र को सीधे निशाना नहीं बनाया गया, लेकिन हमलों के चलते संचार व्यवस्था प्रभावित हुई है.
नागरिक विमान के नष्ट होने और परमाणु परियोजनाओं के ठप पड़ने से संकेत मिलता है कि संघर्ष अब सैन्य ठिकानों से आगे बढ़कर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे और विदेशी परियोजनाओं को भी प्रभावित कर रहा है.




